एक बच्चे के लिए उसके माता पिता के बाद अगर कोई भगवान का रूप ले सकता है तो वह उसका गुरू होता है। एक टीचर ही एक बच्चे को सब सिखाता है। वही उसका मार्ग दर्शक होता है। एक टीचर होना किसी के लिए भी बहुत गर्व की बात होती है। अगर आप टीचर बनना चाहते हैं लेकिन आपको उसके बारे में जानकारी नहीं है कि टीचर कैसे बने, टीचर बनने के लिए क्या करना होता है, बीएड कैसे करें, बीएड से क्या होता है आदि जानकारी आज हम आपको अपने इस आर्टिकल से बताएंगे। B.Ed करने के बाद आपके पास और कौन-कौन से अवसर होते हैं इस सब की पूरी जानकारी हम आपको बताएंगे।

बी.एड. करने से क्या होता है

शिक्षा के महत्त्व को समझते हुए शिक्षण कार्य करने के लिए भारत में एक विशेष डिग्री हासिल करनी होती है जिसे बी.एड. कहते हैं। आप सरकारी स्कूल में टीचर बनना चहाते हैं तो आपके पास बी.एड. की डिग्री होना जरूरी है। और अब सरकार ने घोषणा की है कि साल 2019 तक चाहे सरकारी टीचर हो या निजी सबके पास बी एड की डिग्री होना जरूरी है। बीएड 2 वर्ष का स्नातक कोर्स है। बीएड करने के लिए आपको शिक्षा, संस्कृति और मानवमूल्य, शैक्षणिक मनोविज्ञान, शैक्षणिक मूल्यांकन, शिक्षा दर्शन आदि विषय पर ध्यान देना होगा। अगर आप बी.एड कर लेते हैं तो आप शिक्षण कार्य करने के लिए तैयार हो जाते हैं। अगर आपने बी.एड. नहीं किया है तो आप एक शिक्षक के रूप में काम नहीं कर सकते हैं।

बीएड के लिये योग्यता

बीएड में प्रवेश के लिए आवश्यक न्यूनतम योग्यता कोर्स बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए), बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी) या बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) व अन्य स्नातक, जो कम से कम 50% अंकों के साथ एक मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय से किया हो।

बीएड कैसे करे?

अभ्यार्थियों के मन में सबसे पहले ये बात आती है कि बी एड कैसे करे? तो हम आपको बताते है कि बीएड करने के लिए आपको सबसे पहले एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी। उसके बाद एक काउन्सलिंग में उम्मीदवार को उसके रैंक के अनुसार कॉलेज मिलते हैं। बीएड करने के लिए बहुत सारे प्राइवेट और गवर्नमेंट महाविद्यालय है। बीएड किसी गवर्नमेंट से मान्यता प्राप्त महाविद्यालय से करें। अगर आप बीएड करना चाहते है तो आप किसी गवर्नमेंट महाविद्यालय से ही करे क्योकि इससे आपका पैसे भी बचेंगे। ये परीक्षा आम तौर पर जून-जुलाई महीने में आयोजित की जाती हैं। और इसमें कुछ राज्यों में अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, प्रयोग, मूल अंकगणित शिक्षण क्षमता और एक स्थानीय भाषा के बारे में प्रश्न शामिल हैं। इन परीक्षाओं के परिणाम आम तौर पर जुलाई / अगस्त तक आते हैं। उम्मीदवार सिद्धांत कक्षाओं के अलावा व्यावहारिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के माध्यम से जाते हैं।

बी एड सब्जेक्ट्स लिस्ट

अगर आप ये सोच रहें हैं कि बीएड में आपको क्या पढना होगा तो आइए हम आपको बताते हैं कि बी एड में आपके सब्जेक्ट क्या होंगे। अभ्यार्थी बीएड सब्जेक्ट्स लिस्ट नीचे देख सकते हैं।

  • शिक्षा, संस्कृति और मानव मूल्य
  • शैक्षिक मूल्यांकन और आकलन
  • शैक्षणिक मनोविज्ञान
  • मार्गदर्शन और परामर्श
  • समग्र शिक्षा
  • शिक्षा का दर्शन

B.Ed में इन सब्जेक्ट्स में विशेषज्ञता प्राप्त करें

जैविक विज्ञान प्राकृतिक विज्ञान
व्यापार शारीरिक शिक्षा
कंप्यूटर विज्ञान भौतिक विज्ञान
अर्थशास्त्र विशेष शिक्षा
अंग्रेज़ी तमिल
भूगोल गणित
हियरिंग इम्पेरेड राजनीति विज्ञान
हिन्दी भौतिक विज्ञान
होम साइंस रसायन विज्ञान

बीएड की फीस

अगर आप बी एड करना चहाते हैं तो आपको बता दें कि  यह कोर्स 2 साल की अवधि का है। अगर आप बीएड डिस्टेंस से करते हैं तो उसके लिए फीस अलग है और अगर रैगुलर करते हैं तो असके लिए अलग है। नियमित कक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम शुल्क लगभग 50,000-70,000 है। और डिस्टेंस से करने वालो के लिए फीस कम है।अगर आप बीएड सरकारी संस्थानों द्वारा करते है तो आपको कम फीस देनी होगी। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय बीएड के लिए लगभग 32,000 प्रति वर्ष का शुल्क लेता है। वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी ने बीएड के लिए लगभग 16,500 रुपये का शुल्क लिया जबकि केरल में सभी निजी कॉलेजों ने लगभग रु 29,000 फीस है।

औसत प्रारंभ वेतन

अगर आप बीएड करते हैं तो आपको बता दें कि आपका प्रारंभ वेतन टीजीटी अध्यापकों के तौर पर 2.5 लाख से 3.5 लाख रुपए तथा पीजीटी अध्यापकों के तौर पर आपको 4 लाख से 5 रुपए वार्षिक वेतनमान मिल सकता है।

भर्ती क्षेत्र

बी एड करने के बाद आप

  • कोचिंग केंद्र
  • शिक्षा परामर्शदाता
  • गृह अध्यापन
  • निजी प्राइमरी
  • पब्लिशिंग हाउस
  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट एजेंसियां
  • स्कूल और कॉलेज

शीर्ष जॉब प्रोफाइल

  • शिक्षक
  • प्रशासक
  • सहायक डीन
  • सामग्री लेखक
  • सलाहकार
  • शिक्षा शोधक, आदि।

बीएड के बाद कैसे पाएं नौकरी

अगर आपने बी एड कर लिया है और आप सोच रहे हैं कि अब आपको कैसे नौकरी मिलेगी तो हम आपको बता दें कि आप बी.एड. करने के बाद टीजीटी और पीजीटी के जरिए नौकरी पा सकते हैं। अगर आपके बी.एड. में 50% हैं और बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी. या स्नातक स्तर की परीक्षा में भी 50% अंक हैं तो आप TGT ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) के जरिए कक्षा 1 से लेकर कक्षा 10 तक अध्यापन कर सकते हैं।

आपको बता दें कि वर्ष 2011 के बाद से भारत सरकार ने शिक्षण स्तर को बेहतर बनाने के लिए बी.एड. के साथ TET टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टी.ई.टी.) की परीक्षा को उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य किया है। मतलब कि यदि आप TET पास नहीं कर पाते हैं तो आप टीचर की सरकारी नौकरी नहीं कर सकते हैं। आपको ये भी बता दें कि आपके अगर परास्नातक की परीक्षा में 50% अंक हैं और बी.एड. कोर्स भी किया है। तो आप PGT यानि कि पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के जरिए किसी भी सरकारी या निजी स्कूल में कक्षा 12 तक अध्यापन सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी आपको टी.ई.टी. पास करना होगा। बीएड के बाद आप एम.एड. भी कर सकते हैं। और आप उच्च शिक्षा में अध्यापन के लिए जा सकते है। लेकिन आपको शिक्षाशास्त्र में इसके साथ ही NET नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) क्वालीफाई करना होगा।

नोट- आपको बता दें कि यूपी की योगी सरकार ने TET के बाद भी 60 अंकों की एक लिखित परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। जबकि 40 अंक शैक्षिक योग्यता के लिए होंगे।

बीएड करने के बाद क्या करें

बीएड पूरा करने के बाद, आपके पास निजी और साथ ही सरकारी स्कूलों में अच्छा वेतन पैकेज के साथ नौकरी पाने के लिए बहुत कुछ है। यह वेतन उस पद पर निर्भर करता है जिस पद पर आप स्कूल में रहते हैं। यदि आप आर्थिक रूप से मजबूत हैं और स्कूल चलाने के लिए सक्षम हैं, तो आप अपना स्वयं का स्कूल भी खोल सकते हैं। शुरुआत में, आप एक छोटे से स्कूल खोल सकते हैं बैंक नए स्कूलों की स्थापना के लिए भी वित्त करते हैं। इच्छुक उम्मीदवार इस क्षेत्र में उच्चतर अध्ययन कर सकते हैं। मास्टर ऑफ एजुकेशन (एमएड) स्नातकोत्तर उच्च विशेष पाठ्यक्रम है, जो छात्र बी एड पूरा होने पर आगे बढ़ सकते हैं। आप एम.एड. के पूरा होने के बाद भी पीएचडी कर सकते हैं।

Leave a Reply