जो उम्मीदवार डी यू यूनिवर्सिटी में दाखिला लोना चाहते हैं उनको बता दें कि प्रवेश समिति की पहली बैठक में सोमवार सुबह इस पर फैसला लिया गया कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) अपने शैक्षणिक वर्ष 2018-19  की दाखिला प्रक्रिया इस साल अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू कर देगा। 2018-19 के शैक्षणिक सत्र के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण अप्रैल के पहले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है, जो आम कार्यक्रम से लगभग दो महीने पहले होगा। पिछले साल 22 मई को पंजीकरण आरंभ हुआ था।

प्रख्यात पर्यावरण वैज्ञानिक और विज्ञान संकाय के डीन प्रोफेसर महाराज के पंडित की अध्यक्षता में प्रवेश समिति, इस साल प्रवेश प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण बदलावों को शामिल करने पर विचार कर रही है। समिति महाविद्यालयों द्वारा “अवास्तविक” दिल्ली यूनिवर्सिटी एडमिशन कट ऑफ लिस्ट की प्रक्रिया को समाप्त करने की योजना बना रही है जिसके लिए कई हितधारकों से परामर्श किया जा रहा है। इसके अलावा समिति प्रवेश के लिए ऑनलाइन परामर्श पर एक नीति तैयार करने पर काम कर रही है।

प्रोफेसर पंडित ने कहा कि इस वर्ष उत्तर-पूर्व छात्रों के लिए एक विशेष कक्ष बनाया गया है और उनके लिए एक विशेष अभियान आयोजित किया जाएगा। “एन-ई के छात्रों के लिए प्रत्येक कॉलेज में नोडल अधिकारी होंगे, आगे एन-ई के छात्रों के लिए एक केंद्रीय प्रवेश समिति बनाई गई है। प्रोफेसर पंडित ने कहा कि वे छात्रों को डीयू में आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए एन-ई में स्कूलों से संपर्क करेंगे। ”

इसके अलावा, ओबीसी श्रेणी में महिलाओं के छात्रों को योग्यता में 2 प्रतिशत अतिरिक्त रियायत दी जाएगी। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद ओबीसी की कोई भी सीट रिक्त नहीं है। सीबीएसई बोर्ड से डीयू ने इस बात की पुष्टि ले ली है कि मॉडरेशन पॉलिसी को इस सत्र में लागू नहीं की जाएगी। साथ ही दिल्ली यूनिवर्सिटी दाखिला समिति के अध्यक्ष ने ये भी कहा है कि इसके अलावा हम देश के विभिन्न बोर्ड को मॉडरेशन के बारे में लिखकर डिस्क्लेमर मंगाएंगे।दाखिला नियमों में जिसके अनुसार फेरबदल किया जा सके।

इस साल भी डीयू के छात्रों के लिए परास्नातक दाखिले में 50 फीसदी सीटें आरक्षित रखने की व्यवस्था जारी रहेगी। प्रवेश परीक्षा अन्य सीटों के लिए होगी। डीयू के विद्यार्थियों का इस बार पीजी में दाखिला सीबीसीएस प्रणाली के आधार पर स्नातक में आए परिणाम के अनुसार होगा। दाखिला समिति ने बताया कि इस वर्ष डीयू स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के लिए कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा का आयोजन करेगा। और स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश कट ऑफ पर ही आधारित होगा। इसके लिए ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा नहीं होगी।

डी यू यूनिवर्सिटी दाखिला समिति ने नये बदलाव किए हैं। जिसमें छात्र अपना प्रवेश खुद रद्द कर सकते हैं। स्नातक प्रवेश के लिए नियुक्त विशेष कार्य अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा ने कहा कि कोई भी छात्र या छात्रा अपना प्रवेश विश्वविद्यालय के पोर्टल पर जाकर स्वयं रद्द कर सकता है। ऑनलाइन आवेदन के वक्त सर्वर में काफी कमी आती है। जिस कारण इसकी क्षमता भी बढ़ाई है। दाखिला समिति ने दावा किया है कि एक लाख आवेदक मौजूदा सर्वर में एक साथ आवेदन फॉर्म भर सकेंगे।

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