india highest paying jobs

युवाओं को वर्तमान समय में सबसे ज्यादा चिंता अपने करियर के लिए होती है। छात्र 12वीं के बाद सबसे ज्यादा करियर को लेकर परेशान होता है। वह सोचता है की उसे कोई ऐसे नौकरी मिले जिससे वह अच्छे पैसे कमा सके और लोगों के बीच में अपनी एक अलग पहचान बना सके। तो हम अपने इस आर्टिकल में उन युवाओं और छात्रों को जानकारी देंगे की वे कौन से जॉब से बेहतर पैसे कमा सकते हैं और अपनी एक अलग पहचान बना सकते हैं। हम अपने आर्टिकल में उन विभिन्न नौकरियों के बारे में बताएंगे जो भारत में सबसे ज्यादा सैलरी प्रदान करती हैं और कुछ ऐसी नौकरियों के बारे में बात करेंगे जिससे अच्छे वेतन के साथ साथ युवा और छात्र देश और विदेश में नाम कमा सकते हैं। बस इन नौकरियों के लिए युवाओं को अपनी जी तोड़ मेहनत और निष्ठा दिखानी होगी।

चार्टर्ड अकॉउंटेंट

चार्टर्ड अकाउंटेंन्ट बनने के लिए छात्र को 12वीं करना अनिवार्य है और छात्र ने स्नातक कर लिया हो तो भी वह चार्टर्ड अकॉउंटेंट के पद के लिए परीक्षा दे सकता है और साथ साथ छात्र अगर कॉमर्स विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा हो तो उसके लिए परीक्षा के लिए और भी बेहतर होता है। चार्टर्ड अकॉउंटेंट की परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। परीक्षा पास करने के बाद छात्र को बैंकिंग, वित्त विभाग और कर विभाग के उद्योगों में नौकरी मिलती है। चार्टर्ड अकॉउंटेंट की सैलरी 1 वर्ष से 20 वर्ष के अनुभव के हिसाब से वार्षिक वेतन 2.4 लाख से लेकर 30 लाख तक होता है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर

वर्तमान समय टेक्नोलॉजी का समय है। अब हर कार्य टेक्नोलॉजी के बिना पूर्ण करना संभव नहीं है, इसीलिए अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से नौकरी के साधन उपलब्ध हो रहे हैं और इस क्षेत्र में अन्य नौकरियों की अपेक्षा अधिक वेतन दिया जाता है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने के लिए विभिन्न कोर्स हैं जिनको करके छात्र अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को कंप्यूटर बैचलर का कोर्स, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, बैचलर ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी (BCA) आदि कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स करने के बाद आपकी योग्यता के अनुसार आपको वेतन मिलेगा जो अनुभव के साथ साथ बढ़ता जायेगा। सॉफ्टवेयर इंजीनियर का वार्षिक वेतन अनुभव के हिसाब से 2.40 से 10 लाख रूपए प्रति वर्ष से अधिक हो सकता है।

एप डेवलपर

वर्तमान में मोबाइल के बढ़ते प्रचलन के कारण एप डेवलपर की मांग तेज़ी से बड़ी है। आईटी क्षेत्र में एप डेवलपर के लिए काफी तेज़ी से रोजगार उत्त्पन्न हो रहे हैं और विभिन्न कंपनियां एप डेवलपर्स को अच्छा वेतन दे रही हैं। एप डेवलपर बनने के लिए छात्रों को कंप्यूटर भाषा को सीखना होगा जिसके लिए विभिन्न कोर्स हैं जिनको करके छात्र एप डेवलपर बन सकते हैं और अच्छा वेतन पा सकते हैं। एप डेवलपर का काम सॉफ्टवेयर बनाना, सॉफ्टवेयर को विकसित करना, सॉफ्टवेयर को प्रतिबंधित करना और उनको बनाये रखने में सक्षम होना चाहिए। एप्लीकेशन और डिज़ाइन को विकसित करना भी एप डेवलपर का काम होता है। एप डेवलपर की वार्षिक आय अनुभव के अनुसार 2 लाख से 13 लाख रूपए तक होती है।

पायलट

पायलट एक ऐसी जॉब है जो युवाओं को बहुत जल्दी आकर्षित करती है क्योंकि यह जॉब अच्छी सैलरी देने के साथ साथ रोमांच भी प्रदान करती है। पायलट बनने के लिए छात्रों को कम से कम 12वीं पास होना चाहिए। छात्रों को बता दे आप पायलट तभी बन सकते हैं जब आप ने 12वीं मैथ्स, फिज़िक्स और केमिस्ट्री विषयों से की हो। प्रोफेसनल पायलट बनने के लिए छात्रों को तीन चरणों को पास करना पड़ता है। सबसे पहले छात्र पायलट लाइसेंस (एसपीएल), दूसरा निजी पायलट लाइसेंस (पीपीएल), और तीसरा वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (सीपीएल) इन तीन चरणों को पास करना होता है। भारत में पायलट का वेतन 1 लाख से लेकर 5 लाख प्रति महीना तक होता है।

डॉक्टर

डॉक्टर बनना एक ऐसी जॉब है जिसमें छात्र पैसे कमाने के साथ साथ देश की सेवा भी कर सकते हैं और अपनी पहचान देश और विदेश में बना सकते हैं। इसलिए डॉक्टर बनना हर छात्र का सपना होता है। लेकिन डॉक्टर बनने के छात्रों को बहुत कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। डॉक्टर बनने के लिए न्यूनतम शिक्षा 12वीं है। उसके बाद छात्र डॉक्टर बनने के लिए परीक्षा दे सकते हैं। छात्रों को बता दें कि डॉक्टर बनने के लिए परीक्षा बहुत कड़ी होती है। इसके लिए उन्हें बहुत मेहनत करने की जरुरत है। डॉक्टर बनने के लिए छात्रों को 12 वीं के बाद एंट्रेंस एग्जाम देना होता है। उसके बाद छात्र एमबीबीएस, बीएचएमएस और बीएएमएस आदि की पढ़ाई कर सकते हैं। अगर छात्र कोई विशेषज्ञ डॉक्टर बनना चाहता है तो उसे एमबीबीएस के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेना आवश्यक है। एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर का वेतन 1 लाख से लेकर 1.8 लाख प्रति महीना होता है।

क्रिकेट खिलाड़ी

वर्तमान समय में सबसे ज्यादा पॉपुलर होने वाला खेल क्रिकेट है। हर युवा और यहाँ तक छोटे बच्चे भी क्रिकेटर बनना चाहते हैं। भारत में जबसे आईपीएल की शुरुआत हुई है तबसे भारत में क्रिकेट का विकास तेज़ी से हुआ है। इसमें पैसे के साथ साथ देश और विदेश में पहचान बनाने में भी मदद मिलती है। वर्तमान में बॉलीवुड हीरो से ज्यादा लोकप्रियता क्रिकेट खिलाड़ियों को मिलती है। यह एक ऐसी जॉब है जिसमें छात्र या युवा अपने देश का प्रतिनिधित्व कर सकता है। क्रिकेट खिलाड़ी बनने के लिए छात्रों को बचपन से ही खेल के प्रति जुनून होना चाहिए। उन्हें कड़ी ट्रेनिंग लेनी चाहिए इसके लिए वे देश में स्थित विभिन्न क्रिकेट अकादमी और स्पोर्ट्स स्कूल या स्पोर्टस कॉलेज में भर्ती हो सकते हैं। उसके बाद उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा जिसके बाद उनका सेलेक्शन प्रदेश लेवल की टीम में होगा। अगर उनका प्रदर्शन स्टेट लेवल पर अच्छा रहता है तो वे उसके बाद आईपीएल और राष्ट्रीय शामिल किये जाते है। एक क्रिकेटर की वार्षिक आय प्रदर्शन के आधार पर 20 लाख से 25 करोड़ तक हो सकती है।

एक्टर

भारत में अगर सबसे कम समय में नाम और पैसा दोनों कमाना हो तो छात्र और युवा इस क्षेत्र में अपना करियर बना सकते हैं। लेकिन एक्टर बनना इतना आसान नहीं है। इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। वैसे तो एक्टर बनने के लिए कोई खास शैक्षिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है लेकिन उसके अंदर एक्टिंग का टैलेंट होना है बहुत जरुरी है। एक्टिंग एक ऐसी जॉब है जो देश और विदेशों में भी सबसे ज्यादा प्रसिद्धि दिलाती है। अगर कोई युवा या छात्र बिना किसी सोर्स और प्रभाव के एक्टर बनना चाहता है तो वो विभिन्न फिल्म इंस्टिट्यूट में एड्मिसन लेकर एक्टिंग का कोर्स कर सकते हैं। एक्टिंग का कोर्स करने के बाद उनको ऑडिसन देना पड़ता है और उसमे सेलेक्ट होने पर उन्हें फिल्मों, सीरियल, प्रचार आदि के लिए काम दिया जाता है। एक स्टैब्लिश एक्टर प्रति फिल्म 1 करोड़ से लेकर 60 करोड़ रूपए तक चार्ज करते हैं। इसके साथ छोटे एक्टर और सीरियल में काम करने वाले भी प्रति महीना 1 लाख से लेकर 50 लाख रूपए तक महीना कमाते हैं।

फैशन डिज़ाइनर

वर्तमान समय में हर कोई अच्छा दिखने की कोशिश है और इसके लिए जरुरी होते हैं उनके द्वारा पहने हुए कपड़े। हर मौसम और हर साल कुछ नया ट्रेंडी लाना फैशन डिज़ाइनर का काम होता है। फैशन डिज़ाइनर का कोर्स करने के लिए शैक्षिक योग्यता कम से कम 10 और 12वीं होना चाहिए। जिसके बाद छात्र शार्ट टर्म कोर्स करके इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। छात्रों को इस क्षेत्र में 3 महीने से लेकर 1 साल तक के कोर्स मिलेंगे इसके साथ डिप्लोमा और डिग्री पाने के लिए 1 वर्ष से लेकर 4 वर्ष तक शिक्षा ग्रहण करनी पड़ती है। कोर्स करने के बाद छात्र फिल्म उद्योग, टीवी उद्योग या फ्रीलांसर भी काम कर सकते हैं। इसके साथ वे खुद का बुटीक भी खोल सकते हैं। फैशन डिज़ाइनर का वेतन उनकी योग्यता और अनुभव के अनुसार 1.5 लाख से लेकर 20 लाख प्रति वर्ष तक हो सकती है।

मैनेजर

मैनेजर की जॉब एक ऐसी जॉब है जो किसी कंपनी को कार्य करने की एक दिशा प्रदान करता है। यह जॉब किसी भी कंपनी में सबसे बड़ी पोस्ट के लिए होती है। सभी कर्मचारी और पूरा स्टाफ मैनेजर के अंडर कार्य करता है। मैनेजर की भूमिका किसी कंपनी में संचालन लोगों का प्रबंधन करना होता है। मैनेजर बनने के लिए छात्रों को एमबीए और एमकॉम जैसी पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री या डिप्लोमा होना आवश्यक है। मैनेजर बनने के लिए छात्रों को 12वीं और स्नातक होना आवश्यक है। एक मैनेजर का वेतन उसके अनुभव के आधार पर 3 लाख  लेकर 20 लाख रूपए प्रतिवर्ष तक हो सकती है।

इन्वेस्टमेंट बैंकर

जिन छात्रों को बैंकिंग के क्षेत्र में जॉब की तलाश है और वे इस क्षेत्र में अच्छे कमाना चाहते हैं तो ऐसे छात्र इन्वेस्टमेंट बैंकर का कोर्स कर सकते हैं। वे इसमें जॉब करके अच्छा वेतन पा सकते हैं। इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने के लिए ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री या डिप्लोमा के लिए विभिन्न कोर्स कर सकते हैं जैसे पीजी डिप्लोमा बैंकिंग एंड फाइनेंस, एमबीए इन इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, बीए इन फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट बैंकिंग आदि जैसे कोर्स करके इन्वेस्टमेंट  बैंकर की जॉब को पा सकते हैं। इन्वेस्टमेंट बैंकर का वेतन बहुत हो आकर्षक होता है और वे 5 लाख से लेकर 15 लाख प्रति वर्ष तक कमा सकते हैं।

एडवोकेट

एडवोकेट यानि की वकील एक ऐसी जॉब है जिसमें छात्र अपने अनुभव के आधार पर नाम और पैसा कमा सकता है। वकील बनने के लिए छात्रों को 2 तरह के कोर्स में से एक को करना होता है। एक कोर्स होता है जो छात्र 12वीं के बाद कर सकते हैं और यह कोर्स 5 वर्ष का होता है जिसे हम बीएएलएलबी के नाम से जानते हैं। अगर छात्र ने स्नातक की शिक्षा ग्रहण कर ली है तो वे तीन वर्ष का कोर्स एलएलबी कर सकते हैं। इसके बाद छात्र को उसके अनुभव के आधार पर अपने क्लाइंट से प्रति केस के हिसाब से रूपए मांग सकते हैं। छात्रों को बता दें की सरकारी वकील बनने के लिए बीएएलएलबी या एलएलबी की डिग्री लेना आवश्यक है और इसके लिए आपको परीक्षा देनी होती है जिसको पास करने के बाद छात्र सरकारी वकील बन सकते हैं। एक वकील का वेतन उसके अनुभव के आधार पर निर्धारित होता है। एक सरकारी वकील का वेतन सामान्य तौर पर 15000 रूपए से लेकर 40000 रूपए तक प्रति महीना हो सकता है तथा अन्य वकील 60000 रूपए से लेकर 3 लाख रूपए प्रति वर्ष कमा सकते हैं।

व्यापर विश्लेषक

व्यापर विश्लेषक को हम बिसनेस एनालिस्ट के नाम से जानते हैं। एक व्यवसाय विश्लेषक का कार्य किसी कंपनी में उसको ग्रोथ करने के लिए योजनाएं बनाकर उनको लागु करना, उन योजनाओं के बजट को निर्धारित करना और बजट को पास कराना तथा कंपनी की सभी आवश्यकताओं को पूरा करना एवं कंपनी में किसी आकस्मिक घटना घटने पर उसके लिए पहले से बैकअप तैयार करना व्यापर विश्लेषक का काम होता है। व्यापर विश्लेषक बनने के लिए छात्र 12वीं या स्नातक के बाद विभिन्न कोर्स या डिप्लोमा कर सकते हैं। कुछ इंस्टिट्यूट व्यापर विश्लेषक का कोर्स ऑनलाइन भी करवाते हैं इसलिए छात्र इस कोर्स को ऑनलाइन भी कर सकते हैं। व्यापर विश्लेषक का वेतन 2 लाख से 12 लाख तक प्रति वर्ष हो सकता है।

डेटा इंजीनियर

डेटा इंजीनियर एक ऐसी जॉब है जिसे हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यु ने 21वीं सदी की सबसे सेक्सिएस्ट जॉब कहा है। इसके अंतर्गत डेटा इंजीनियर बड़े डेटा बेस एवं बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम जैसे आर्किटेक्चर का विकास उसका विकास और उसके निर्माण और परिक्षण का रखरखाव करते हैं। डेटा इंजीनियर बनने के लिए छात्र डेटा साइंटिस्ट, डेटा एनालिस्ट, डेटा इंजीनियर, डेटा आर्किटेक्ट आदि विभिन्न कोर्स और डिप्लोमा कर सकते हैं। डेटा इंजीनियर का वेतन उनके अनुभव के अनुसार 1.25 लाख से 14 लाख प्रति वर्ष तक हो सकता है।

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