बीएड करने की सोच रहे उम्मीदवारों के लिए अब एक बुरी खबर आयी है। वो ये है कि अब बीएड दो साल में नहीं बल्कि 4 सालों में पूरा किया जा सकेगा। देश भर में बेसिक शिक्षा स्कूलों और माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक बनने के लिए अलग-अलग कोर्स नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए अब एक ही बीएड कोर्स मान्य होगा। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद्(एनसीटीई) पूरे देश में शिक्षक एजुकेशन को लेकर बड़ा बदलाव करने वाला है। इसके लिए बीएड कोर्स की तय समयसीमा में बदलाव हो रहा है।

सत्र 2019-20 से लागू होगी नई व्यवस्था

बीएड अब दो साल में नहीं बल्कि 4 साल में पूरा होगा। इस बदलाव को शैक्षणिक सत्र 2019-20 में लागू किया जायेगा। पिछले दिनों राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् में हुई बैठक में इस व्यवस्था पर मुहर भी लग गयी है। एनसीटीई ने इसके लिए एक राष्ट्रीय स्तर पर कमेटी का गठन भी किया है। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति को इस कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।

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अभी तक बेसिक स्कूलों में बीटीसी/डीेएलएड वाले और माध्यमिक स्कूलों में बीएड वाले शिक्षक बनने के योग्य होते हैं। तो इस इन सब कोर्सों को हटा कर सिर्फ एक कोर्स बीएड ही चलाया जायेगा। बीएड के द्वारा ही बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में शिक्षक की नियुक्ति होगी। आर्ट्स के उम्मीदवारों के लिए बीए बीएड और साइंस के उम्मीदवारों के लिए बीएससी बीएड कोर्स होगा। इसके अलावा बीएड भी अन्य वर्गों में बंटा होगा जैसे कि प्राइमरी टीचर के लिए अलग बीएड और जूनियर के लिए अलग बीएड कोर्स होगा।

इस वर्ष जिन भी उम्मीदवारों ने बीएड में प्रवेश लिया है उनके लिए बीएड दो वर्ष का ही होगा लेकिन अगले साल से बीएड चार वर्ष का हो जायेगा। इस व्यवस्था से उम्मीदवार हर एक विषय में निपुण होंगे। उन्हें अपने सभी विषयों को पढ़ना होगा जैसे बीएससी बीएड वाले उम्मीदवारों को फिज़िक्स, मैथ और केमिस्ट्री पढ़ना होगा और आर्ट्स के उम्मीदवारों को कला के विषय पढ़ने होंगे।

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