कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) परीक्षा 2017 टियर-1 के परिणाम की घोषणा शुक्रवार को कर दी है। कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) परीक्षा 2017 टियर-1 का जो परिणाम जारी किया है। उस पर काफी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रतियोगियों ने कटऑफ को लेकर आपत्ति उठाई है। छात्रों ने कहा है कि आयोग ने जब से ऑनलाइन परीक्षा कराना शरू किया है सीएचएसएल सहित हर परीक्षा का कटऑफ हर वर्ष बढ़ता जा रहा है। आरोप ये लगाया जा रहा है कि ऑनलाइन परीक्षा में नकल के चलते लगातार कटऑफ बढ़ रही है।

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साथ ही आपको बता दें कि छात्रों ने कहा है कि सीएचएसएल के 2015 और सीएचएसएल 2017 के रिजल्ट में जो अनारक्षित श्रेणी हैं उनका कटऑफ लगभग 30 अंक अधिक हो गया है। इससे पहले जब ऑफ लाइन परीक्षा आयोजित होती थी तब कटऑफ 100 से अधिक नहीं गया। जब छात्रों ने एसएससी के खिलाफ आंदोलन किया था उसके दौरान भी कटऑफ में हो रही बढ़ोतरी को भी छात्रों ने मुद्दा बनाया था। साथ ही प्रतियोगियों ने मांग की है ति परीक्षा कराने वाली एजेंसी सिफी को हटाकर दूसरी एजेंसी से परीक्षा कराई जाए। उनका कहना है कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी की मनमानी के चलते ही मेरिट में गड़बड़ी हो रहा है।

शुक्रवार को आयोग की ओर से घोषित सीएचएसएल परीक्षा-2017 टियर-1 के परिणाम में अनारक्षित श्रेणी का कटऑफ 143.50 गया है, ओबीसी का कटऑफ गया है 139, एससी का कटऑफ 122.50 गया है, एसटी का कटऑफ 112 अंक आया है। और अगर हम 2018 का कटअ़फ देंखे तो सीएचएसएल परीक्षा 2016 टियर-1 के परिणाम में अनारक्षित श्रेणी का कटऑफ 127.50 गया था, ओबीसी का कटऑफ 120 गया था, एससी का कटऑफ 108 और एसटी श्रेणी का कटऑफ 99 अंक गया था। और साल 2015 में अनारक्षित श्रेणी का कटऑफ 119 गया, ओबीसी का कटऑफ 110 गया, एससी का कटऑफ 99, एसटी का कटऑफ 89.50 गया था।

एसएससी की सीएचएसएल परीक्षा में कुछ अंक के चलते लगातार दो बार से मेरिट से बाहर होने वाले कुशीनगर के अमित सिंह का कहना है कि 2015 की परीक्षा में वह बस दो अंक कम होने से मेरिट लिस्ट से बाहर हो गए थे। उनको लगा कि 2016 में मेरिट 125 अंक तक आएगी परंतु साल 2016 में यह मेरिट 127.50 अंक पहुंच गई। और वे 2016 में भी 1.5 अंक से रह गए। 2017 में मेरिट 143.50 अंक पहुंच जाने से अमित 140 अंक पाकर भी 3.50 अंक से पीछे रह गए। आयोग ने ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी की बात स्वीकार की है। 173 परीक्षार्थियों के खिलाफ आयोग की ओर से कार्रवाई की गई है।

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