हर वर्ष सभी शिक्षा परिषद् जैसे सीबीएसई, आईसीएसई, स्टेट बोर्ड और ओपन स्कूल, दसवीं और बारहवीं कक्षा के लिए बोर्ड परीक्षा आयोजित करते हैं। बोर्ड परीक्षा के बाद रिजल्ट का इन्तेज़ार परीक्षार्थी बड़े ही धैर्य के साथ करते हैं। बोर्ड परीक्षा का परिणाम छात्रों के लिए बहुत मायने रखता है क्योकि कक्षा 10 का परिणाम उनकी लाइफ में एक कदम आगे बढ़ने वाला एक मील का पत्थर होता है। दसवीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद ही एक बच्चे को ये निर्णय लेना होता है की वो आगे की पढ़ाई किस में करे की उसका भविष्य उज्जवल हो सके। सभी शिक्षा बोर्ड, परीक्षा के बाद से ही बोर्ड परिणाम घोषित करने की तैयारी में लग जाते हैं। अलग – अलग प्रदेशों में बोर्ड के अनुसार कक्षा 10 की परीक्षा को भी अलग – अलग नाम से ही जाना जाता है जैसे की एसएससी (Senior Secondary Certificate), हाई स्कूल, माध्यमिक आदि।

इस वर्ष 2018 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए सभी छात्र – छात्राएं अपने – अपने 10 वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम को यहाँ से देख सकते हैं। आप अपने बोर्ड के हिसाब से अपने रिजल्ट की जाँच नीचे दी गयी लिंक से कर सकते हैं।

10 वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम 2018 (10th Board Exam Result)

बोर्ड का नाम  कक्षा 10 परिणाम
सीबीएसई बोर्ड यहाँ देखें
आईसीएससी बोर्ड यहाँ देखें

10 वीं राज्य बोर्ड परीक्षा परिणाम 2018

राज्य बोर्ड कक्षा 10 परिणाम
बिहार बोर्ड यहाँ देखें
छत्तीसगढ़ बोर्ड यहाँ देखें
हरियाणा बोर्ड यहाँ देखें
हिमाचल प्रदेश बोर्ड यहाँ देखें
झारखण्ड बोर्ड यहाँ देखें
मध्य प्रदेश बोर्ड यहाँ देखें
पंजाब बोर्ड यहाँ देखें
राजस्थान बोर्ड यहाँ देखें
उत्तराखण्ड बोर्ड यहाँ देखें
उत्तर प्रदेश बोर्ड यहाँ देखें

आप ऊपर दी गयी लिंक के माध्यम से भारत के प्रमुख्य राज्यों के रिजल्ट आप देख सकते हैं। परीक्षा परिणाम का समय कुछ बच्चों के लिए बहुत अच्छा होता है और कुछ बच्चों के लिए बहुत ही कठिन। मैं आशा करता हूँ की आप सभी परीक्षार्थियों को बोर्ड में अच्छे अंक प्राप्त हों। आप यहाँ नीचे से कुछ प्रमुख्य बोर्ड की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

यूपी बोर्ड

यूपी बोर्ड यानी की माध्यमिक शिक्षा परिषद्, उत्तर प्रदेश में कक्षा 10 व 12 की परीक्षा करने वाली संस्था है तथा यह विश्व की सबसे बड़ी परीक्षा संचालित करने वाली संस्था है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश की स्थापना 1921 में इलाहाबाद में संयुक्त प्रान्त वैधानिक परिषद (यूनाइटेड प्रोविन्स लेजिस्लेटिव काउन्सिल) के एक अधिनियम द्वारा की गई थी। यूपी बोर्ड ने सबसे पहले 1923 में परीक्षा आयोजित की थी तथा यह भारत का पहला शिक्षा बोर्ड था जिसने सबसे पहले 10+2 की परीक्षा पद्धति अपनायी थी। इस पद्धति के अंतर्गत्त प्रथम सार्वजनिक (बोर्ड) परीक्षा का आयोजन 10 वर्षों की शिक्षा उपरांत, जिसे हाई-स्कूल परीक्षा एवं द्वितीय सार्वजनिक परीक्षा 10+2 = 12 वर्ष की शिक्षा के उपरांत दिये जाते हैं, जिसे इंटरमीडियेट परीक्षा कहते हैं। इसके पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय ‘हाई स्कूल‘ एवं ‘इण्टरमिडिएट‘ की परीक्षाएं आयोजित करता था।

एमपीएसई

एमपीएसई या मध्य प्रदेश बोर्ड या माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश राज्य में स्कूल शिक्षा का मंडल है। एमपीबीएसई अपने से संबद्ध विद्यालयों के कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक के छात्रों के लिए, शिक्षा का पाठ्यक्रम निर्धारित करता है, और एक वर्षिक परिक्षा आयोजित करा उनका मुल्याकंन भी अपनी देख-रेख में करवाता है। यह तीन बोर्ड की परीक्षाएं आयोजित करता है: आठवीं कक्षा के लिए मध्य विद्यालय परीक्षा, दसवीं कक्षा के लिए हाई स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा और बारहवीं कक्षा के लिए उच्च माध्यमिक (स्कूल) प्रमाण पत्र (एचएससी) परीक्षा।

जेएसी बोर्ड

Jharkhand Academic Council यानी की झारखण्ड बोर्ड रांची, झारखण्ड में इंटरमीडिएट शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, संस्कृत शिक्षा और मदरसा शिक्षा आदि की परीक्षाओं के पाठ्यक्रमों को निर्धारित करने और इंटरमीडिएट शैक्षिक संस्थानों, उच्च विद्यालय, संस्कृत की मान्यता के लिए सिफारिश करने और परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए स्थापित किया गया था।

राजस्थान बोर्ड

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान (Board of Secondary Education, Rajasthan) राजस्थान, भारत में स्कूल स्तर की शिक्षा के लिए एक बोर्ड है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, राजस्थान, राजस्थान सरकार का एक सरकारी अभिकरण है। राजस्थान बोर्ड, राजस्थान में माध्यमिक शिक्षा के संवर्धन और विकास के लिए उत्तरदायी है। बोर्ड को वर्ष 1957 में स्थापित किया गया था। राजस्थान बोर्ड का मुख्यालय अजमेर में स्थित है।

सीबीएसई बोर्ड

सीबीएसई अर्थात केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, भारत में सबसे प्रमुख शिक्षा बोर्ड है। भारत के अंदर तथा भारत के बाहर इससे संबद्धित स्कूल बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं। इसका प्रमुख उद्देश्य – शिक्षा संस्थानों को अधिक प्रभावशाली ढंग से लाभ पहुंचाना तथा उन विद्यार्थियों की शैक्षिक आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी होना जिनके माता-पिता केन्द्रीय सरकार के कर्मचारी हैं और निरंतर स्थानान्तरणीय पदों पर कार्यरत हैं। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में शिक्षा का माध्यम हिन्दी या अंग्रेजी है। इसमें कुल 897 केन्द्रीय विद्यालय, 1761 सरकारी विद्यालय, 5827 स्वतंत्र विद्यालय, 480 जवाहर नवोदय विद्यालय और 14 केन्द्रीय तिब्बती विद्यालय सम्मिलित हैं।

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