जीएसटी यानि गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, जीएसटी भारत का 122 वां सविधान संशोधन है। जिसे भारत में टैक्स सुधारों को लेकर आजादी के बाद अब तक का सबसे मह्तवपूर्ण संवैधानिक संधोधन में से एक माना जाता है। राज्य सभा में जीएसटी को लेकर संविधान संशोधन को मंजूरी मिलने के बाद आज पूरा भारत 1 अप्रैल 2017 से जीएसटी की प्रणाली को लागू करता है। 1 अप्रैल 2017 से शुरु होने वाला जीएसटी जिसको हिंदी में ‘वस्तु एवं सेवा कर’ कहा जाता है। हम से ऐसे कई ऐसे उम्मीदवार होते हैं जिनको जीएसटी में अपना करियर बनाना चाहते हैं और अपने लक्ष्य को पूरा करना चाहते हैं। आज हम उन्हीं उम्मीदवारों को कुछ ऐसे कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे उम्मीदवार जीएसटी में अपना करियर बना सकते हैं। उम्मीदवारों की जानकारी के लिए बता दें कि तीन शहरों में जीएसटी कोर्स शुरु किया जायेगा जैसे- दिल्ली, बैंगलुरु और भोपाल।

जीएसटी देश में लागू होने के बाद इतने बड़े बदलाव की वजह से आज भी कई व्यापारियों और जनता के लिए जीएसटी को समझना मुश्किल है, जीएसटी लागू होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। खबरों के अनुसार कहा जा रहा है कि साल 2019 के मुताबिक जीएसटी के कुछ नियमों में पूरी तरह से कई बदलाव किए गए हैं। इसी के साथ ऐसे कई नए कोर्स भी शुरू किए गए हैं, जिससे ना सिर्फ उम्मीदवार जीएसटी को समझ सकते हैं, बल्कि उसमें अपना करियर में अहम भूमिका निभा सकते हैं। तो अगर अाप भी हैं जीएसटी में अपना करियर बनाने के कुछ तो ये आर्टिकल आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।

जीएसटी के ये कोर्स करने के बाद बनाएँ अपना करियर

जीएसटी के ये कुछ कोर्स करने के बाद उम्मीदवार अपना करियर बना सकते हैं।भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (ICAI) ने एक जीएसटी सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से उम्मीदवार जीएसटी की पढ़ाई को आसानी से करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। तो आइये जानते हैं आखिर कौन से तीन शहरों में किस विश्वविद्यालय से कोर्स कर सकते हैं और अपना करियर बना सकते हैं।

1- डॉ.भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी

डॉ. भीमराव आंबेडकर यूनिवर्सटी ने सार्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की थी जो कि 6 महीने की है। इस कोर्स की खास बात तो यह है कि पिछले साल यानि 2018 में कई इच्छुक उम्मीदवारों ने इस कोर्स के लिए आवेदन किया था। जिसमें कॉमर्स के सीनियर प्रोफेसर्स, जीएसटी अधिकारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स जीएसटी के विभिन्न टॉपिक्स पढ़ाया जायेगा।

2- लखनऊ यूनिवर्सिटी

लखनऊ यूनिवर्सिटी ने भी साल 2019 के लिए जीएसटी पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया था, जिसके लिए कई इच्छुक उम्मीदवार आवेदन कर चुके हैं. आवेदकों की अधिक संख्या के कारण यूनिवर्सिटी ने इस कोर्स की सीटें में भी बढ़ोत्तरी करने का फैसला किया। कोर्स शुरु  करने से पहले कोर्स में 60 सीटें थीं लेकिन इच्छुक उम्मीदवारों की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए विश्वविद्यालय ने सीटों की संख्या 120 कर दी है  जिसके बाद ही इच्छुक उम्मीदवारों ने कोर्स में हिस्सा लेने के लिए आवेदन पत्र की प्रकिया को पूरा किया।

3- दिल्ली विश्वविद्यालय

तो वहीं अगर बात करें तीसरे विश्वविद्यालय की तो दिल्ली यूनिवर्सटी भी जीएसटी कोर्स को लेकर सोच विचार कर रही है हो सकता है आने वाले समय में दिल्ली विश्वविद्यालय भी जीएसटी कोर्स को करने में अपनी अहम भूमिका निभाये।

ये उम्मीदवार कर सकते हैं कोर्स

चार्टर्ड अकाउंटस , कंपनी सेक्रेटरी , कॉमर्स में गुजेवेट और पोस्ट ग्रेजुएट, बैंकिग, स्टेटस, फाइनेंशियल, मार्किटर्स और बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन के उम्मीदवार इस जीएसटी कोर्स में केवल हिस्सा ले सकते हैं। यदि आप भी जीएसटी में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यह डिग्री होनी बेहद आवश्यक है इसलिए इस बात का विशेष ध्यान दें।

जीएसटी कोर्स करने से होगा ये बेहद फायदा

जीएसटी कोर्स करने वाले इच्छुक उम्मीदवारों की जानकारी के लिए बता दें कि ये कोर्स करने के बाद जीएसटी प्रोफसन्ल की कमी दूरी होगी। जीएसटी अपने क्लाइंट को जीएसटी टैक्स, जीएसटी के अंदर रजिस्ट्रेशन और टैक्स लायबिलिटी कैल्युकेशन में उम्मीदवारों को आसानी होगी।

जीएसटी कोर्स के लिए ऐसे करें आवेदन

जीएसटी कोर्स में भाग लेने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को उम्मीदवारों को सबसे पहले जीएसटी ऑनलाइन पोर्टल gstn.org पर लॉगइन करना होगा। उम्मीदवारों को यहां पर अपनी लॉग इन आईडी बनाएं। उसके बाद उम्मीदवारों को पंजीकरण फॉर्म के रुप में जीएसटी जिस्ट्रेशन-01 या भाग 1 को भरने की जरूरत होगी। यहां उम्मीदवारों को पैन, ई,मेल, पता और मोबाइल नंबर जैसी मांगी गई जानकारी को सही से भरना होगा। रजिस्ट्रेशन फार्म 1 भरने के बाद ई- मेल या मोबाइल से रेफरेंस आवेदन संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। इसके बाद जीएसटी रजिस्ट्रेशन फॉर्म -2 को भरने के लिए कहा जाएगा। अब आपको कुछ दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने की आवश्यकता होगी।

दस्तावजों में हुई गड़बडी तो क्या करना होगा।

उम्मीदवारों की जानकारी के लिए बता दें कि अगर दस्तावेज में किसी भी उम्मीदवार के दस्तावेजों में गलती होगी जो आधिकारी जीएसटी रजिसट्रेश 03 के आकार में दस्तावेजों का विवरण मांगा जायेगा। ये काम आपको आवेदन करने के 3 दिन के अंदर ही किया जायेगा। इसके बाद उम्मीदवारों को जीएसटी-रजिस्ट्रेशन-04 के साथ आवश्यक दस्तावेज तैयार करने होगें। इस स्तर पर अधिकारी सभी दस्तावेजों की जाँच करेगा और इसके बाद आवेदन स्वीकार या अस्वीकार होगा। आपको जीएसटी-रजिस्ट्रेशन-05 के अस्वीकृति के बारे में सूचित किया जाएगा, जो अस्वीकृति के कारण को बतायेगा।

आखिर क्यों हैं जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेश करना ?

यदि उम्मीदवारों का काम कर और उत्पाद शुल्क जैसे केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, सेवा कर, बिक्री कर और मूल्य वर्धित कर (वैट) के लिए पंजीकृत है तो भी आपके लिए जीएसटी के लिए पंजीकरण कराना बेहद जरुरी है।

आवेदन शुल्क

जीएसटी कोर्स उम्मीदवारों को जानकर ये खुशी होगी कि आवेदन पत्र भरने के बाद सरकार द्वारा निर्दशों के अनुसार उम्मीदवारों को जीएसटी के लिए कोई भी आवेदन शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा।

टैक्स से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें।

वैसे तो सभी उम्मीदवारों को टैक्स से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों के बारे में पता होगा लेकिन उम्मीदवारों के जानकारी के लिए एक बार बता दें कि जीएसटी लागू होने से पहले पहले के सिस्टम में कई अलग-अलग Tax लगते थे, क्योंकि बहुत सी वस्तुएं या सेवाएं दो या दो से अधिक तरह की Categories में आती थी।

Banasthali Vidyapith 2019 Apply Now!!

अपने विचार बताएं।