12वीं पास होने के बाद अभियार्थी बहुत परेशान से रहते हैं की क्या किया जाये, किसी से पूछने पर अधिकतर लोग इंजीनियरिंग, डॉक्टर आदि जैसे कोर्स की सलाह ही देते हैं। लेकिन आपके पास इससे भी अच्छे विकल्प मौज़ूद है। जैसा की आपको पता ही है की किसी भी व्यक्ति की प्रारंभिक ज़रूरतें रोटी, कपड़ा और मकान है। तो अगर आप इनसे जुड़े कोई कोर्स करते है तो आप एक अच्छा रोजगार तलाश सकते हो।

भारत में कृषि इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता के दौर से चली आ रही है। कृषि हमारी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत शुरुआत से ही कृषि प्रधान देश रहा है। आज भी भारत की लगभग आधी से ज्यादा आबादी एग्रीकल्चर से जुड़ी हुई है इसी कारण आज भी भारत, एग्रीकल्चर के क्षेत्र में दुनिया भर में दूसरे स्थान पर है। एग्रीकल्चर और इससे संबंधित क्षेत्रों जैसे वानिकी और मत्स्य पालन की, 2013 की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) में 13.7% की हिस्सेदारी थी। भारतीय एग्रीकल्चर, भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एग्रीकल्चर या कृषि का नाम सुनते ही मन में बस एक ही बात आती है की इतना पढ़ के किसान बनूँगा/बनूँगी क्या ? तो इस लेख में हम आपकी इस सोच को बदलना चाहेंगे की एग्रीकल्चर का मतलब सिर्फ किसान बनना नहीं होता है।

एग्रीकल्चर क्या है ?

  • एग्रीकल्चर शब्द एक लैटिन शब्द है। ये दो शब्दों से मिल कर बना है – ‘Ager’+’Culture’ से। “Ager” का मतलब होता है “मिट्टी” और “culture” का मतलब होता है “संस्कृति“। अन्य शब्दों में,
  • “पौधों या पशुओं से सम्बंधित उत्पादों की खेती करना या उत्पादन करना एग्रीकल्चर कहलाता है।”
  • एग्रीकल्चर या कृषि के अंतर्गत फसल उत्पादन, पशुपालन और डेयरी विज्ञान, कृषि रसायन और मृदा विज्ञान, बागवानी, कृषि अर्थशास्त्र, कृषि इंजीनियरिंग, वनस्पति विज्ञान, प्लांट पैथोलॉजी, विस्तार शिक्षा और कीटनाशक शामिल हैं। ये कोर्सेज भी अब अपना अलग-अलग शाखाओं में विस्तार कर रहे हैं। पूरे देश में कई कृषि विश्वविद्यालय स्थापित हैं।

पारंपरिक खेती या Conventional Agriculture

“परंपरागत कृषि, प्रमुख खेती प्रथाओं और एक विशेष क्षेत्र में किसान द्वारा अनुकूलित फसल उत्पादन की व्यवस्था को कहते हैं।” जैसे की पहाड़ी वाले क्षेत्र में किस प्रकार की खेती होनी चाहिए या काम पानी वाले क्षेत्र में किस प्रकार की।

एग्रीकल्चर को एक विज्ञान, एक कला और व्यवसाय के रूप में समझा जा सकता है क्योकि एग्रीकल्चर इन सब का एक मिश्रण है।

  • विज्ञान: क्योंकि यह प्रजनन और आनुवंशिकी के ज्ञान को डेयरी विज्ञान की आधुनिक तकनीक की मदद से फसल और जानवरों के एक नए और बेहतर नस्ल को प्रदान करता है।
  • कला: क्योंकि फसल या पशुपालन दोनों एक कला ही है की कैसे इन सब को व्यवस्थित करना है।
  • वाणिज्य (व्यापार): क्योंकि पूरे कृषि उत्पादन ही विपणन से जुड़ा हुआ है, जो लाभ या हानि के पर सवाल करता है।

एग्रीकल्चर एक बहुत व्यापक शब्द है जिसमें फसल उत्पादन, पशुओं की खेती, मत्स्य पालन, वानिकी आदि के सभी पहलुओं को शामिल किया गया है।

एग्रीकल्चर कोर्स

एग्रीकल्चर कोर्स के द्वारा विभिन्न प्रकार के करियर के लिए छात्रों को तैयार किया जाता है, जिसमें पशुपालन, खेती, कृषि विज्ञान या बागवानी प्रबंधन शामिल हैं।एग्रीकल्चर कोर्स डिप्लोमा, स्नातक और परा-स्नातक डिग्री शामिल हैं। इन कोर्स में छात्रों को कृषि और बागवानी की मूल बातें सीखते हैं साथ ही साथ ‘एग्रीकल्चर का व्यवसाय कैसे चलाना है’ आदि ये सब सिखाते हैं। सामान्य कृषि वर्गों में छात्र आम तौर पर क्या सीखते हैं इसका विवरण प्राप्त करने के लिए पढ़ें।

एग्रीकल्चर कोर्स में सिखाए जाने वाले कुछ सामान्य गुण:

  • कृषि व्यवसाय
  • कृषि विज्ञान
  • स्थायी कृषि
  • कृषि शिक्षा
  • कृषि संसाधन प्रबंधन

एग्रीकल्चर में पढ़ने के कुछ विशेष क्षेत्र

प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)

इस कोर्स में वानिकी(वन विज्ञान), मिट्टी और वन्यजीव से जुड़े विषयों को पढ़ाया जाता है। छात्रों को ऊर्जा स्रोतों, जैसे कि इलेक्ट्रिक मोटर्स और कंबुशन इंजन और साथ ही सरकारी नियमों और कार्यक्रम जो प्राकृतिक संसाधन संरक्षण से संबंधित हैं, आदि की जानकारी दी जाती है।

मूल बागवानी (Basic Horticulture)

बागवानी एक ऐसा विज्ञान है जो पौधों की, बागवानी और प्राकृतिक विकास का अध्ययन करती है। इस कोर्स में छात्रों को पौधे की वृद्धि और विकास को नियंत्रित करने में कौशल विकसित करने में मदद मिलती है। अध्ययन के विशिष्ट विषयों में पौधे उत्पादन, छंटाई, पौधे की वृद्धि और भंडारण प्रक्रियाओं के नियम शामिल हैं।

जंतु विज्ञान (Animal Science)

एग्रीकल्चर कोर्स पर फोकस करते हुए, पशु विज्ञान पर भी ध्यान दे सकते हैं इसमें सभी जानवरों पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में बताते है घोड़ों, गायों और अन्य खेत जानवर इसमें विशिष्ट हैं। इस कोर्स में छात्र जैविक दृष्टिकोण से पशु विकास के बारे में जान सकते हैं जैसे पशु उत्पादों, पशु आहार और पशु प्रजनन में इसके विशिष्ट विषय हैं। पशु विज्ञान पाठ्यक्रम के दौरान, छात्र पशु उद्योग के इतिहास, पशु रोग और पशु पालन में वर्तमान रुझान भी सीखते हैं।

मिट्टी और कीटनाशक (Soils and Pesticides)

कृषि के छात्रों को मिट्टी और कीटनाशकों के बारे में जानने के लिए रासायनिक प्रक्रिया और प्रभाव को समझाया जाता है कि कौन से तत्व फसल विकास के लिए अच्छे हैं। मिट्टी और कीटनाशक के कोर्स में पानी और मिट्टी, उर्वरक उपयोग और मिट्टी के निर्माण का संरक्षण शामिल है। यह एक ऐसा पाठ्यक्रम है जो व्याख्यान और प्रयोगशाला में सिखाया जाता है ताकि छात्र अच्छे से चीज़ों को समझ सके और अपने कौशल को विकसित कर सकें।

खाद्य सिस्टम (Food Systems)

चाहे कृषि उत्पाद में फसल या पशु भोजन, किसानों और अन्य लोगों को उपलब्ध कराया जाए, उन्हें यू.एस. खाद्य प्रणाली और प्रक्रियाओं की एक मजबूत समझ की आवश्यकता है। इस कोर्स में छात्र अमेरिकी खाद्य प्रणाली का अध्ययन करते हैं क्योंकि यह वर्तमान अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य कारकों और विनियामक कानूनों से संबंधित है। अध्ययन के विशिष्ट विषयों में राजनीतिक व्यवस्था, स्वास्थ्य, पर्यावरण, खाद्य खुदरा बिक्री और अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नियम शामिल हो सकते हैं।

एग्रीकल्चर कोर्स एवं योग्यता

एग्रीकल्चर में कैरियर बनाने के लिए कोर्स निम्नवत है –

एग्रीकल्चर सर्टिफिकेट कोर्स

10वीं या 12वीं के बाद आप एग्रीकल्चरल सर्टिफिकेट प्रोग्राम में भाग ले सकते हैं। इस कोर्स की अवधि 1-2 साल के बीच की होती है।

  • सर्टिफिकेट इन एग्रीकल्चर साइंस
  • सर्टिफिकेट इन फ़ूड एंड बेवरीज सर्विस
  • सर्टिफिकेट इन बायो-फ़र्टिलाइज़र प्रोडक्शन

एग्रीकल्चर डिप्लोमा कोर्स

10 वीं या 12 वीं को पूरा करने के बाद डिप्लोमा किया जा सकता है। इस कोर्स की अवधि आम तौर पर 3 साल होती है। लेकिन, संस्थान और कोर्स प्रकार के आधार पर, यह 1-3 साल के बीच भी कहीं-कहीं हो सकती है।

  • डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर
  • डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एंड अलाइड प्रैक्टिस
  • डिप्लोमा इन फ़ूड प्रोसेसिंग

स्नातक कोर्स

बी.ई. या बीटेक कार्यक्रम इंजीनियरिंग डिग्री पाठ्यक्रम हैं। ये शैक्षणिक कार्यक्रम 4 साल लंबा हैं। इसके लिए 10 + 2 उत्तीर्ण (विज्ञान धारा) होना आवश्यक है।

  • बी.टेक इन एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग
  • बी.टेक इन एग्रीकल्चरल इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी
  • बी.टेक इन एग्रीकल्चर एंड डेरी टेक्नोलॉजी
  • बी.टेक इन एग्रीकल्चरल एंड फ़ूड इंजीनियरिंग

बीएससी बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी), यह कार्यक्रम 3 साल लंबा हैं। इसके लिए 10 + 2 उत्तीर्ण (विज्ञान धारा) उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

  • बी.एससी इन एग्रीकल्चर
  • बी.एससी (Honors) इन एग्रीकल्चर
  • बी.एससी इन क्रॉप साइकोलॉजी
  • बी.एससी इन डेरी साइंस
  • बी.एससी इन फिशरीज साइंस
  • बी.एससी इन प्लांट साइंस

बीबीए (बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन), यह एक स्नातक स्तर के प्रबंधन कार्यक्रम है। इस कोर्स की अवधि 3 साल है। इस कोर्स को करने के लिए 10 + 2 होना आवश्यक है।

  • बीबीए इन एग्रीकल्चर मैनेजमेंट

परा-स्नातक कोर्स

मास्टर डिग्री, पीजी डिप्लोमा और पीजी प्रमाणपत्र कार्यक्रम पीजी (स्नातकोत्तर) स्तर के पाठ्यक्रम हैं। बैचलर डिग्री कोर्स पूरा करने वाले उम्मीदवार इन पाठ्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए पात्र हैं।

  • एम.एससी इन एग्रीकल्चर
  • एम.एससी इन बायोलॉजिकल साइंस
  • एम.एससी इन एग्रीकल्चर बॉटनी

डॉक्टरल कोर्स

पीएचडी एक शोध आधारित डॉक्टरेट कार्यक्रम है। ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने प्रासंगिक पीजी कोर्स पूरा कर लिया है, वे इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए पात्र हैं।

  • डॉक्टर ऑफ़ फिलोसॉफी इन एग्रीकल्चर
  • डॉक्टर ऑफ़ फिलोसॉफी इन एग्रीकल्चर बायोटेक्नोलॉजी
  • डॉक्टर ऑफ़ फिलोसॉफी इन एग्रीकल्चरल एंटोमोलॉजी

एग्रीकल्चर में करियर

वर्तमान समय में, प्रशिक्षित पेशेवरों कृषि क्षेत्र के जानकारों की मांग एग्रीकल्चर क्षेत्र में बहुत ज्यादा है। भारत में, एग्रीकल्चर नौकरी के लिए छात्रों के पास पसंदीदा विकल्प के रूप में एग्रीकल्चर साइंस एक है। एग्रीकल्चर से सम्बंधित कोई कोर्स करने के बाद, आप सरकारी और निजी संगठनों में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आज एग्रीकल्चर स्नातक उम्मीदवारों के लिए विभिन्न रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। यह फ़ील्ड आपको अत्यधिक भुगतान वाले नौकरियों की ओर आसानी से ले जा सकता है।

  • एग्रीकल्चर क्षेत्र बागवानी, मुर्गी पालन, पौध विज्ञान, मृदा विज्ञान, खाद्य विज्ञान, पशु विज्ञान आदि में नौकरी के अवसर प्रदान करता है। अन्य एग्रीकल्चर क्षेत्रों में आकर्षक रिटर्न देने वाले क्षेत्र में बागवानी, डेयरी और पोल्ट्री फार्मिंग शामिल हैं।
  • स्वयं के रोजगार के अवसर भी इस क्षेत्र में उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र में और कुछ अनुभव के साथ स्नातक स्तर की पढ़ाई पूरी करने के बाद, आप कृषि व्यवसाय, कृषि उत्पादों की दुकान, कृषि उद्योग आदि जैसे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
  • कृषि में अपनी स्नातकोत्तर डिग्री पूरी करने के बाद, आप एक पर्यवेक्षक, वितरक, शोधकर्ता और इंजीनियर के रूप में काम कर सकते हैं।

एग्रीकल्चर नौकरी

  • फसल विशेषज्ञ
  • उर्वरक बिक्री प्रतिनिधि
  • खाद्य सूक्ष्मजीवविज्ञानी
  • खाद्य शोधकर्ता
  • संयंत्र आनुवंशिकीविद्
  • मिट्टी सर्वेक्षक
  • फार्म प्रबंधक
  • एग्रीकल्चर इंजीनियर
  • कृषि शोधकर्ता

25 टिप्पणी

  1. सर मैनें कक्षा12गणित वर्ग से पास क्या है मै कृषि विभाग के बीज व उर्वरक अनुसन्धान में जाने की रूची रखता हूँ कृपया मेरा मार्गदर्शन करें तथा इसके विषय में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करे।
    धन्यवाद

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