छत्तीसगढ़ पुलिस

जो भी उम्मीदवार टीईटी की परीक्षा की तैयारी कर रहें है उनके लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है कि राज्य सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में जल्द ही फेर बदल करने वाली है। जानकारी के मुताबित अब टेट की सभी परीक्षा में 60 परसेंट अंक लाना अनिवार्य हो गया है। इस नियम ने उन उम्मीदवारों की चिंता बढ़ा दी है जो दिन रात टेट की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि टेट परीक्षा में पहले से ही उम्मीदवारों को बहुत दिक्क्तों का सामना करना पड़ता था। अब यह नियम आने के बाद उम्मीदवारों की दिक्क्तों को और ज्यादा हो गई हैं ।

आपको बता दें कि विभागीय मंत्री की मंजूरी के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा। राज्य में 2012 में शिक्षक पात्रता परीक्षा की नियमावली तैयार की गयी थी। तब से 2012 के अनुसार ही टेट परीक्षा नियमावली चल रही थी। अचानक विभागीय मंत्री के लिए गए इस फैसले ने सबको हैरान कर दिया है। नयी नियमावली से सबसे ज्यादा असर उन उम्मीदवारों पर पढ़ेगा जो दिन रात टेट 8 परीक्षा के की मेहनत करते हैं ।
शिक्षक पात्रता परीक्षा में नए नियम के अनुसार सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को परीक्षा में सभी अलग -अलग विषय पर 60 परसेंट अंक लाना अनिवार्य होगा। वही दूसरी और अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति ,पिछड़ा वर्ग और विकलांग वर्ग में आने वालो उम्मीदवारों को परीक्षा में सभी अलग -अलग विषय पर 8 परसेंट की छूट दी जाएगी। छूट के अनुसार उनको सभी अलग -अलग विषय पर 52 परसेंट अंक लाना अनिवार्य होगा।
प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की टेट (अध्यापक पात्रता परीक्षा)-2018 को 77565 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 74476 आवेदन ही फीस की डिटेल और पूरे भरे पाए गए हैं। यदि बोर्ड अपने प्रश्नपत्र के पैटर्न में फेरबदल करता है तो इन सभी उम्मीदवारों को लाभ जरूर मिलेगा। यह लाभ किस हद तक ठीक होगा उसका पता तो टेट परीक्षा नए बदलाव आने के बाद ही चलेगा।

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