Categories: 12th Class

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – परमाणु

भौतिकी विज्ञान विषय की अच्छी तैयारी के लिए कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – परमाणु यहाँ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे छात्र जो भौतिकी विज्ञान विषय की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते है उन्हें अपनी तैयारी के लिए यहाँ परमाणु के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर मिल जाएंगे। महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर की जानकारी किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक होती है। इस पेज में NCERT Book के यूनिट 12 – परमाणु के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर प्राप्त कर सकते हैं।

श्रोत: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद्
कक्षा: 12
विषय: भौतिकी विज्ञान
अध्याय: यूनिट 12 – परमाणु

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – परमाणु

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान विषय के यूनिट 12 – परमाणु के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर यहाँ प्राप्त करें।

बहुविकल्पी प्रश्न I (MCQ I)

12.1 बोर त्रिज्या को a₀ = 53pm लेते हुए, बोर मॉडल के आधार पर Li⁺⁺ आयन की, इसके निम्नतम अवस्था में, त्रिज्या होगा लगभग-

(a) 53 pm
(b) 27 pm
(c) 18 pm
(d) 13 pm

12.2 एक इलेक्ट्रॉन को, एक स्थिर नाभिक (प्रोटॉन) के चारों ओर परिक्रमण करता हुआ मानते हुए, एक हाइड्रोजन-परमाणु की बन्धन ऊर्जा है-

B = – me⁴/8n²ε₀² (m = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान)

यदि कोई व्यक्ति एक ऐसे निर्देश फ्रेम को उपयोग में लाए जिसमें इलेक्ट्रॉन विराम में हो तो प्रोटॉन इसके चारों ओर परिक्रमण करेगा। समतुल्य तर्कों से अब बन्धन ऊर्जा होगी-

B = – me⁴/8n²ε₀²h² (m = प्रोटॉन द्रव्यमान)

यह अन्तिम व्यंजक सही नहीं है क्योंकि

(a) n पूर्णांक नहीं होगा।
(b) बोर क्वाण्टमीकरण केवल इलेक्ट्रॉनों के लिए प्रयुक्त होता है।
(c) वह निर्देश फ्रेम जिसमें इलेक्ट्रॉन विराम में रहता है जड़त्वीय नहीं है।
(d) प्रोटॉन की गति सन्निकट रूप से भी वृत्तीय कक्षा में नहीं होगी।

12.3 एक सामान्य बोर मॉडल को कई इलेक्ट्रॉनों वाले एक परमाणु के ऊर्जा स्तरों की गणना के लिए प्रत्यक्षतः प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए है क्योंकि-

(a) इलेक्ट्रॉन केंद्रीय बल के आधीन नहीं हैं।
(b) इलेक्ट्रॉन एक दूसरे से टकराते रहते हैं।
(c) स्क्रीन प्रभाव बीच मे आते है।
(d) नाभिक तथा इलेक्ट्रॉन के बीच बल, अब कूलॉम के नियम से निर्धारित नहीं होते।

12.4 सामान्य बोर मॉडल के अनुसार, निम्नतम अवस्था में, हाइड्रोजन परमाणु के इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग h के तुल्य है। कोणीय संवेग एक सदिश है अतः कक्षाओं की संख्या अन्नत होगी, जिनमें कोणीय संवेग सदिश प्रत्येक सम्भव दिशा की ओर इंग्ति कर रहा होगा। वास्तव में यह सही नहीं है-

(a) क्योंकि बोर मॉडल कोणीय संवेग का गलत मान देता है।
(b) क्योंकि इनमें से केवल एक की ऊर्जा न्यूनतम होगी।
(c) कोणीय संवेग इलेक्ट्रॉन के चक्रण की दिशा में होना चाहिए।
(d) क्योंकि इलेक्ट्रॉन केवल क्षैतिज कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं।

12.5 O₂ अणु में ऑक्सीजन के दो परमाणु होते हैं। अणु में, दो परमाणु-नाभिकों के मध्य नाभिकीय बल-

(a) महत्तवपूर्ण नहीं है क्योंकि नामिकीय बलों का परिसर न्यून होता है।
(b) दो परमाणुओं को बाँधने के लिए आवश्यक स्थिर वैद्युत बलों जितने ही महत्त्वपूर्ण हैं।
(c) नाभिकों के मध्य प्रतिकर्षणात्मक स्थिर वैद्युत बलों को निरस्त कर देते हैं।
(d) महत्त्वपूर्ण नहीं है क्योंकि आक्सीजन नाभिक में न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों की संख्या बराबर होती है।

12.6 दो H – परमाणुओं का इनके निम्नतम अवस्था में अप्रत्यास्थ संघट्ट होता है। दोनों की संयुक्त गतिज ऊर्जा में होने वाली अधिकतम कमी है-

(a) 10.20 eV
(b) 20.40 eV
(c) 13.6 eV
(d) 27.2 eV

12.7 उत्तेजित अवस्था में परमाणुओं का एक समूह विघटित होता है-

(a) सामान्यतः निम्नतर ऊर्जा की किसी भी अवस्था तक
(b) एक निम्नतर अवस्था तक केवल तभी जब एक बाह्य निद्युत क्षेत्र द्वारा उत्तेजित किया गया है।
(c) जिनमें सभी एक साथ एक निम्नतर अवस्था में आते हैं।
(d) तो इनसे फोटॉन केवल तभी उत्सर्जित होते हैं जब उनमें संघट्ट होता है।

बहुविकल्पी प्रश्न II (MCQ II)

12.8 एक आयनित H-अणु में एक इलेक्ट्रॉन तथा दो प्रोटॉन होते हैं। प्रोटॉनों के मध्य दूरी ऑग्स्ट्रॉम की कोटि की होती है। निम्नतम अवस्था में-

(a) इलेक्ट्रॉन वृत्तीय कक्षाओं में गति नहीं करेंगे।
(b) ऊर्जा, हाइड्रोजन-परमाणु की (2)⁴ गुना होगी।
(c) इलेक्ट्रॉन की कक्षा प्रोटॉनों के चारों ओर होगी।
(d) अणु शीघ्र ही एक प्रोटॉन और एक हाइड्रोजन परमाणु में विघटित हो जाएगा।

12.9 मुक्त इलेक्ट्रॉनों के एक किरण पुंज को मुक्त प्रोटॉनों की ओर दिष्ट मानें। जब वे प्रकीर्णित होते हैं तो, एक इलेक्ट्रॉन व एक प्रोटॉन मिलकर एक हाइड्रोजन-परमाणु नहीं बन सकते-

(a) ऊर्जा-संरक्षण के कारण
(b) विकिरण के रूप में समक्षणिक ऊर्जा-मोचन के बिना
(c) संवेग संरक्षण के कारण
(d) कोणीय-संवेग संरक्षण के कारण

12.10 हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम के लिए बोर मॉडल-

(a) हाइड्रोजन की आण्विक अवस्था में लागू नहीं होगा।
(b) He- परमाणु की भांति लागू नहीं होगा।
(c) केवल कमरे के ताप पर वैध है।
(d) अविरत तथा विविक्त दोनों प्रकार की स्पेक्ट्रमी रेखाओं की प्रागुक्ति करता है।

12.11 H-परमाणु के लिए बॉमर श्रेणी प्रेक्षित की जा सकती है-

(a) यदि हम उत्सर्जित प्रकाश की आवृत्ति उस क्षण मापें जब परमाणु उत्तेजित अवस्था से निम्नतम अवस्था में आता है।
(b) यदि हम उत्सर्जित प्रकाश की आवृत्ति, उत्तेजित अवस्थाओं से प्रथम उत्तेजित अवस्था तक संक्रमण में मांपे।
(c) हाइड्रोजन-परमाणु के किसी भी संक्रमण में।
(d) आवृत्तियों के अनुक्रम की भाँति, जिसमें उच्चतर आवृत्तियाँ सुसंकुलित हो रही हों।

12.12 माना कि En = -1/8ε₀² me⁴/n²h² हाइड्रोजन परमाणु के n वें स्तर की ऊर्जा है। यदि सभी हाइड्रोजन परमाणु निम्नतम अवस्था मे हों तथा (E₂-E₁)/h आवृत्ति का विकिरण इस पर आपतित हो तो-

(a) यह बिलकुल भी अवशोषित नहीं होगा।
(b) कुछ परमाणु प्रथम उत्तेजित अवस्था की ओर गति करेंगे।
(c) सभी परमाणु n = 2 अवस्था तक उत्तेजित होंगे।
(d) कोई भी परमाणु n = 3 अवस्था तक संक्रमण नहीं करेगा।

12.13 सामान्य बोर मॉडल ⁴He परमाणु पर लागू नहीं होता है-

(a) क्योंकि ⁴He एक अक्रिय-गैसे है।
(b) क्योंकि ⁴He के नाभिक में न्यूट्रॉन हैं।
(c) क्योंकि ⁴He के पास एक इलेक्ट्रॉन अधिक है।
(d) क्योंकि इलेक्ट्रॉन केन्द्रीय बलों के अधीन नहीं हैं।

अति लघउत्तरीय (VSA)

12.14 एक हाइड्रोजन परमाणु का द्रव्यमान, एक प्रोटान व इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमानों के योग से कम है। ऐसा क्यों है।

12.15 ⁴He तथा ³He से एक इलेक्ट्रॉन के निष्कासन की कल्पना करें। बोर मॉडल के आधार पर परिकलित, इनके ऊर्जा स्तर बहुत अधिक निकट होंगे। ऐसा क्यों, व्याख्या करें।

12.16 जब एक इलेक्ट्रॉन उच्चतर ऊर्जा से निम्न ऊर्जा स्तर में आता है तो ऊर्जा का अन्तर विद्युत चुम्बकीय विकिरण के रूप में प्रकट होता है। यह ऊर्जा के अन्य रूपों में उत्सर्जित क्यों नहीं हो सकता।

12.17 यदि प्रोटॉन पर आवेश (+4/3)e और इलेक्ट्रॉन पर आवेश (−3/4)e हो तो क्या H-परमाणु का बोर सूत्र अपरिवर्तित रहेगा। यहाँ e = 1.6 × 10⁻¹⁹C है। अपने उत्तर के समर्थन में तर्क दें।

12.18 दो भिन्न हाइड्रोजन परमाणु लें। प्रत्येक परमाणु में इलेक्ट्रॉन उत्तेजित अवस्था में है। बोर मॉडल के अनुसार क्या यह सम्भव है कि इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा तो भिन्न हो परन्तु कक्षीय कोणीय संवेग समान हो।

लघुउत्तरीय (SA)

12.19 पॉजिट्रोनियम, H-परमाणु की भाँति ही है जिसमें प्रोटॉन, इलेक्ट्रॉन के धनावेशित प्रति कण (इसे पॉजिट्रॉन कहते हैं, जो इलेक्ट्रॉन के बराबर ही भीर है) द्वारा प्रतिस्थापित होता है। पोजिट्रोनियम की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा क्या होगी।

12.20 कल्पना करें कि एक परमाणु के इलेक्ट्रॉनों के मध्य कोई प्रतिकर्षण बल नहीं है लेकिन धनावेश तथा ऋणावेश के मध्य बल पूर्वानुसार कूलॉम के नियम से दिया जाता है। इन परिस्थितियों में He- परमाणु की निम्नतम अवस्था में ऊर्जा परिकलित कीजिए।

12.21 बोर मॉडल का उपयोग करके, हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम अवस्था में इलेक्ट्रॉन द्वारा निर्मित विद्युतत-धारा का परिकलन कीजिए।

12.22 दर्शाइए कि जब इलेक्ट्रॉन किसी उच्चतर स्तर से n वें स्तर में आता है (n >>1), तो उत्सर्जित प्रकाश की पहली कुछ आवृत्तियाँ लगभग संनादी (अर्थात् 1 : 2: 3… के अनुपात में) होती हैं।

12.23 बॉमर श्रेणी की Hᵧ रेखा को उत्सर्जित कर सकते हेतु, हाइड्रोजन परमाणु को निम्नतम अवस्था में दी जाने वाली न्यूनतम ऊर्जा कितनी होगी। यदि निकाय का कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, तो इस Hᵧ फोटॉन का कोणीय संवेग क्या होगा।

दीर्घउत्तरीय (LA)

12.24 हाइड्रोजन परमाणु की लाइमन श्रेणी की प्रथम चार स्पेक्ट्रमी रेखाएँ हैं- λ = 1218 Å, 1028Å, 974.3 Å और 951.4Å। यदि हाइड्रोजन के स्थान पर ड्यूटीरियम को लें तो इन रेखाओं के तरंगदैर्घ्य में विचलन की गणना करें।

12.25 ड्यूटीरियम की खोज, 1932 में हारोल्ड उरे द्वारा, ¹H तथा ²H में एक विशेष संक्रमण के लिए तरंगदैर्घ्य के अल्प परिवर्तन को नाप कर की गई। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि किसी संक्रमण के संगत तरंगदैर्घ्य किसी सीमा तक नाभिक के द्रव्यमान पर निर्भर करती है। यदि नाभिकीय गति को ध्यान में रखा जाए तो इलेक्ट्रॉन व नाभिक अपने उभयनिष्ठ द्रव्यमान केंद्र की परिक्रमा करते हैं। यह निकाय एक ऐसे कण के समतुल्य है जिसका समानीत द्रव्यमान µ है, और जो नाभिक के चारों ओर इलेक्ट्रॉन-नाभिक के बीच की दूरी के बराबर दूरी पर परिक्रमण करता है। यहाँ µ = mₑM/(mₑ+M) जहाँ M नाभिक का द्रव्यमान तथा mₑ इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान है। ¹H तथा ²H में लाइमन श्रेणी की प्रथम रेखा की तरंगदैर्घ्य में होने वाले अन्तर के प्रतिशत का परिकलन करें। (¹H नाभिक का द्रव्यमान =1.6725 × 10⁻²⁷ kg, ²H नाभिक का द्रव्यमान =3.3374 × 10⁻²⁷ kg, इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान = 9.109 × 10⁻³¹ kg)

12.26 यदि प्रोटॉन की त्रिज्या ‘R’ तथा आवेश एकसमान रूप से वितरित हों, तो बोर सिद्धान्त का उपयोग करके हाइड्रोजन परमाणु की निम्नतम स्तर की ऊर्जा की गणना करें जब (i) R = 0.1Å, (ii) R = 10 ÅA

12.27 ओजे प्रकम में एक परमाणु बिना फोटॉन उत्सर्जित किए, निम्न अवस्था में संक्रमण करता है। अतिरिक्त ऊर्जा एक बाह्य इलेक्ट्रॉन को स्थानान्तरित की जाती है जिसके परमाणु से उत्सर्जित हो जाने की संभावना है। (इसे ओजे इलेक्ट्रॉन कहते हैं)। नाभिक को भारी मानते हुए क्रोमियम में n = 2 से n = 1 में संक्रमण के फलस्वरूप उत्सर्जित फोटॉन के संगत ऑगर इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा का परिकलन कीजिए।

12.29 हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल स्थिर विद्युत के कूलॉम-नियम पर निर्भर करता है। कूलॉम का नियम प्रत्यक्षतः बहुत अल्प दूरियों (Å के समकक्ष) के लिए परीक्षित नहीं है। माना कूलॉम का नियम दो विपरीत आवेशों +q₁, q₂ के लिए परिष्कृत किया गया है-

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – परमाणु

यूनिट 12 – परमाणु के प्रश्नों के उत्तर यहाँ से प्राप्त करें

12.1 (c)
12.2 (c)
12.3 (a)
12.4 (a)
12.5 (a)
12.6 (a)
12.7 (a)
12.8 (a), (c)
12.9 (a), (b)
12.10 (a), (b)
12.11 (b), (d)
12.12 (b), (d)
12.13 (c), (d)

12.14 आइंस्टीन के द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध से हमें प्राप्त होता हैः E = mc². अतः हाइड्रोजन के एक परमाणु का द्रव्यमान है mp + mₑ – B/c², जहाँ B ≈ 13.6 eV बंधन-ऊर्जा है।

12.15 क्योंकि इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान की तुलना में दोनों नाभिक अत्यधिक भारी हैं।

12.16 क्योंकि इलेक्ट्रॉन केवल वैद्युत चुम्बकीय रूप से पारस्परिक क्रिया करते हैं।

12.17 हाँ, क्योंकि बोहर-सूत्र में केवल आवेशों का गुणनफल निहित है।

12.18 नहीं, क्योंकि बोहर प्रतिरूप के अनुसार En = – 13.6/n², और भिन्न-भिन्न ऊर्जा के इलेक्ट्रॉन विभिन्न n- मान वाले स्तरों से समबद्ध होते हैंः अतः उनके कोणीय-संवेग भिन्न होंगे, क्योंकि mvr = nh/2π

इस पेज पर दिए गए कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – परमाणु की सहायता से छात्रों की तैयारी अच्छे तरीके से हो सकती है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए और अपनी तैयारी सुदृढ़ तरीके से करने के लिए छात्र इस पेज पर दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तरों को देख सकते हैं।

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान

Manipal University 2020 Admission Open!! Apply Now!!

Recent Posts

मध्य प्रदेश बोर्ड 12वीं टाइम टेबल 2020 : जारी

मध्य प्रदेश बोर्ड प्रति वर्ष 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है। बोर्ड परीक्षा से पहले बोर्ड ऑफ़ सेकेंड्री…

12 घंटे ago

मध्य प्रदेश बोर्ड 10वीं टाइम टेबल 2020 : जारी

मध्य प्रदेश बोर्ड प्रति वर्ष 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करता है। बोर्ड परीक्षा से पहले बोर्ड ऑफ़ सेकेंड्री…

13 घंटे ago

मध्य प्रदेश बोर्ड टाइम टेबल 2020| 10वीं, 12वीं परीक्षा : जारी

छात्र इस पेज से पूरा टाइम टेबल प्राप्त कर सकते हैं। जिन छात्रों ने मध्य प्रदेश से रेगुलर या ओपन…

13 घंटे ago

डेली करेंट अफेयर्स 2019 (Daily Current Affairs 2019) : सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए महत्त्वपूर्ण प्रश्न

देश में हर रोज रेलवे, बैंक, पुलिस, आर्मी आदि विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी नौकरियां निकलती रहती हैं। जिसके लिए लाखों…

13 घंटे ago

यूपी टीईटी 2019 (UP TET 2019) : एडमिट कार्ड जारी

यूपी टीईटी 2019 - उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2019 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यूपी…

2 दिन ago

यूपी टीईटी एडमिट कार्ड 2019 (UP TET Admit Card 2019) : जारी

यूपी टीईटी 2019 की परीक्षा 22 दिसंबर 2019 को आयोजित की जाएगी जिसके लिए UPBEB यानि (उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन…

2 दिन ago