नीट में अच्छी रैंकिंग हासिल न करने के बावजूद बनाये करियर

नीट की परीक्षा हर साल लाखों छात्र देते है लेकिन अपनी कामयाबी का झंडा कुछ ही छात्र लहरा पाते है। इस साल नीट परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया जा रहा है। हर साल एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले के लिए नीट परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिन छात्रों की नीट परीक्षा में अच्छी रैंक आती है। उन छात्रों को अपने पसंदीदा कॉलेज में एडमिशन मिल जाता है। लेकिन कुछ छात्र ऐसे भी होते है जिनकी नीट परीक्षा में अच्छी रैंक नहीं आ पाती है। मगर अब उन छात्रों को निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। छात्र एमबीबीएस कोर्स के अलावा अन्य कोर्स में भी अपना बेहतरीन करियर बना सकते हैं। उन छात्रों को अपना साल खराब करने की कोई जरूरत नहीं है।

फॉरेंसिक साइंस

हर छात्र की अलग-अलग क्षेत्र में रुची होती है। छात्र अपनी रुची के हिसाब से अपना करियर चुनते है। जिन छात्रों की रुची क्रिमिनल की खोज करने में या रूची जासूसी, क्राइम सीन या इन्वेस्टिगेशन करने में हैं तो आप फॉरेंसिक साइंस का ऑप्शन चुन के एक बेहतरीन करियर बना सकते हैं। हम छात्रों को बता दें कि फॉरेंसिक साइंस की फील्ड में क्रिमिनल की खोज और साइंस के मैथड को अप्लाई करके खोज की जाती है। छात्र मेडिसिन, फॉरेंसिक एंथ्रोपॉलोजी, फॉरेंसिक साइकॉलजी में बेहतर करियर बना सकते हैं। छात्र कई अच्छे कॉलेज और संस्थान से फॉरेंसिक साइंस में डिग्री या डिप्लोमा हासिल कर सकते हैं। छात्र दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनॉलजी ऐंड फॉरेंसिक साइंस, नई दिल्ली, गुरु गोविन्द सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, जैसे बेहतरीन संस्थानों से फॉरेंसिक साइंस का कोर्स कर सकते हैं।

बीएससी इन न्यूट्रिशन

अगर छात्रों को मेडिकल के क्षेत्र में ही अपना करियर बनना चाहते है तो बीएससी इन न्यूट्रिशन व डाइटेटिक्स कोर्स करके अपना एक बेहतरीन करियर बना सकते हैं। आज कल न्यूट्रिशन का बहुत ट्रेड चल रहा है। आने वालो सालों में इस क्षेत्र में रोजगार की सम्भावना है। छात्रों के लिए यह एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। भारत की कई यूनिवर्सिटी से जिसमें न्यूट्रिशन व डाइटेटिक्स कोर्स उपलब्ध है। अगर छात्रों ने बाहरवीं कक्षा में गृह विज्ञान या साइंस स्ट्रीम से पढ़ाई की है तो न्यूट्रिशन व डाइटेटिक्स कोर्स में एडमिशन लेना और भी आसान है। अगर छात्र इस क्षेत्र में पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते है तो छात्र के पास फूड साइंस, होम साइंस या बायोटेक्नोलॉजी में बैचलर होनी चाहिए।

बीएससी बायोटेक्नोलॉजी

अब हम छात्रों को एक ऐसे कोर्स के बारे में बताने जा रहे है जिस क्षेत्र में बहुत से छात्र अपनी किस्मत अजमाते है। अगर आपको किसी के बारे में जानने को बहुत मन करता है तो आपके लिए बीएससी बायोटेक्नोलॉजी में एक अच्छा करियर बना सकते हैं। मेडिसिन, एफएमसीजी, रिसर्च के क्षेत्र में अवसर बढ़ने के बाद बायोटेक्नोलॉजी जैसे कोर्स की डिमांड भी काफी बढ़ गई है। छात्र इस कोर्स में लिखित परीक्षा के अनुसार भी एडमिशन ले सकते हैं और साथ ही साथ आप इस क्षेत्र में मेरिट लिस्ट के अनुसार भी एडमिशन भी ले सकते हैं। जानकारी के मुताबिक बायोटेक्नोलॉजी का इस्तेमाल प्लांट्स और एनिमल्स के डेवलपमेंट, फूड प्रोडक्ट्स की क्वालिटी और प्रोडक्शन को और बेहतरीन बनाने के लिए किया जाता है।

बैचलर इन आयुर्वेदिक साइंस/बैचलर इन होमियोपैथिक साइंस

रोजमर्रा की जिंदगी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली मेडिसिन वाला कोर्स भी कर सकते हैं। आप बीएएमएस/बीएचएमएस में बैचलर इन आयुर्वेदिक साइंस/बैचलर इन होमियोपैथिक साइंस कोर्स कर सकते हैं। भारत के इन दोनों कोर्स में बहुत बेहतरीन करियर है। आपको बता दें कि दोनों के कोर्स में एडमिशन के लिए ज्यादा तर यूनिवर्सिटी प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। बीएससी इन बायोलॉजिकल साइंस यह थोड़ा नया कोर्स है। छात्र कोर्स में एडमिशन लेने के लिए बाहरवीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, और बायोलॉजी से जरूर पढ़ा होना चाहिए। सरकारी लैब्स या विभागों में भी एंट्री ली जा सकती है। एडिमशन कहीं नंबर के आधार पर दिया जाता है, तो कहीं टेस्ट के जरिये।

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