भारत में 15 लाख कक्षाएं बनेगी डिजिटल

भारत जैस बुलंदियों को छू रहा है। ऐसे ही शिक्षा का विकास स्तर भी दिन प्रति दिन बढ़ रह है। केंद्र सरकार शिक्षा के स्तर को और बेहतरीन करने के लिए डिजिटल प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार जल्द ही 15 लाख कक्षाओं को पुरी तरह डिजिटल बनाने का मन बना चुकी है। इस मुहिम को केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ‘आपरेशन डिजिटल बोर्ड’ का नाम दिया है। जावड़ेकर कहा है कि इस मुहिम से शिक्षा में काफी सुधार आएगा।

जानकारी के मुतबिक उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के तहत पहले चरण में चार हजार करोड़ रूपये दिये गये और दूसरे चरण में भी चार हजार करोड़ रूपये दिये गये जबकि रूसा-तीन की भी योजना चल रही है। उन्होंने कहा कि 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो शिक्षा का बजट 63000 करोड़ रुपये था। जो आज बढ़कर 1.10 लाख करोड़ रुपये हो गया और इस दौरान इसमें 70 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में दो सबसे पवित्र कार्यों में अन्नदान व शिक्षादान है। डिजिटल शिक्षा से पढ़ाने का तरीका बदल जायेगा।

पड़ेगा इंडिया तभी बढ़ेगा इंडिया 

जितनी अच्छी शिक्षा होगी उतना ही विकास दर तेज़ी से पढ़ेगा। केंद्र सरकार ने शिक्षा का बजट दर भी बढ़ा दिया है। हालि में  ‘टेक्नीकल एज्यूकेशन क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम’ के लिए जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिकिम्म, अरूणाचल प्रदेश, अंडमान,  राजस्थान व बिहार में छह हजार करोड़ रुपये से ज्यादा धनराशि दी गयी है। भारत में शिक्षा के स्तर को विकास की और ले जाना है। अच्छा पढ़ेगा इंडिया तभी अच्छा बढ़ेगा इंडिया।

डिजिटल शिक्षा से छात्रों में बदलाव आएगा 

जावड़ेकर ने कहा कि डिजिटल शिक्षा से छात्रों की शिक्षा में बहुत बेहतरीन सुधार आएगा। उन्होंने यह बात उच्च शिक्षा मानवसंसाधन सम्मेलन के दौरान बोली । उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि डिजिटल शिक्षा से पढ़ाने का तरीका बदल जायेगा मुझे ख़ुशी है कि गूगल पर अंग्रेजी से ज्यादा भारतीयों भाषाओं इस्तेमाल हो रहा है। हमारे लिए गर्व की बात है। वही दूसरी और उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान में पिछले साढ़े चार वर्ष में बहुत अच्छा सुधार हुआ है। कुछ ही सालों में 81नये कालेज ना केवल खुले हैं बल्कि 75 कॉलेज के भवनों के लिए धन उपलब्ध करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अभी शुरुआत है। आने वाले सालों में शिक्षा में बहुत बदलाव किये जायेंगे।

डिजिटल शिक्षा से पढ़ाने का तरीका बदल जायेगा 

आपको बता दें कि अभी तक ब्लेक बोर्ड में शिक्षक भूगोल पढ़ाते समय चॉक के जरिये गोलनुमा आकृति बनाकर बताते थे कि पृथ्वी गोल है, लेकिन अब पृथ्वी किस तरह गोल है, किस दिशा में घूमती है, किन-किन ग्रहों का चक्कर लगाती है, यह स्क्रीन में देख सकेंगे। इसी तरह से फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी के हर प्रैक्टिकल के वीडियो, पिक्चर्स, ग्राफिक्स के जरिए बच्चों को पढ़ाया जा सकेगा। यह बच्चों के त्वरित टेस्ट के लिए उपयोगी होगा। प्रोजेक्टर पर प्रश्न आते ही उसका जवाब देंगे और जवाब सही है या गलत यह तत्काल इंटरनेट की मदद से जान सकेंगे। ऑडियो-वीडियो कंटेट राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के विशेषज्ञ तैयार कर रहे हैं। कक्षा नौवीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं के बच्चों को उनके सिलेबस के आधार पर ऑनलाइन कंटेट पढ़ने के लिए मिलेगा।

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