छत्तीसगढ़ पुलिस

बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय(बीबीएयू) ने छात्रों को सुनहरा मौका दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय बीबीएयू ने पीएचडी और एमफिल दाखिले में बदलाव कर दिया है।जानकारी के मुताबित बीबीएयू में काफी समय से पीएचडी और एमफिल की सीटें खाली पड़ी हुई थी।बीबीएयू परीक्षा विभाग ने ऐलान किया है की एमफिल और पीएचडी की सीटें भरी जाएँगी। यह फैसला विभाग ने हाल ही में लिया है।

आपको बता दें कि बीबीएयू विश्वविद्यालय ने एमफिल और पीएचडी की सीटें भरने के लिए एससी-एसटी और ओबीसी के अभ्यर्थियों को पांच प्रतिशत की छूट दे दी है। नई व्यवस्था के तहत इन कैटिगरी में जिनके प्रवेश परीक्षा में अंक 45 प्रतिशत हैं। उन्हें दाखिले का मौका मिलेगा। विवि प्रशासन ने इस आदेश को लागू कर दिया है। ऐसे में जिन विभागों में सीटें खाली रह गईं हैं। अब  इस नियम के तहत छात्रों को पीएचडी और एमफिल सीटें पर दाखिला मिल सकेगा।

गौरतलब है कि यह नियम यूजीसी के पीएचडी रेग्युलेशन 2016 से चल रहा था। जिसके तहत अभ्यर्थियों को प्रवेश परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक लाना पड़ता था । फिर उन्ही अभ्यर्थियों को पीएचडी और एमफिल के इंटरव्यू में शामिल किया जाता था। जिसके के कारण एमफिल और पीएचडी की काफी सीटें नहीं भर पाई थी । नए नियम आ जाने के बाद उम्मीद है कि बीबीएयू की खाली सीटें जल्द ही भर जाएगी।

अभ्यर्थियों को एक विशेष सूचना दें कि विवि के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. आरबी राम ने बताया कि जिन विभागों में अभी इंटरव्यू हुए ही नहीं हैं। उन विभागों को अब नए सिरे से सूची जारी करनी होगी। अब ओबीसी और एससी-एसटी के उन अभ्यर्थियों को भी इंटरव्यू में आमंत्रित करना होगा।जिनके अंक 50 से 45 प्रतिशत के बीच हैं। जो दाखिले की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं उनमें कोई फेरबदल नहीं होगा। वहां सिर्फ सीट खाली होने पर ही यह नियम लागू किया जाएगा।

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