सीबीएसई बोर्ड का कक्षा 12 का रिजल्ट घोषित होते ही पूरे देश में अलग ही लहर आ गयी हर टीवी चैनल पर हर वेबसाइट पर बस यही खबर है सीबीएसई बोर्ड के टॉपर्स और हो भी क्यों न आखिर यही बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं इन्ही में से कोई आगे चलकर डॉक्टर बनेगा कोई आईएएस ऑफिसर कोई इंजीनियर कोई फोटोग्राफर कोई ब्लॉगर और भी बहुत कुछ। इन्हीं में से एक हैं मेघना श्रीवास्तव जिनका नाम अब तक तो अपने सुन ही लिया होगा जी हाँ मेघना श्रीवास्तव सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12 की टॉपर हैं जिन्होंने पूरे प्रदेश में टॉप किया है। इन्होने 500 में से 499 अंक हासिल किये हैं। आईये जानते हैं आखिर इनकी सफलता के पीछे क्या राज है जिससे कि आगे आने छात्र भी प्रेरणा ले सके।

हिस्ट्री में 100 अंक लाने का क्रेडिट दिया अपनी अध्यापिका को

हाँ अपने सही सुना मेघना श्रीवास्तव ने हिस्ट्री जैसे कठिन विषय में पूरे 100 अंक हासिल किये हैं। इतिहास में 100 अंक लाना आसान नहीं होता लेकिन मेघना इसका सारा श्रेय अपनी इतिहास विषय की अध्यापिका को देती हैं उन्होंने कहा कि इतिहास जैसे विषय को उनकी अध्यापिका अंकिता मैम ने इतने अच्छे से पढ़ाया कि अब ये उनका पसंदीदा विषय बन गया। इतिहास के आलावा उन्हें साइकोलॉजी विषय भी बहुत अच्छा लगता है इस विषय में भी उनके 100 अंक हैं।

नोट्स हैं बहुत जरुरी

मेघना श्रीवास्तव ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि हालाँकि उन्होंने पूरे साल ही मेहनत और लगन से पढाई की है पर इन सब में नोट्स का बहुत बड़ा हाथ रहा है उन्होंने पढाई करते समय नोट्स बनाये थे जिनको उन्होंने परीक्षा से कुछ समय पहले पढ़े जिससे उन्हें पूरा सिलेबस रेविसे करने में मदद मिली।

पढ़ाई का कोई निश्चित/ स्थायी समय नहीं

हमने बहुत सारे सुना होता है कि यह विद्यार्थी 10 घंटे रोज पढता या वह 09 घंटे रोज पढता है तो अगर ऐसे पूरा प्रदेश टॉप करने वाली मेघना की बात की जाए तो उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पढाई के लिए कोई निश्चित घंटे नहीं रखें थे उन्होंने बस हर चैप्टर को अचे से पढ़ने पर ज्यादा ध्यान दिया उनके लिए जरुरी था कि वह एक चैप्टर कब खत्म करती हैं और वो भी अच्छे से।

सोशल मीडिया और पढाई में बनाया संतुलन

आमतौर पर हम सब जब भी किसी परीक्षा की तैयारी में लगते हैं तो हमे यही सलाह दी जाती है कि सोशल मीडिया जैसी चीजों से दूर रहो ये गलत प्रभाव डालती या इसकी वजह से आपका पढाई में मन नहीं लगेगा पर मेघना की बात माने तो उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया उनका मानना है कि अगर दोनों के बीच संतुलन बना लिया जाए तो सब अच्छा होता है बस आपका लक्ष्य आपको पता होना चाहिए और उसमे आप कोई गलती न करें।

आईएएस बनने का अभी नहीं सोचा

जहाँ आज हर कोई आईएएस ऑफिसर बनना चाहता है वहाँ मेघना साइकोलॉजी में आगे बढ़ना चाहती हैं आईएएस बनने के बारे में बोलती हैं कि उन्होंने अभी सोचा नहीं और अभी तो उन्हें कॉलेज जाना है और साइकोलॉजी में आगे कुछ करना है फिर आगे देखा जायेगा अभी समय है।

भविष्य के लिए हम मेघना श्रीवास्तव को बधाईयाँ देते हैं। आज के समय में लड़कियाँ बहुत आगे आ रही हैं इससे ज्यादा ख़ुशी की बात क्या हो सकती हर जगह हर पद पर लड़कियां अपनी पहचान बना रही हैं इससे ज्यादा गर्व की बात उस लड़की के घरवालों और देश के लिए क्या ही हो सकती है।

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