सीबीएसई इस बार 2019 के प्रश्न पत्रों में कुछ बड़े बदलाव कर रही है। ऐसा अवसर सीबीएसई ने पहले कभी नहीं दिया है। जो वर्ष 2019 बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को मिलने वाला है। ये छात्रों के लिए बिल्कुल नया अवसर है। पहले छात्रों को प्रश्न पत्रों में जहाँ केवल लॉन्ग प्रश्नों में ही विकल्प मिलता था अब छात्र शॉर्ट प्रश्नों में भी विकल्प चुन सकेंगे। शॉर्ट प्रश्नों पर विकल्प केवल 10 वीं और 12 वीं के 55 विषयों पर ही मिलेंगे। सीबीएसई के 10 वीं और 12 वीं के बोर्ड प्रश्न पत्रों में विकल्प वाले प्रश्नों की संख्या ज्यादा करने से छात्र ज्यादा प्रश्न हल कर सकेंगे। इससे साफ़ है कि छात्रों को अब प्रश्नों को चुनने में ज्यादा विकल्प मिलेंगे। यह सुविधा पहली बार सीबीएसई द्वारा 10 वीं और 12 वीं बोर्ड के लिए लागू की जा रही है। 12 वीं सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम के आधार पर बॉर्ड ने फ़ैसला लिया है कि इस वर्ष के परीक्षाओं में कुछ बदलाव किए हैं। 10 वीं और 12 वीं कक्षा के बोर्ड प्रश्न पत्रों में अभी तक केवल लम्बे प्रश्नों में ही छात्रों को विकल्प दिया जाता था। जिससे छात्रों को शॉर्ट प्रश्नों को करने में बहुत अधिक कठिनाई आती थी। पर अब छात्रों को 10 वीं और 12 वीं के बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्रों में शॉर्ट प्रश्नों में भी विकल्प दिया जाएगा। इससे छात्रों को शॉर्ट प्रश्नों को हल करने में भी आसानी होगी।

सीबीएसई ने यह विकल्प अभी केवल 10 वीं और 12 वीं बोर्ड के 55 विषयों के लिया ही लागू किया है। विकल्प अब सारे लॉन्ग प्रश्न के साथ शार्ट प्रश्नों में भी दिए जाएंगे। जिससे छात्रों को प्रश्नों को चुनने में ज्यादा विकल्प मिलेगा। 55 विषयों में से 12 वीं कक्षा के 40 विषयों में और 10 वीं कक्षा के 15 विषयों में 11 प्रश्नों का विकल्प मिलेगा। अब ऐसे 55 विषयों में छात्रों को 10 से 11 प्रश्नों में विकल्प मिलेंगे। इससे छात्र हर प्रश्न को करने के काबिल होंगे। पहले केवल छात्रों को लॉन्ग प्रश्नों में ही विकल्प दिया जाता था। अब 10 वीं और 12 वीं के 55 विषयों में 11 प्रश्नों पर विकल्प होने से छात्रों को शॉर्ट प्रश्नों को हल करने में भी आसानी होगी। इससे विद्यार्थी खुद से चुन पाएंगे कि उन्हें कौन से प्रश्नों के उत्तर देने हैं।

ख़बरों के मुताबिक 2019 के 10 वीं बोर्ड परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए छात्रों को प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा साथ में ही उत्तीर्ण करनी होगी। ऐसा केवल वर्ष 2018 के बोर्ड परीक्षा तक ही लागू किया गया था। पर अब बोर्ड की तरफ से आए एक फैसले से यह पता चला है कि छात्रों को प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा अलग-अलग पास नहीं करनी होगी। यानि कि छात्रों के प्रैक्टिकल और थ्योरी के अंकों को साथ में ही गिना जाएगा। सीबीएसई की चेयरमैन अनीता कारवाल के मुताबिक इस वर्ष 10 वीं के छात्रों को पास होने के लिए केवल 33 फीसदी अंक लाने होंगे वो भी प्रैक्टिकल और थ्योरी एग्जाम के अंकों को मिला कर। क्योंकि मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक छात्रों को प्रैक्टिकल और थ्योरी में पास होने के लिए अलग-अलग अंक लाने होते थे। पर अब इसमें बदलाव किए गए हैं।

एक अन्य ख़बर के मुताबिक ऐसा माना जा रह है कि सीबीएसई 2019 में प्रश्न पत्र को छात्रों के लिए आसान रखेगी। 2019 में 10 वीं और 12 वीं के बोर्ड परीक्षा में छात्रों को राहत दी जाएगी। सीबीएसई की आधिकारिक साइट cbse.nic.in  पर 10 वीं  सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम  जारी हुए। इस वर्ष के इंटरनल चॉइस क्वेश्चन में बढ़ोतरी की जाएगी। ये केवल 10 वीं और 12 वीं के कुछ विषयों में ही किए जायेंगे। सीबीएसई इस वर्ष 10 वीं और 12 वीं बोर्ड परीक्षा फरवरी /मार्च /अप्रैल के महीने में आयोजित कर सकती है।

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