दिल्ली विश्वविद्यालय में नामंकम के लिए इक्षुक उम्मीदवार इस खबर को ध्यान से पढ़ें। दिल्ली विश्वविद्यालय में एम. फिल और पी. एच. डी प्रोग्राम्स में दाखिला लेने के लिए आरक्षित वर्ग यानी अनुसूचित जाती / अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ी जाती के उम्मीदवारों को प्रवेश परीक्षा में 5 प्रतिशत छूट देने की घोषणा की है। यूजीसी ने दिल्ली विश्वविद्यालय को 8 सितंबर को जारी निर्देश में कहा था कि आरक्षित वर्ग के छात्रों को प्रवेश के लिए 5 प्रतिशत की छूट दी जाए। सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है जबकि अब आरक्षित वर्गों के छात्रों के लिए सिर्फ 45 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा।

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एक अधिसूचना जारी की है। जारी हुए अधिसूचना में कहा गया है की यह छूट केवल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों और दिव्यांग उम्मीदवारों को दिया गया है। क्यूंकि वे 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले नियम में उत्तीर्ण नहीं हो पाते थे। दिल्ली यूनिवर्सिटी के द्वारा जारी अधिसूचना में यह भी कहा गया है की कई विभागों में देखिला प्राप्त करने के लिए उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा में पचास प्रतिशत अंक प्राप्त करने में विफल हो जाते थे। उन विफल उम्मीदवारों में कुछ सामान्य वर्ग के उम्मीदवार भी शामिल थे।

कुछ छात्रों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के इस फैसले का विरोध किया था। विरोधी छात्रों ने हाई कोर्ट में याचिका भी दर्ज कराई थी। याचिका दर्ज होने के बाद एम. फिल / पी. एच. डी के लिए होने वाले इंटरव्यू को स्थगित कर दिया गया था। इस मामले को संसद में भी उठाया गया था और एचआरडी मिनिस्टर ने कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था। 5 फीसदी की छूट के बाद भी छात्रों का कहना है कि अब भी बड़ी संख्या में छात्र इसे क्वॉलिफाई नहीं कर पाएंगे। दिल्ली यूनिवर्सिटी में एम. फिल और पी. एच. डी प्रोग्राम में दो तरीके से दाखिला लिया जाता है। डीयू द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा और नेट क्वॉलिफाई करने के आधार पर लिया जाता है दाखिला।

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