जैसा कि आप जानते हैं कि कल सीबीएसई कक्षा 10 का हिन्दी का पेपर है। और सभी परीक्षार्थी अपने पेपर की तैयारी करने में लगे हैं। आपको पता ही होगा कि हिन्दी का पेपर कैसा आता है और उसमें क्या क्या पूछा जाता है। अगर आप सीबीएसई कक्षा 10 का हिन्दी का पेपर पैटर्न देखना चाहते हैं तो यहां से देख सकते हैं। आपको पता होगा कि आपके पेपर में आपको एक पत्र लिखने के लिए आएगा। पत्रत्र लिखने का एक फार्मेट होता है। और अगर आप सही फार्मेट में लिखते हैं तो आपको अच्छे और पूरे नंबर मिलेंगे। और अगर आपने फार्मेट सही नहीं लिखा है तो आपके नंबर कट जाएंगे। तो आज हम आपको बताते हैं कि आपको पत्र कैसे लिखना चाहिए।

पत्र लेखन

जैसा कि आप जानते हैं कि पत्र दो प्रकार के होते हैं। एक फॉर्मल पत्र यानी कि औपचारिक पत्र दूसरे इनफार्मल पत्र यानी कि अनौपचारिक पत्र। हम आपको पहले बताते हैं कि आपको अनौपचारिक पत्र कैसे लिखना है। अनौपचारिक पत्र लिखने का सही फार्मेट क्या होता है।

अनौपचारिक पत्र

जब भी आप अनौपचारिक पत्र लिखते हैं तो अपने से छोटों के लिए प्रिय और बराबर वालों के लिए प्रिय और अपने से बडों के लिए पूज्य या पूजनीय या आदरणीय लगाते है। और पता की जगह परीक्षा भवन और दिनांक लिखते हैं। उसके बाद संबोधन, अभिवादन करते हैं। और फिर पहले पैरा में विषय प्रतिपादन, दूसरे पैरा में विषय के बारे में, और तीसरे पैरा में औपचारिक बातें लिखते हैं। जैसे कि-

परीक्षा भवन,
00.00.2018

पूज्य पिताजी,

सादर चरण- स्पर्श


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आपका या आपकी आज्ञाकारी
क ख ग

औपचारिक पत्र

सेवा में,
प्रधानाचार्य
उदय प्रताप कॉलेज
वाराणसी
विषय- स्थानांतरण प्रमाण पत्र हेतु अनुरोध
मान्यवर,
सविनय निवेदन है कि———————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————-

आपकी अति कृपा होगी।
आपका आज्ञाकारी शिष्य
क ख ग
कक्षा-
दिनांक-

संवाद लेखन

आपके पेपर में सवांद भी लिखने को आता है। जब भी संवाद लिखें इन बातों का ध्यान जरूर रखें।

  • आपके संवाद की भाषा सरल और संक्षिप्त हो।
  • संवाद रोचक होने चाहिए।
  • संवाद जो भी सुने उस पर प्रभाव डालें ऐसे हों।
  • संवाद विषय और पात्र के अनुकूल हों।

संवाद लेखन उदाहरण

महिला ( एक )- अरे! काजल आज तुम बहुत दिनों बाद दिखाई दीं कहां थीं

महिला (दूसरी)- माता जी की तबीयत खराब हो गई थी इसलिए इधर आना नहीं हुआ।

महिला ( एक )- अरे! क्या हो गया था?

महिला (दूसरी)- उनके पैरों में काभी दर्द था। जिस कारण वो चल नहीं पा रहीं थीं।

महिला ( एक )- अब ढीक हैं माता जी?

महिला (दूसरी)- हां! अब पहले से आराम है।

अनुच्छेद लेखन

अनुच्छेद लेखन के लिए ध्यान रखने योग्य कुछ बातें

  1. यह एक ही अनुच्छेद(पैराग्राफ) में लिखा जाता है।
  2. यह मुख्य विषय को आधार बना कर लिखा जाता है।
  3. शब्दों का प्रयोग इस प्रकार हो की बड़े से बड़े वाक्य में एक शब्द एक बार ही उपयोग हो।
  4. विषय वर्णन इस प्रकार हो कि वो आकर्षक लगे, अशुद्धि रहित हो और वाक्य क्रम में हों।
  5. अनुच्छेद अक्सर 90-120 शब्दों में लिखा जाता है।
  6. निबंध विस्तार में होता है जबकि अनुच्छेद लेखन का मतलब विस्तार को संक्षेप में लिखना होता है।

अनुच्छेद उदाहरण

विषय – कंप्यूटर युग 
शब्द – विज्ञान, वैज्ञानिक, चिकित्सा, दुष्प्रभाव।

आज के युग को विज्ञान का युग कहा जाता है। किसी देश का विकास उसके वैज्ञानिक, औद्योगिक व तकीनीकी प्रगति पर निर्भर करता है। आज कंप्यूटर बैंक, रेलवे-स्टेशन, हवाई-अड्डे, डाकखाने, कारखाने, व्यवसाय हर क्षेत्र में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंप्यूटर के अविष्कार ने जीवन को सरल, सुगम और सुविधाजनक बना दिया है। बिल भरना, रेलवे या हवाई जहाज के टिकट करवाना, परीक्षा परिणाम देखना, अपने हाल-चल एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को देना आदि अनेक कार्य है जो की कंप्यूटर के मदद से बहुत ही आसान हो गए हैं। कंप्यूटर ने चिकित्सा के क्षेत्र में भी अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है। जैसे की इसके बहुत सारे फायदे हैं वैसे ही इसके बहुत सारे दुष्प्रभाव भी हैं। इसका दुष्प्रभाव उसके संबंधों के सीमित होने, साधन को साध्य मानने, स्वास्थ और सामाजिक जीवन में कमी आने के रूप में देखने को मिल रहा है। मनुष्य को समझना चाहिए की वह इसका दास नहीं है, इसे सिर्फ एक साधन माने और इसका उचित उपयोग तभी करे जब ज़रुरत हो तभी उसका जीवन सफल होगा और वह विकास की तरफ अग्रसर होगा।

विज्ञापन लेखन

विज्ञापन लेखन के सम्बन्ध में ध्यान रखने योग्य कुछ बातें।

  1. विज्ञापन आकर्षक होना चाहिए।
  2. विज्ञापन प्रभावशाली होना चाहिए अर्थात कम शब्दों में अधिक बात हो और ध्यान आकर्षित करने वाली पंक्ति लिखे।
  3. विज्ञापन के लिए किसी चित्र या रेखाचित्र का उपयोग करें।
  4. विज्ञापन सम्बंधित विषय की विशेषता बताने वाला होना चाहिए।
  5. विज्ञापन बॉक्स बना कर प्रस्तुत करना चाहिए। इसका अधिक प्रभाव पड़ता है।
  6. विज्ञापन ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए संगीन पेन्सिल का उपयोग कर सकते हैं।

विज्ञापन उदाहरण

चित्र वर्णन

चित्र वर्णन मतलब किसी दिए गए चित्र को देख कर उसके बारे में कुछ वाक्य लिखना। अर्थात उस चित्र को देख कर क्या समझ आता है की वो किसके बारे में है। उससे क्या जानकारी मिलती है। उसका महत्व क्या है आदि।

चित्र वर्णन के सम्बन्ध में ध्यान रखने योग्य कुछ बाते।

  1. चित्र वर्णन के लिए उपयोग की गयी भाषा सरल और स्पष्ट वाक्यों में हो तथा वाक्य छोटे हों।
  2. यदि चित्र के साथ शब्द दिए गए हैं तो उन शब्दों के माध्यम से उस चित्र का वर्णन किया गया हो।
  3. चित्र वर्णन में चित्र की स्तिथि को देख कर एक ही भाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
  4. चित्र का सार अर्थात केंद्रीय भाव प्रारम्भ या अंत में अवश्य रूप से लिखना चाहिए।

उदाहरण

धरती पर जीवन जीने के लिये भगवान से हमें बहुमूल्य और कीमती उपहार के रुप में प्रकृति मिली है। दैनिक जीवन के लिये उपलब्ध सभी संसाधनों के द्वारा प्रकृति हमारे जीवन को आसान बना देती है। एक माँ की तरह हमारा लालन-पालन, मदद, और ध्यान देने के लिये हमें अपने प्रकृति का धन्यवाद करना चाहिये। अगर हम सुबह के समय शांति से बगीचे में बैठे तो हम प्रकृति की मीठी आवाज और खूबसूरती का आनन्द ले सकते है। हमारी कुदरत ढ़ेर सारी प्राकृतिक सुंदरता से सुशोभित है जिसका हम किसी भी समय रस ले सकते है। पृथ्वी के पास भौगोलिक सुंदरता है और इसे स्वर्ग या शहरों का बगीचा भी कहा जाता है। लेकिन ये दुख की बात है कि भगवान के द्वारा इंसानों को दिये गये इस सुंदर उपहार में बढ़ती तकनीकी उन्नति और मानव जाति के अज्ञानता की वजह से लगातार ह्रास हो रहा है।

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