रसायन विज्ञान विषय की अच्छी तैयारी के लिए कक्षा 12 रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – रासायनिक बलगतिकी यहाँ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे छात्र जो रसायन विज्ञान विषय की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते है उन्हें अपनी तैयारी के लिए यहाँ रासायनिक बलगतिकी के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर मिल जाएंगे। महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर की जानकारी किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक होती है। इस पेज में NCERT Book के यूनिट 4 – रासायनिक बलगतिकी के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर प्राप्त कर सकते हैं।
श्रोत: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद्
कक्षा: 12
विषय: रसायन विज्ञान
अध्याय: यूनिट 4 – रासायनिक बलगतिकी
कक्षा 12 रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – रासायनिक बलगतिकी
कक्षा 12 रसायन विज्ञान विषय के यूनिट 4 – रासायनिक बलगतिकी के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर यहाँ प्राप्त करें।
I. बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप-I)
1 उत्प्रेरक परिवर्तित करते हैं-
(i) अभिक्रिया की गिब्ज ऊर्जा _________।
(ii) अभिक्रिया की एन्थैल्पी
(iii) अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा
(iv) साम्यावस्था स्थिरांक
2. उत्प्रेरक की उपस्थिति में, अभिक्रिया के दौरान ऊष्मा का अवशोषण अथवा उत्सर्जन _________।
(i) बढ़ता है।
(ii) घटता है।
(iii) अपरिवर्तित रहता है।
(iv) बढ़ अथवा घट सकता है।
3. रासायनिक अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा को निर्धारित किया जा सकता है _________।
(i) मानक ताप पर वेग नियतांक का निर्धारण करके।
(ii) दो तापों वेग नियतांकों का निर्धारण करके।
(iii) संघट्ट की प्रायकिता का निर्धारण करके।
(iv) उत्प्रेरक का प्रयोग करके
4. चित्र 4.1 पर विचार कीजिए और सही विकल्प को चिह्नित कीजिए।

(i) अग्र अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा E₁ + E₂ है और उत्पाद अभिक्रियक से कम स्थायी है।
(ii) अग्र अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा E₁ + E₂ है और उत्पाद अभिक्रियकों से अधिक स्थायी है।
(iii) अग्र और पश्च दोनों अभिक्रियाओं की सक्रियण ऊर्जा E₁ + E₂ है और अभिक्रियक उत्पाद से अधिक स्थायी है।
(iv) पश्च अभिक्रिया की सक्रियण ऊर्जा E₁ तथा उत्पाद अभिक्रियक से स्थायी है।
5. नीचे दी गई गैस प्रावस्था में प्रथम कोटि की विघटन अभिक्रिया पर विचार कीजिए।
A(g) → B(g) + C(g)
A के विघटन से पूर्व तंत्र का प्रारंभिक दाब pi था। ‘t’ समय के पश्चचात तंत्र का दाब x इकाई बढ़ कर ‘pt’ हो जाता है। अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक k को लिखा जा सकता है-
(i) k = 2.303/t log pi/pi-x
(ii) k = 2.303/t log pi/2pi-pi
(iii) k = 2.303/t log pi/2pi+pi
(iv) k = 2.303/t log pi/pi+x
6. अरेंनिअस समीकरण के अनुसार A e–Ea /RT अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और 1/T के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।

7. निम्नलिखित अरेंनियस समीकरण पर विचार कीजिए और सही विकल्प पर निशान लगाइए। k = A e–Ea /RT
(i) अभिक्रिया स्थिरांक बढ़ती सक्रियण ऊर्जा और घटते ताप के साथ चरघातांक से बढ होता है।
(ii) अभिक्रिया स्थिरांक बढ़ती सक्रियण ऊर्जा और घटते ताप के साथ चरघातांक से कम होता है।
(iii) अभिक्रिया दर स्थिरांक घटती सक्रियण ऊर्जा और घटते ताप के साथ चरवातांक से बढ़ता है।
(iv) अभिक्रिया दर स्थिरांक घटती सक्रियण ऊर्जा और बढ़ते ताप के साथ चरवातांक से बढ़ता है।

8. जिंक और तनु HCl की अभिक्रिया में बनी हाइड्रोजन के आयतन और समय के मध्य ग्राफ चित्र 4.2 में दिया है। इसके आधार पर सही उत्तर पर निशान लगाइए।
(i) 40 सेकंड पर औसत दर है V₃ – V₂/40
(ii) 40 सेकंड पर औसत दर है V₃ – V₂/40-30
(iii) 40 सेकंड पर औसत दर है V₃/40
(iv) 40 सेकंड पर औसत दर है V₃ – V₁/40-20
9. अभिक्रिया की कोटि के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है।
(i) अभिक्रिया की कोटि एक भिन्नांक हो सकती है।
(ii) अभिक्रिया की कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा किया जाता है।
(iii) अभिक्रिया की कोटि सदैव अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण में अभिक्रियकों के स्टॉइकियोमीट्री गुणांकों का योग होती है।
(iv) अभिक्रिया की कोटि वेग व्यंजक में अभिक्रियकों की मोलर सांद्रताओं के घातांकों के योग के बराबर होती है।
10. चित्र 4.2 पर विचार कीजिए। निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प चालीसवें सेकेंड पर तात्क्षणिक वेग नहीं दर्शाता।
(i) V₅ – V₂/50-30
(ii) V₄ – V₂/50-30
(iii) V₃ – V₂/40-30
(iv) V₃ – V₁/40-20
11. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है।
(i) अभिक्रिया की दर समय व्यतीत होने के साथ कम होती जाती है क्योंकि अभिक्रियकों की सांद्रता कम होने लगती है।
(ii) अभिक्रिया की दर अभिक्रिया के दौरान हर समय एक सी रहती है।
(iii) अभिक्रिया की दर ताप परिवर्तन पर निर्भर नहीं करती।
(iv) अभिक्रियकों की सांद्रता बढ़ाने से अभिक्रिया की दर कम हो जाती है।
12. नीचे दी गई अभिक्रिया की अभिक्रिया दर के लिए निम्नलिखित व्यंजकों में से कौन-सा सही है।

13. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्राफ ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया को प्रदर्शित करता है-

(i) केवल (क)
(ii) केवल (ख)
(iii) केवल (ग)
(iv) (क) और (ख)
14. अभिक्रिया A + 2B → C के लिए निम्नलिखित वेग नियम प्राप्त होता है।
वेग = k [A][B]
‘A’ की सांद्रता स्थिर रखते हुए अभिक्रियक ‘B’ की सांद्रता दुगनी करने पर वेग नियतांक का मान _______।
(i) समान रहेगा
(ii) दुगुना हो जाएगा
(iii) चार गुना हो जाएगा
(iv) आधा रह जाएगा
15. रासायनिक अभिक्रियाओं के संघट्ट सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है।
(i) यह अभिक्रिया करने वाली अणुओं अथवा परमाणुओं को कठोर गोले मानता है और उनके संरचनात्मक गुणों पर ध्यान नहीं देता।
(ii) प्रभावी संघट्टों की संख्या अभिक्रिया दर निर्धारित करती है।
(iii) उत्पाद पर्याप्त देहली ऊर्जा प्राप्त अणुओं अथवा परमाणुओं के संघट्ट के परिणामस्वरूप बनते हैं।
(iv) संघट्ट के प्रभावी होने के लिए अणओं को पर्याप्त देहली ऊर्जा और उचित अभिविन्यास के साथ टकराना चाहिए।
16. एक प्रथम कोटि की अभिक्रिया 1.26 × 10¹⁴s में 50% पूर्ण होती है। 100% पूर्ण होने में इसे कितना समय लगेगा।
(i) 1.26 × 10¹⁵s
(ii) 2.52 × 10¹⁴s
(iii) 2.52 × 10²⁸s
(iv) अनन्त
17. यौगिक ‘A’ और ‘B’ निम्नलिखित रासायनिक समीकरण के अनुसार अभिक्रिया करते हैं।
A (g) + 2 B (g) → 2C (g)
किसी एक अभिक्रियक की सांद्रता स्थिर रखते हुए ‘A’ अथवा ‘B’ की सांद्रता में परिवर्तन किया गया और वेग को प्रारंभिक संद्रता के कारक के रूप में मापा गया। निम्नलिखित परिणाम प्राप्त हुए। इस अभिक्रिया के वेग समीकरण के लिए सही विकल्प चुनिए।
प्रयोग | [A] की प्रारंभिक सांद्रता /mol L⁻¹ | [B] की प्रारंभिक सांद्रता /mol L⁻¹ | [C] के बनने की प्रारंभिक दर /mol L⁻¹ s⁻¹ |
1. 2. 3. | 0.30 0.30 0.60 | 0.30 0.60 0.30 | 0.10 0.40 0.20 |
(i) दर = k [A]² [B]
(ii) दर = k [A] [B]²
(iii) दर = k [A] [B]
(iv) दर = k [A]² [B]⁰
18. उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही कथन नहीं है।
(i) यह अग्र और पश्च दोनों अभिक्रियाओं को समान रूप से उत्प्रेरित करता है।
(ii) यह अभिक्रिया का ∆G परिवर्तित कर देता है।
(iii) यह वह पदार्थ है जो अभिक्रिया के साम्यस्थिरांक को परावर्तित नहीं करता।
(iv) यह अभिक्रियकों और उत्पादों की सक्रियण ऊर्जा को कम करके वैकल्पिक क्रियाविधि देता है।
19. एक छदम प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का मान _________।
(i) अल्प मात्रा में उपस्थित अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर करता है।
(ii) आधिक्य में उपस्थित अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर करता है।
(iii) अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता है।
(iv) केवल ताप पर निर्भर करता है।
20. अभिक्रिया A ≓ B पर विचार कीजिए। अभिक्रियकों तथा उत्पादों दोनों ही की सांद्रता समय के साथ चरघातांक से बढ़ती है। निम्नलिखित में से कौन-सा चित्र अभिक्रियकों और उत्पादों की सांद्रता में समय के साथ परिवर्तन की सही व्याख्या करता है।

II. बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप-II)
नोट – निम्नलिखित प्रश्नों में दो या इससे अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।
21. वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ___________।
(i) व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
(ii) यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
(iii) यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक श्रृंखला है।
(iv) कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।
22. एक प्राथमिक अभिक्रिया की संतुलित रासायनिक समीकरण के लिए कौन-से कथन लागू होते हैं।
(i) कोटि, आण्विकता के समान होती है।
(ii) कोटि, आण्विकता से कम होती है।
(iii) कोटि, आण्विकता से अधिक होती है।
(iv) अभिक्रिया की आण्विकता कभी शून्य नहीं हो सकती।
23. किसी भी एक-अणुक अभिक्रिया के लिए ___________।
(i) दर निर्धारण चरण में केवल एक अभिकारी स्पीशीज प्रयुक्त होती है।
(ii) सबसे धीमे चरण की कोटि तथा आण्विकता एक के बराबर होती है।
(iii) अभिक्रिया की आण्विकता एक होती है और कोटि शून्य होती है।
(iv) अभिक्रिया की आण्विकता और कोटि दोनों ही एक होती है।
24. एक जटिल अभिक्रिया के लिए
(i) समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद की आण्विकता के समान होती है।
(ii) समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद की आण्विकता से कम होती है।
(iii) समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद की आण्विकता से अधिक होती है।
(iv) सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।
25. उच्च दाब पर निम्नलिखित अभिक्रिया शून्यकोटि की है।
2NH₃(g) 1130K→प्लेटिम उत्प्रेरक N₂(g) + 3H₂(g)
इस अभिक्रिया के लिए कौन-से विकल्प सही हैं।
(i) अभिक्रिया का वेग = वेग स्थिरांक
(ii) अभिक्रिया की दर अमोनिया की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(iii) अमोनियम के विघटन की दर संपूर्ण अमोनिया विघटित होने तक स्थिर रहेगी।
(iv) दाब में और अधिक वृद्धि अभिक्रिया की दर परिवर्तित कर देगी।
26. एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ____________।
(i) ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
(ii) ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
(iii) ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती है।
(iv) अभिक्रियक बन सकते हैं।
27. ऊर्जा के मैक्सवेल बोल्ट्जमान वितरण के अनुसार ____________।
(i) उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश घटता है।
(ii) उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा प्राप्त अणुओं का अंश बढ़ता है।
(iii) उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
(iv) उच्च तापों पर अधिकतम सम्भाव्य गतिज ऊर्जा घटती है।
28. ऊर्जा के वितरण को दर्शाने वाले मैक्सवेल बोल्ट्जमान द्वारा दिए ग्राफ में ____________।
(i) ताप में वृद्धि के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर रहना चाहिए।
(ii) ताप में वृद्धि के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
(iii) ताप में वृद्धि के साथ वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल घटता है।
(iv) ताप में वृद्धि के साथ वक्र चौड़ा हो जाता है तथा दाहिनी और विस्थापित हो जाता है।
29. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अरेंनियस समीकरण के अनुसार है।
(i) ताप में वृद्धि के साथ अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
(ii) संक्रियण ऊर्जा में कमी के साथ अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
(iii) ताप में वृद्धि के साथ वेग स्थिरांक में चस्घातांकी कमी होती है।
(iv) सक्रियण ऊर्जा में कमी से अभिक्रिया का वेग घटता है।
30. गलत कथनों को चिह्नित कीजिए।
(i) उत्प्रेरक अभिक्रिया को वैकल्पिक पथ उपलब्ध कराता है।
(ii) उत्प्रेरक संक्रियण ऊर्जा को बढ़ाता है।
(iii) उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा को कम करता है।
(iv) उत्प्रेरक अभिक्रिया के एन्थैल्पी परिवर्तन को बदल देता है।
31. किसी शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं।


32. प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही है।

III. लघु उत्तर प्रश्न
33. एक ऐसी परिस्थिति बताइए जिसमें द्विअणुक अभिक्रिया गतिक रूप से प्रथम कोटि की अभिक्रिया हो।
34. यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।
35. आप निम्नलिखित अभिक्रिया का वेग नियम कैसे निर्धारित कर सकते हैं।
2NO (g) + O₂(g) → 2NO₂(g)
36. किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आण्विकता तथा कोटि के मान समान होते हैं।
37. एक अभिक्रिया में यदि अभिक्रियक A की सांद्रता तिगुनी कर दी जाए तो अभिक्रिया वेग सत्ताइस गुना बढ़ जाता है। अभिक्रिया की कोटि क्या है।
38. शून्य कोटि अभिक्रिया के पूर्ण होने में लगने वाले समय के परिकलन के लिए व्युत्पन्न कीजिए।
39. A + B →उत्पाद, अभिक्रिया के लिए वेग नियम है – दर = k [A][B]3/2 । क्या यह अभिक्रिया एक प्रारंभिक अभिक्रिया है। समझाइए।
40. अभिक्रिया में अणुओं के बहुत बड़े अंश की ऊर्जा देहली ऊर्जा से अधिक है फिर भी अभिक्रिया वेग बहुत कम है, ऐसा क्यों हैं।
41. स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।
42. एक सामान्य अभिक्रिया A → B के लिए A की सांद्रता तथा समय के मध्य ग्राफ चित्र 4.3 में दिया गया है।
(i) अभिक्रिया की कोटि क्या है।
(ii) वक्र का ढाल क्या है।
(iii) वेग स्थिरांक की इकाई क्या है।

43. स्पष्ट कीजिए कि H₂(g) तथा O₂(g) के मध्य अभिक्रिया अति संभाव्य है परन्तु गैसों को एक ही पात्र में कमरे के ताप पर रखने से जल क्यों नहीं बनता।
44. ताप में वृद्धि से अभिक्रिया वेग क्यों बढ़ता है।
45. कक्ष ताप पर वायु में ऑक्सीजन प्रचुरता से उपलब्ध होने पर भी ईधन स्वयं क्यों नहीं जलते।
46. तीन से अधिक आण्विकता वाली अभिक्रियाओं की संभावनाएँ बहुत कम क्यों होती है।
47. सामान्यतः अभिक्रिया के दौरान अभिक्रिया वेग घटता क्यों है।
48. किसी अभिक्रिया के लिए केवल ऊष्मागतिक संभाव्यता अभिक्रिया के वेग को निर्धारित नहीं कर सकती। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
49. ऑक्सैलिक अम्ल तथा KMnO₄ के मध्य ऑक्सीकरण-अपचयन अनुमापन में हम अनुमापन प्रारम्भ करने से पूर्व ऑक्सैलिक अम्ल विलयन को गरम क्यों करते हैं।
50. किसी अभिक्रिया की आण्विकता शून्य क्यों नही हो सकती।
51. आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है।
52. किसी अभिक्रिया के वेग नियम को हम संतुलित रासायनिक अभिक्रिया की सहायता से निर्धारति क्यों नहीं कर सकते।
IV. सुमेलन प्ररूप प्रश्न
नोट – निम्नलिखित प्रश्नों में कॉलम I के पदों को कॉलम II में दिए गए उचित मद से सुमेलित कीजिए।
53. कॉलम I में दिए गए ग्राफ और कॉलम II में दी गई अभिक्रिया की कोटि को सुमेलित कीजिए। कॉलम I के एक से अधिक पद, कॉलम II के समान पद से संबंधित हो सकते हैं।


54. कॉलम I और कॉलम II में दिए कथनों को सुमेलित कीजिए।
कॉलम I
(i) उत्प्रेरक अभिक्रिया के वेग को परिवर्तित कर देते हैं।
(ii) आण्विकता
(iii) प्रथम कोटि अभिक्रिया की द्वितीय अर्धआयु
(iv) e⁻Ea / R T
(v) ऊर्जा की दृष्टि से अनुकूल अभिक्रिया कभी-कभी धीमी होती है।
(vi) मैक्सवेल बोल्ट्जमान वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल स्थिर होता है।
कॉलम II
(a) भिन्नात्मक अथवा शून्य नहीं हो सकती
(b) हमेशा उपयुक्त अभिविन्यास नहीं होता।
(c) सक्रियण ऊर्जा को कम करके
(d) प्रथम के समान होती है।
(e) कुल प्रायिकता एक है।
(f) सक्रियण ऊर्जा के बराबर अथवा उससे अधिक ऊर्जा वाले अणुओं के अंश से संबंधित
55. निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-
कॉलम I
(i) हीरा (डायमण्ड)
(ii) तात्क्षणिक वेग
(iii) औसत वेग
कॉलम II
(a) समय का लघु अंतराल
(b) सामान्यतः परिवर्तन का वेग परिलक्षित नहीं होता।
(c) लंबी समयावधि
56. कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-
कॉलम I
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक
(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई समान होती है।
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्धारित होती है।
कॉलम II
(a) वेग स्थिरांक के
(b) वेग नियम
(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(d) अभिक्रिया की दर
V. अभिकथन एवं तर्क प्ररूप प्रश्न
नोट – निम्नलिखित प्रश्नों में अभिकथन के पश्चात तर्क का कथन दिया है। निम्नलिखित विकल्पों में से कथन का चयन करके सही उत्तर दीजिए।
(i) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टकीरण है।
(ii) अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
(iii) अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
(iv) अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन है।
(v) अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
57. अभिकथन – अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।
तर्क – संतुलित रासायनकि समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।
58. अभिकथन – कोटि एवं आण्विकता एकसमान होती है।
तर्क – कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आण्विकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।
59. अभिकथन – उत्प्रेरक की उपस्थिति में अभिक्रिया की एन्थैल्पी स्थिर रहती है।
तर्क – अभिक्रिया में भाग लेने वाला उत्प्रेरक भिन्न सक्रियण संकुल बनाता है तथा सक्रियण ऊर्जा को कम करता है परन्तु अभिक्रियकों एवं उत्पादों की ऊर्जा समान रहती है।
60. अभिकथन – अभिक्रियक अणुओं के प्रत्येक संघट्ट से उत्पाद बनता है।
तर्क – केवल उन्हीं संघट्टों से उत्पाद निर्माण होता है जिनमें अणुओं का विन्यास सही तथा गतिज ऊर्जा पर्याप्त होती है।
61. अभिकथन – अरेंनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।
तर्क – संघट्ट के समय अभिक्रियक अणओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।
VI. दीर्घ उत्तर प्रश्न
62. सभी पर्याप्त ऊर्जा धारित संघट्ट रासायनिक परिवर्तन में परिणित नहीं होते इसे एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
63. ताप बढ़ाने से सक्रियण ऊर्जा तथा सर्वाधिक सम्भाव्य गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
64. स्पष्ट कीजिए कि अभिक्रिया में उत्प्रेरक का उपयोग करने पर भी अभिक्रिया की एन्थैल्पी अपरिवर्तित क्यों रहती है।
65. तत्क्षण वेग और औसत वेग में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
66. एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है।
कक्षा 12 रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – रासायनिक बलगतिकी
यूनिट 4 – रासायनिक बलगतिकी के प्रश्नों के उत्तर यहाँ से प्राप्त करें ।
I. बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप-I)
1. (iii) 2. (iii) 3. (ii) 4. (i) 5. (ii) 6. (i) 7. (iv) 8. (iii) 9. (iii) 10. (ii) 11. (i) 12. (iii) 13. (i) 14. (ii) 15. (iii) 16. (iv) 17. (ii) 18. (ii) 19. (ii) 20. (ii)
II. बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप-II)
21. (i), (iii), (iv) 22. (i), (iv) 23. (i), (ii) 24. (i), (iv) 25. (i), (iii), (iv) 26. (i), (iv) 27. (i), (iii) 28. (i), (iv) 29. (i), (ii) 30. (ii), (iv) 31. (i), (iv) 32. (i), (iv)
III. लघु उत्तर प्रश्न
33. जब एक अभिक्रियक आधिक्य में उपस्थित हो तो गतिक रूप से द्विअणुक अभिक्रिया प्रथम कोटि की हो जाती है।
34. वेग = k [A]⁰[B]⁰ अथवा वेग k
35. एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तक का पृष्ठ 101 देखें।
36. यदि अभिक्रिया, प्राथमिक अभिक्रिया हो तो कोटि आण्विकता के समान होती है।
37. तीन, चूँकि वेग = k [A]³
38. [R] = [R]₀– kt
पूर्णता के लिए
[R] = 0 इसलिए t = [R]₀/k
39. एक प्राथमिक अभिक्रिया के दौरान, अभिक्रिया करने वाले अणुओं की संख्या को अाण्विकता कहते हैं। यदि यह प्राथमिक अभिक्रिया होती तो B के संदर्भ में अभिक्रिया की कोटि एक होनी चाहिए थी, परन्तु दिए गए वेग व्यंजक में B के संदर्भ में यह 3/2 है। इससे यह प्रदर्शित होता है कि अभिक्रिया प्राथमिक अभिक्रिया नहीं है।
40. ऊर्जा की दृष्टि के अतिरिक्त, प्रभावी संघट्ट के लिए संघट्टकारी अणुओं को एक उपयुक्त अभिविन्यास में होना चाहिए। इस प्रकार की परिस्थिति अभिक्रिया में प्राप्त नहीं हो रही होगी।
41. नहीं, आण्विकता कभी भी शून्य अथवा एक भिन्नात्मक संख्या नहीं हो सकती।
42. (i) शून्य (ii) –k (iii) mol L⁻¹ s⁻¹
43. इसका कारण यह है कि कक्ष ताप पर अभिक्रिया के लिए सक्रियण ऊर्जा का मान बहुत अधिक होता है।
44. उच्च ताप पर संघट्ट करने वाले कण अधिक संख्या में ऊर्जा अवरोध अर्थात सक्रियण ऊर्जा को पार करते हैं जिससे वेग अधिक हो जाता है।
45. ईधनों की दहन अभिक्रियाओं के लिए कमरे के ताप पर सक्रियण ऊर्जा काफी उच्च होती है। अतः ईधन स्वयं नहीं जलते।
46. तीन से अधिक अणओं की एक साथ संघट्ट करने की संभावना बहुत कम होती है अतः तीन से अधिक आण्विकता वाली अभिक्रियाएँ बहुत कम होती हैं।
47. अभिक्रिया का वेग अभिक्रियकों की सांद्रता पर निर्भर करता है। जैसे-जैसे अभिक्रिया आगे बढ़ती है, अभिक्रियक उत्पाद में परिवर्तित होने लगते हैं, अतः अभिक्रियकों की सांद्रता कम होती जाती है। फलतः अभिक्रिया-वेग घटता जाता है।
48. ऊष्मागतिक रूप से हीरे का ग्रैफाइट में परिवर्तन बहुत सम्भाव्य है लेकिन अभिक्रिया बहुत धीमी होती है क्योंकि इसकी सक्रियण ऊर्जा का मान बहुत अधिक होता है।
49. KMnO₄ तथा ऑक्सैलिक अम्ल के मध्य अभिक्रिया गतिक रूप से बहुत धीमी होती है। ताप को बढ़ाकर हम अभिक्रिया के वेग को बढ़ा देते हैं।
50. किसी प्रारंभिक पद में भाग लेने वाले अणओं की संख्या आण्विकता होती है। इसके लिए कम से कम एक अणु की आवश्यकता होती है। परिणामस्वरूप आण्विकता का न्यूनतम मान एक होता है।
51. जटिल अभिक्रिया, प्राथमिक अभिक्रियाओं द्वारा कई चरणों में अग्रसारित होती है। प्रत्येक प्राथमिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले अणुओं की संख्या अलग हो सकती है, यानी प्रत्येक पद की आण्विकता अलग होगी अतः समग्र अभिक्रिया की आण्विकता पर विचार करना निरर्थक होता है। दूसरी ओर जटिल अभिक्रिया की कोटि क्रियाविधि के सबसे धीमे पद द्वारा निर्धारित होती है और यह जटिल अभिक्रियाओं के संबंध में भी निरर्थक नहीं होती।
52. संतुलित रासायनिक समीकरण से अधिकांशतः गलत कोटि तथा वेग नियम का आभास होता है। उदाहरणार्थ निम्नलिखित अभिक्रिया में अभिक्रिया की कोटि दस प्रतीत होती है।
KClO₃ + 6FeSO₄ + 3H₂SO₄ → KCl + 3H₂O + 3Fe₂ (SO₄)₃
यह वस्तुतः द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है। वास्तव में अभिक्रिया कई पदों में होती है। इस प्रकार की अभिक्रिया की कोटि क्रियाविधि के सबसे धीमे पद द्वारा निर्धारित होती है। कोटि प्रायोगिक रूप से निर्धारित की जाती है तथा यह अभिक्रियकों की सांद्रता पर अभिक्रिया की प्रेक्षित दर की निर्भरता तक की सीमित होती है।
IV. सुमेलन प्ररूप प्रश्न
53. (i) → (a) (ii) → (b) (iii) → (b) (iv) → (a)
54. (i) → (c) (ii) → (a) (iii) → (d) (iv) → (f) (v) → (b) (vi) → (e)
55. (i) → (b) (ii) → (a) (iii) → (c)
56. (i) → (b) (ii) → (a) (iii) → (d) (iv) → (d)
V. अभिकथन एवं तर्क प्ररूप प्रश्न
57. (ii) 58. (v) 59. (i) 60. (v) 61. (iii)
VI. दीर्घ उत्तर प्रश्न
62. संकेत – अणु के सही अभिविन्यास की विस्तार से चर्चा करें।
63. संकेत – (i) वक्र सपाट होता जाएगा तथा वक्र का शीर्ष ऊर्जा के अधिक मान की विस्थापित होगा।
(ii) सक्रियण ऊर्जा के बाद वक्र के अंतर्गत क्षेत्रफल बढ़ता है।
64.संकेत – (i) एन्थैल्पी अवस्था फलन है।
(ii) अभिक्रियकों और उत्पादों की ऊर्जा में अन्तर स्थिर है।
65. एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक देखें।
66. एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक देखें।
इस पेज पर दिए गए कक्षा 12 रसायन विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – रासायनिक बलगतिकी की सहायता से छात्रों की तैयारी अच्छे तरीके से हो सकती है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए और अपनी तैयारी सुदृढ़ तरीके से करने के लिए छात्र इस पेज पर दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तरों को देख सकते हैं।
To get fastest exam alerts and government job alerts in India, join our Telegram channel.