मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) UGC खत्म होने जा रहा है। जी हां आपको बता दें कि एक नए एजुकेशन सिस्टम को शुरू करने की तैयारी है। सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उच्च शिक्षा क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए नियामक एजेंसियों में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। HRD यूजीसी को खत्म करके इसके स्थान पर हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया (HECI) लाना चाहता है।

सरकार यूजीसी अधिनियम, 1951 को निरस्त कर उच्च शिक्षा आयोग के साथ शीर्ष उच्च शिक्षा नियामक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को बदलने के लिए तैयार है। “पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नियामक एजेंसियों के सुधारों की प्रक्रिया शुरू हुई है। केंद्रीय एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट किया कि यूजीसी को रद्द करने और एचईसीआई (भारत के उच्च शिक्षा आयोग) की स्थापना के लिए एक मसौदा अधिनियम तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा, “मसौदा अधिनियम विनियामक प्रणालियों में सुधार के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के अनुसार है जो उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और शिक्षा प्रणाली के समग्र विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए संस्थानों को अधिक स्वायत्तता प्रदान करता है।” भारत का उच्च शिक्षा आयोग पूरी तरह अकादमिक मामलों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

अधिनियम को भारत के उच्च शिक्षा आयोग, 2018 (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम का दोहराव) कहा जाएगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी शिक्षाविदों, हितधारकों और आम जनता से 7 जुलाई को 5 बजे से पहले इस पर टिप्पणियां और सुझाव देने के लिए कहा है। जिसे इसकी वेबसाइट पर जारी किया गया है। मॉनसून सत्र के दौरान संसद में नया अधिनियम पेश किया जा सकता है। सरकार पहले तकनीकी शिक्षा, राष्ट्रीय परिषद शिक्षकों के प्रशिक्षण और यूजीसी के लिए एक नियामक की योजना बना रही थी। हालांकि, उच्च शिक्षा नियामक को मजबूत करने का निर्णय लिया गया है क्योंकि यह महसूस किया गया था कि मौजूदा कमीशन संस्थानों को धन वितरित करने के लिए व्यस्त है, यह अन्य प्रमुख क्षेत्रों जैसे कि परामर्श संस्थानों, अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित करने और अन्य पर ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ है।

अब हम आपको बताते हैं कि यूजीसी और एचईसीआई में क्या अंकर हैं। आपको बता दें कि यूजीसी और एचईसीआई में बहुत बडा़ अंतर है। यूजीसी के पास विश्वविद्यालयों को रेगुलेट करने का अधिकार है। और उन्हें अनुदान यानी कि ग्रांट देने का अधिकार है। लेकिन एचईसीआई  को अनुदान देने का अधिकार नहीं होगा। जब एचईसीआई आ जाएगा तब अनुदान सीधे मानव संसाधन मंत्रालय की और से जारी किया जाएगा। साथ ही आपको ये भी बता दें कि यूजीसी अपनी बेवसाइट पर  सिर्फ फर्जी संस्थानों की एक सूची प्रकाशित करता है। लेकिन अगर एचईसीआई चाहे तो उसके पास फर्जी व खराब गुणवत्ता वाले संस्थानों को बंद कर सता हैं। उसके पास ये अधिकार होगा। और जो संस्थान आदेश नहीं मानेंगे उनके खिलाफ जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान होगा।

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