हिमाचल प्रदेश बोर्ड ने कक्षा 10 वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है और इसके साथ ही प्रदेश को कई होनहार बच्चे मिले हैं जिसमे हर साल की तरह इस साल भी लड़कियों ने बाज़ी मारी है और सबसे बड़ी बात तो यह है कि टॉप 10 में पूरे 58 बच्चे हैं जी हाँ इस बार के होनहारों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है पहले नंबर पर दो होनहार लड़कियाँ हैं ,प्रितांजलि सेन और अनविक्षा दोनों ने ही एक समान अंक प्राप्त किये हैं। रिजल्ट के घोषित होते ही दोनों के परिवारों में बहुत ख़ुशी का माहौल है दोनों ही बहुत ही मेहनती लड़कियाँ है और दोनों ने ही अपने परिवारों का नाम गर्व से ऊँचा किया है।

टॉप 3 में 8 में से सात लडकियां

ऐसा पहली बार हुआ है या नही पर इस बार जरूर हुआ है जहाँ टॉप 3 का मतलब होता था केवल टॉप के 3 बच्चे वही इस बार टॉप 3 में पूरे 8 बच्चे हैं  जिसमे से सात तो केवल लड़कियाँ हैं और अगर बात की जाए टॉप 10 में आये 58 बच्चों की तो इसमें केवल 17 ही लड़के हैं .

  • इसमें गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल करसोग के दो छात्रों ने बाज़ी मारी है पहले है प्रितांजलि सेन और दूसरे है 10 नंबर पर आये सानिध्य
  • वहीं “थे न्यू एरा स्कूल ऑफ़ साइंस ” के चार विद्यार्थियों ने टॉप 10 में अपनी जगह बनायीं है।
  • सनशाइन स्कूल के 3 बच्चो ने बाज़ी मारी है।

बहुत सारे छात्र टॉप 10 में अपनी जगह नहीं बना पाए पर उन्हें निराश होने की जरुरत नहीं है बहुत सारे बच्चो के एक समान नंबर हैं और सभी के अंको में भी बहुत ज्यादा अंतर नहीं है मसलन सभी ने बहुत अच्छा परफॉर्म किया है इस साल का परिणाम 63.39 % रहा जो कि पिछले साल से 4 फीसदी कम है , आइये जानते कि इन होनहारों के सपने क्या है।

प्रितांजलि सेन का सपना है आईएएस बनने का

प्रितांजलि सेन जिन्होंने हिमाचल प्रदेश की कक्षा 10 की परीक्षा में पूरे प्रदेश में टॉप किया है वे बड़े होकर आईएएस बनना चाहती हैं और देश की सेवा करना चाहती हैं उन्होंने बताया की उन्हें घर पर हमेशा पढाई का माहौल मिला और उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और शिक्षकों को दिया है उन्होंने कहा कि उन्होंने ये  सफलता कड़ी मेहनत से प्राप्त की है।

 अनविक्षा बनना चाहती है डॉक्टर

अनविक्षा जो कि प्रितांजलि सेन के सामान अंक लाकर पहले स्थान पर आयी हैं उनका सपना डॉक्टर बन कर लोगो की मदद करने का है। वे मंडी जिले के बटेड़ा गांव की रहने वाली हैं।अनविक्षा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अध्यापकों और माता-पिता के मार्गदर्शन को दिया। वर्तमान में अनविक्षा ने जमा एक कक्षा में मेडिकल संकाय में दाखिला लिया है।

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