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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के दिन लाल किले के प्रांगण से आयुष्मान भारत योजना को लांच करने का ऐलान किया था।  आयुष्मान भारत योजना प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इस  योजना का मुख्य लक्ष्य नागरिको उचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करवाना है। इस योजना की शुरुआत 23 सितम्बर से झारखण्ड के राँची  से हो चुकी है , इस योजना को खुद प्रधानमंत्री ने लॉन्च किया था , इस कार्यकर्म के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी मौजूद थे।

इस योजना को सफल बनाने के लिए अब बड़े पैमाने पर आयुष्मान मित्र की भर्ती की जा रही है , इस वर्ष लगभग 20 हज़ार आयुष्मान मित्रो की भर्ती प्रक्रिया पुरी कर ली जाएँगी। आयुष्मान मित्र के पद पर चयनित आवेदकों को 15000 रुपया मासिक वेतन के रूप में दिया जायेगा।  वही एक व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाने पर आयुष्मान मित्र को 50 रुपया इन्सेंटिव के रूप में दिया जायेगा।  राज्य तथा शहर के आधार पर वेतनमान कम या ज्यादा हो सकता है। इस योजना के तहत पाँच वर्षो में लगभग 10 लाख आयुष्मान मित्रो के भर्ती का अनुमान लगाया जा रहा है।  इस योजना के तहत प्रत्येक वर्ष 2 लाख आयुष्मान मित्रो की भर्ती का अंदाजा लगाया जा रहा है। इस योजना के लागू होने के बाद डॉक्टर ,नर्स ,स्टाफ ,टेक्निशियशन आदि पदों पर नौकरी के अवसर मिलेंगे।

मीडिया रिपोर्ट कि माने तो स्वास्थ मंत्रालय तथा कौशल विकास मंत्रालय में इस योजना को ले कर समझौता हुआ है।  स्वास्थ सम्बन्धी इतनी बड़ी योजना भारत के इतिहास में अबतक शुरू नहीं की गयी थी। सरकारी आकड़ो की माने तो इस योजना से लगभग 10 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे।

इस योजना के तहत 5 लाख रुपये का बीमा प्रत्येक परिवार को दिया जायेगा , जिसका उपयोग व्यक्ति अपने विकट परिस्थिति में कर सकता है। परन्तु इस योजना का लाभ उठाने वाले व्यक्ति के पास आधार कार्ड का होना आवश्यक है ,व्यक्ति का आधार कार्ड परिवार के आईडी से   से लिंक होना चाहिए।  आधार कार्ड न होने अथवा परिवार के आईडी से  साथ लिंक न होने पर कोई भी परिवार या व्यक्ति इस योजना के लाभ से वंचित रह सकता है।

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