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कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति

भौतिकी विज्ञान विषय की अच्छी तैयारी के लिए कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति यहाँ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसे छात्र जो भौतिकी विज्ञान विषय की परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करना चाहते है उन्हें अपनी तैयारी के लिए यहाँ विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर मिल जाएंगे। महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर की जानकारी किसी भी परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक होती है। इस पेज में NCERT Book के यूनिट 11 – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर प्राप्त कर सकते हैं।

श्रोत: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद्
कक्षा: 12
विषय: भौतिकी विज्ञान
अध्याय: यूनिट 11 – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान विषय के यूनिट 11 – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर यहाँ प्राप्त करें।

बहुविकल्पी प्रश्न I (MCQ I)

11.1 किसी कण को H ऊँचाई से गिराया जाता है। ऊँचाई के फलन के रूप में कण की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य निम्न में से किसके अनुक्रमानुपाती होती है।

(a) H
(b) H½
(c) H⁰
(b) H⁻½

11.2 नाभिक से 1 MeV ऊर्जा द्वारा बन्धित प्रोटॉन को नाभिक से बाहर निकालने के लिए आवश्यक फोटॉन की तरंगदैर्घ्य लगभग कितनी होती है।

(a) 1.2 nm
(b) 1.2 × 10⁻³nm
(c) 1.2 × 10⁻⁶nm
(d) 1.2 × 10¹nm

11.3 निर्वातित प्रकोष्ठ में रखे धातु के पृष्ठ पर आपतित इलैक्ट्रॉनों को किसी पुंज (जिसमें प्रत्येक इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा E₀ है) पर विचार कीजिए। इस पृष्ठ से-

(a) कोई इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित नहीं होगा क्योंकि केवल फोटॉन ही इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित कर सकते हैं।
(b) इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हो सकते हैं परन्तु प्रत्येक की ऊर्जा E₀ होगी।
(c) अधिकतम ऊर्जा E₀ – φ सहित, (φ धातु का कार्यफलन है) किसी भी ऊर्जा के इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हो सकते हैं।
(d) अधिकतम ऊर्जा E₀ सहित किसी भी ऊर्जा के इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हो सकते हैं।

11.4 एन.सी.ई.आर.टी की भौतिकी की कक्षा 12 की पाठ्यपुस्तक में दिए गए चित्र 11.7 पर विचार कीजिए। मान लीजिए A पर लगाई लई वोल्टता को बढ़ाया जाता है। विविर्तित किरण पुंज में उच्चिष्ठ θ के जिस मान के लिए होगा वह-

(a) पूर्ववर्ती मान से अधिक होगा
(b) पूर्ववर्ती मान के बराबर होगा
(c) पूर्ववर्ती मान से कम होगा
(d) लक्ष्य पर निर्भर करेगा

11.5 एक प्रोटॉन, एक न्यूट्रॉन, एक इलेक्ट्रॉन तथा एक α-कण की ऊर्जा परस्पर बराबर है तो उनकी दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्या में तुलना इस प्रकार की जा सकती है-

(a) λp = λn > λe > λα
(b) λα < λp = λn > λe
(c) λe < λp = λn > λα
(d) λe = λp = λn = λα

11.6 कोई इलेक्ट्रॉन जिसका पारंभिक वेग v = v₀ᵢ है किसी चुम्बकीय क्षेत्र B = B₀j में गतिमान है। इस इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य-

(a) अचर रहती है
(b) समय के साथ बढ़ती है
(c) समय के साथ घटती है
(d) आवर्ती रूप से बढ़ती और घटती है

11.7 कोई इलेक्ट्रॉन (द्रव्यमान m) जिसका प्रारंभिक वेग v = v₀ᵢ (v₀ > 0) है किसी विद्युत क्षेत्र E = –E₀ᵢ (E₀ = अचर > 0) में गतिमान है। t क्षण पर इस इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली

(a) λ₀/(1+eE₀/m t/v₀)
(b) λ₀ (1+eE₀t/mv₀)
(c) λ₀
(d) λ₀t

बहुविकल्पी प्रश्न II (MCQ II)

11.9 जब गतिज ऊर्जा 1/mv² राशि mc² के तुलनीय होने लगती है, जहाँ m कण का द्रव्यमान है, तो सापेक्षिकता संशोधन अनिवार्य हो जाते हैं। इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य के किस मान के लिए सापेक्षिकता संशोधन महत्वपूर्ण होंगे।

(a) λ =10 nm
(b) λ =10⁻¹ nm
(c) λ =10⁻⁴ nm
(d) λ =10⁻⁶ nm

11.10 m₁ तथा m₂ (m₁ > m₂) द्रव्यमान के दो कणों A₁ तथा A₂ की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य समान हैं। तब

(a) उनके संवेग समान हैं
(b) उनकी ऊर्जा समान हैं
(c) A₁ की ऊर्जा A₂ से कम है
(d) A₁ की ऊर्जा A₂ से अधिक है।

11.11 किसी फोटॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य एक इलेक्ट्रॉन की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य की दोगुनी है। यदि इलेक्ट्रॉन की चाल vₑ = c /100 है, तब

11.12 द्रव्य में अवशोषित फोटॉन ऊष्मा में परिवर्तित हो जाते हैं। ν आवृत्ति के n प्रति सेकण्ड फॉटॉन उत्सर्जित करने वाले किसी स्रोत को 0°C की 1 kg बर्फ को 0°C के जल में परिवर्तित करने के लिए उपयोग किया जाता है। तब इस परिवर्तन में लगा समय T

(a) नियत ν के लिए, n में वृद्धि के साथ कम होता है।
(b) नियत n के लिए, ν में वृद्धि के साथ कम होता है।
(c) अपरिवर्तित रहता है यदि n और ν में इस प्रकार परिवर्तन हो कि nν = अचर रहे।
(d) गुणनफल nν में वृद्धि होने पर बढ़ता है।

11.13 कोई कण मूल बिन्दु की और लगने वाले किसी बल के कारण मूल बिन्दु के परितः किसी बन्द कक्षा मेें गमन करता है। इस कण की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य चक्रीय क्रम में दो मानों λ₁ एवं λ₂ (λ₁ > λ₂) के बीच परिवर्तित होती है। नीचे दिए गए प्रकथनों में कौन से सत्य हैं।

(a) कण मूल बिन्दु को केन्द्र बनाकर वृत्तीय कक्षा में गति करेगा।
(b) कण मूल बिन्दु को अपना फोकस रखते हुए दीर्घवृत्तीय कक्षा में गति करेगा।
(c) जब दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λ₁ है, तो कण उस स्थिति की अपेक्षा मूल बिन्दु के निकटतर होता है जब इसका मान λ₂ है।
(d) जब दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λ₂ है, तो कण उस स्थिति की अपेक्षा मूल बिन्दु के निकटतर होता है जब इसका मान λ₁ है।

अति लघुुउत्तरीय (VSA)

11.14 किसी प्रोटॉन और किसी α-कण को समान विभवान्तर द्वारा त्वरित किया गया है। दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λp एवं λₐ परस्पर किस प्रकार संबंधित हैं।

11.15 (i) प्रकाश विद्युत प्रभाव की व्याख्या करते समय हमने यह माना था कि ν आवृत्ति का फोटॉन किसी इलेक्ट्रॉन से संघट्ट करता है और अपनी ऊर्जा उसको हस्तांतरित कर देता है। इससे हमें उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम ऊर्जा, E अधिकतम, के लिए निम्न प्रकार का समीकरण प्राप्त होता है-

E अधिकतम = hν – φ₀

जहाँ φ₀ धातु का कार्यफलन है। यदि कोई इलेक्ट्रॉन दो फोटॉन (प्रत्येक की आवृत्ति ν है) अवशोषित करता है, तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम ऊर्जा क्या होगी।

(ii) निरोधी विभव संबंधी हमारी विवेचना में दो फोटॉन अवशोषण के इस प्रकरण पर विचार क्यों नहीं किया गया।

11.16 कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जो लघु तरंगदैर्घ्य के फोटॉन को अवशोषित करते हैं और दीर्घ तरंगदैर्घ्य के फोटॉन उत्सर्जित करते हैं। क्या ऐसे स्थायी पदार्थ भी हो सकते हैं जो दीर्घ तरंगदैर्घ्य के फोटॉन अवशोषित करके लघु तरंगदैर्घ्यों का प्रकाश उत्सर्जित करें।

11.17 क्या फोटॉन अवशोषित करने वाले सभी इलेक्ट्रॉन फोटोइलेक्ट्रॉनों के रूप में निष्क्रमित होते हैं।

11.18 दो प्रकाश स्रोत हैं जिनमें प्रत्येक 100 W शक्ति उत्सर्जित करता है। इनमें से एक 1nm तरंगदैर्घ्य की X- किरणें और दूसरा 500 nm का दृश्य प्रकाश उत्सर्जित करता है। दी गई तरंगदैर्ध्यों के लिए X–किरणों के फोटॉनों की संख्या तथा दृश्य प्रकाश के फोटॉनों की संख्या का अनुपात ज्ञात कीजिए।

लघुउत्तरीय (SA)

11.19 प्रकाश विद्युत उत्सर्जन संबंधी चित्र 11.1 पर विचार कीजिए। इस प्रकरण के लिए आप यहाँ संवेग संरक्षण से सामंजस्य कैसे स्थापित करेंगे। ध्यान दीजिए, इस स्थिति में प्रकाश (फोटॉन) का संवेग उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों के संवेग से भिन्न दिशा में है।

11.20 600 nm की तरंगदैर्घ्य के प्रकाश से उद्भासित किसी धातु की सतह से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम ऊर्जा मापी गई। यह पाया गया कि 400 nm तरंगदैर्घ्य के प्रकाश का उपयोग करने पर इससे उत्सर्जित होने वाले इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम ऊर्जा दोगुनी हो गई। धातु का कार्य फलन (eV में) ज्ञात कीजिए।

11.21 मान लीजिए कोई इलेक्ट्रॉन 1nm चौड़े क्षेत्र में परिसीमित है। हाइजेनबर्ग अनिश्चितता के सिद्धान्त का उपयोग करके संवेग में अनिश्चितता परिकलित कीजिए (संदर्भः भौतिकी, कक्षा-12, एन.सी.ई.आर.टी., समीकरण 11.12)। आप यह मान सकते हैं कि स्थिति में अनिश्चितता ∆x है जिसका मान 1nm है। यह मानते हुए कि p=∆p इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा इलेक्ट्रॉन वोल्ट (eV) में परिकलित कीजिए।

11.22 समान तीव्रता I के दो एकवर्णी किरण पुंज A एवं B किसी पर्दे से टकराते हैं। पुंज A के पर्दे पर टकराने वाले फोटॉनों की संख्या पुंज B की दोगुनी है। उनकी आवृत्तियों के विषय में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं।

11.23 λ₁ एवं λ₂ दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य के दो कण A एवं B मिलकर कोई कण C बनाते हैं। इस प्रक्रिया में संवेग संरक्षण होता है। कण C के दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य का परिकलन कीजिए (गति एकविमीय है)।

11.24 E ऊर्जा का न्यूट्रॉन पुंज किसी ऐसे पृष्ठ के परमाणुओं से प्रकीर्णित होता है जिसमें परमाणुओं के बीच दूरी d = 0.1nm है। परावर्तित पुंज की तीव्रता का प्रथम उच्चिष्ठ θ = 30° पर प्राप्त होता है। पुंज की ऊर्जा (eV में) E का मान क्या है।

दीर्घउत्तरीय (LA)

11.25 सोडियम के किसी तनु लक्ष्य ((10⁻²m² क्षेत्रफल, 10⁻³ मोटाई) पर विचार कीजिए जिस पर जब 100W/m² तीव्रता का प्रकाश (λ = 660 nm) डाला जाता है तो इससे 100µA की प्रकाश विद्युत धारा उत्पन्न होती है। जब कोई इलेक्ट्रॉन किसी सोडियम परमाणु (Na का घनत्व 0.97kg/m⁻³) से टकराता है तो फोटोइलेक्ट्रॉन उत्पन्न होने की प्राथमिकता परिकलित कीजिए।

11.26 किसी धात्विक पृष्ठ (जिसे अनन्त विस्तार का समतल पृष्ठ मान सकते हैं) के सामने d दूरी पर स्थित इलेक्ट्रॉन पर विचार कीजिए। मान लीजिए कि प्लेट के द्वारा इस पर लगने वाला आकर्षण बल 1/4 q²/4πε₀d² है। आवेश को प्लेट से अनन्त दूरी पर ले जाने में किया जाने वाला कार्य परिकलित कीजिए। d = 0.1nm लेकर कार्य (eV में) परिकलित कीजिए। [d < 0.1nm के लिए यह बल नियम लागू नहीं होता।]

11.27 कोई विद्यार्थी दो पदार्थ A एवं B लेकर प्रकाश विद्युत प्रभाव संबंधी प्रयोग करता है। V विरोधी तथा V क ग्राफ चित्र 11.2 में दर्शाया गया है।

(i) A एवं B में किस पदार्थ का कार्यफलन अधिक है।

(ii) इलेक्ट्रॉन का विद्यु आवेश = 1.6 × 10⁻¹⁹C लेकर प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर A एवं B दोनों के लिए h का मान ज्ञात कीजिए। टिप्पणी कीजिए कि क्या यह आइन्सटाइन के सिद्धान्त के अनुरूप है।

11.28 mA द्रव्यमान का कोई कण A v वेग से गतिशील होकर mB द्रव्यमान के विरामावस्था में रखे कण B से टकराता है (गति एकविमीय है)। कण A की दे-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य में होने वाला परिवर्तन परिकलित कीजिए। संघट्ट को प्रत्यास्थ मानिए।

11.29 20 W का कोई बल्ब 5000 A तरंगदैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित कर रहा है जो 2m दूरी पर रखे किसी धात्विक पृष्ठ को प्रकाशित कर रहा है। यह मानकर कि धात्विक पृष्ठ का कार्यफलन 2 eV है और इसके प्रत्येक परमाणु को 1.5 A त्रिज्या की वृत्तीय चकती माना जा सकता है-

(i) बल्ब से प्रति सेंकड उत्सर्जित होने वाले फोटॉनों की संख्या का आकलन कीजिए (कोई भी अन्य क्षय परिकलन में न लाइए)।
(ii) क्या धात्विक पृष्ठ से प्रकाश विद्युत उतसर्जन होगा।
(iii) परमाण्विक चकती को कार्यफलन (2 eV) के बराबर ऊर्जा प्राप्त करने में कितना समय लगेगा।
(iv) ऊपर (iii) में परिकलित समय अन्तराल में परमाण्विक चकती कितने फोटॉन ग्रहण करेगी।
(v) क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि प्रकाश विद्युत प्रभाव का तात्क्षणिक प्रेक्षण किस प्रकार किया गया।

(संकेतः भाग (iii) में परिकलित समय चिर प्रतिष्ठित विचारों के आधार पर प्राप्त किया गया है, इस विचार को आगे बढ़ाते हुए आप 1cm² पृष्ठक्षेत्र के लक्ष्य को लेकर यह आकलन कीजिए कि क्या होगा।)

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति

यूनिट 11 – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति के प्रश्नों के उत्तर यहाँ से प्राप्त करें

11.1 (d)
11.2 (b)
11.3 (d)
11.4 (c)
11.5 (b)
11.6 (a)
11.7 (a)
11.8 (c)
11.9 (c), (d)
11.10 (a), (c)
11.11 (b), (c)
11.12 (a), (b), (c)
11.13 (b), (d)

इस पेज पर दिए गए कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर – विकिरण तथा द्रव्य कि द्वैत प्रकृति की सहायता से छात्रों की तैयारी अच्छे तरीके से हो सकती है। परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए और अपनी तैयारी सुदृढ़ तरीके से करने के लिए छात्र इस पेज पर दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तरों को देख सकते हैं।

कक्षा 12 भौतिकी विज्ञान

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