यूपी टीईटी आंसर की 2018

यह खबर उन सभी उम्मीदवारों के लिए हैं जो शिक्षा कि ओर अपना करियर बनाना चाहते हैं। सूत्रों के हवाले से यह खबर आ रही हैं कि चंडीगढ़ में 15 सितंबर के बाद शिक्षकों के पदों के लिए भर्तियां निकलेंगी।यह भी बताया जा रहा हैं कि 600 से अधिक पदों पर भर्ती करवाई जाएगी। शिक्षा अधिकारियों कि इससे जुड़ी मीटिंग हो चुकी है और इसके बाद विभाग 15 सितंबर के बाद कभी भी विज्ञापन निकाल सकता हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत 115 सरकारी स्कूलों में 600 से ज्यादा पदों पर नियुक्ति कि जाएगी। इनमें 115 पदों पर जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) और 194 पदों पर टे्रड गे्रजुएट टीचर (टीजीटी) कि नियुक्ति कि जाएगी। परीक्षा करवाने के बाद पदों पर नियुक्ति का टारगेट 3 महीने का रखा गया हैं। यानि माना जा रहा हैं कि दिसंबर 2018 तक सारे पदों कि नियुक्ति हो जाएगी। चंडीगढ़ के साथ ही पंजाब, हरियाण, हिमाचल प्रदेश से भी इन पदों के लिए भारी संख्या में आवेदन आने की उम्मीद हैं। चंडीगढ़ में 4 साल के बाद शिक्षक नियुक्ति की जाएगी।

ऐसा बहुत ही कम हुआ होगा कि शिक्षकों कि नियुक्ति पर कोई विवाद न हुआ हो। क्योंकि सबसे ज्यादा विवाद शिक्षकों कि नियुक्तियों को लेकर ही होता है। जैसे कि 2014 में हुई 1150 रेगुलर शिक्षकों कि भर्ती के समय पेपर लीक का मामला विवादों में था। यह भर्ती अभी तक लटकी हुई हैं और 850 शिक्षकों को इन नियुक्ति पर स्टे मिला हुआ है। यह पंजाब यूनिर्वसिटी कि नियुक्ति ऐजेंसी द्वारा की गई थी।

इन नियुक्तियों में खास बात यह भी है कि भर्ती सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर होगी और कोई इंटरव्यू नहीं होगा। मेरिट के आधार पर पदों में भर्ती कि जाएगी। परीक्षा कुल 150 अंक कि होगी जिसमें अॉबजेक्टिव टाइप सवाल पूछें जाएंगे। लेकिन परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग भी होगी। बताया जा रहा है कि लिखित परीक्षा का परिणाम, परीक्षा देने के 15 दिन के बाद ही आ जाएगा। जिसके चलते दिसंबर तक सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती हो जाएगी। यह परीक्षा उन आवेदकों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है जो इंटरव्यू में अक्सर मात खा जाते हैं जबकि उनमें क्षमता कई ज्यादा होती हैं। तो उम्मीदवार अपनी सारी क्षमताएं लिखित परीक्षा में दिखा पाएंगे।

सरकार के आने वाले इस फैसले को देखकर लग रहा है कि सरकार को देश के भविष्य की चिंता होने लगी है। अगर देश में शिक्षकों की ही नियुक्ति नहीं होगी तो देश आगे कैसे बढ़ेगा। आज तक शिक्षकों के पदों कि नियुक्ति हमेशा विवादों में ही रही है और शिक्षकों को भी अपनी नियुक्ति के लिए एक लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। सरकार ने फैसला लेने की कोशिश तो की है लेकिन आने वाला समय ही बताएगा कि सरकार अपने इस फैसले पर अमल कर पाती है या नहीं।

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