board exam

बोर्ड परीक्षाएँ बस नजदीक हैं। ऐसे में छात्रों के मन में बोर्ड परीक्षा के बारे में तरह तरह के सवाल उठते हैं। 10वीं और 12वीं दोनों ही क्लास के छात्रों के मन में चिंता होने लगती है। लेकिन 10वीं के छात्रों में ये चिंता कुछ ज्यादा ही होती है क्योंकि वे पहली बार बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे। लेकिन हम अपने आर्टिकल में बताएंगे की छात्र कैसे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करें जिससे की छात्र बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक ला सकें और छात्र बोर्ड परीक्षाओं का तनाव कैसे दूर करें। हम छात्रों की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी और परीक्षा से होने वाले तनाव से निपटने के लिए कुछ टिप्स दे रहे हैं। जिनको पढ़कर और उस पर अमल करके छात्र परीक्षा में अच्छा स्कोर कर पाएंगे और वे तनाव से भी दूर रहेंगे।

टाइम टेबल सेट करें

अगर छात्रों को बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक प्राप्त करने हैं तो वे सबसे पहले अपना टाइम टेबल सेट कर लें। अक्सर देखा गया है कि जो छात्र टाइम टेबल सेट करके पढ़ाई करते हैं उन छात्रों के नंबर हमेशा अच्छे आते हैं। छात्र कितने घंटे पढ़ना चाहते हैं उसके अनुसार टाइम टेबल सेट करें। छात्र ध्यान रखें की परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए कम से कम 8 घंटे पढ़ाई करें। छात्र टाइम टेबल बनाते समय ध्यान रखें कि सभी विषयों को बराबर समय दें जिससे कि हर विषय की अच्छे से तैयारी हो सके। छात्र कठिन विषयों को ज्यादा से ज्यादा समय दें जिससे की सभी विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ बन सके और वे परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकें।

तनाव से दूर रहें

बोर्ड परीक्षा जैसे जैसे करीब आती है छात्रों को तनाव होना स्वाभाविक है। छात्र पढ़ाई को लेकर सही से नींद नहीं लेते जिसके कारण छात्रों को ज्यादा तनाव होता है और वे थका हुआ महसूस करते रहते हैं। लेकिन छात्र ज्यादा तनाव न लेकर अच्छे से पड़े पर फोकस करें।छात्रों को बता दें कि वे लगातार पढ़ाई न करके बीच बीच में ब्रेक जरूर लें जिससे की वे फ्रेश महसूस करते रहें। छात्र देर रात तक पढ़ाई न करके सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करें। सुबह के समय माहौल और वातावरण बिलकुल शांत होता है जिससे छात्रों को पढ़ी हुई चीजे लम्बे समय तक याद रहती हैं।

विषयों को समझ के पढ़ें

कभी कभी जब छात्रों को किसी विषय का टॉपिक समझ नहीं आता तो वे उस टॉपिक को रटना शुरू कर देते हैं। छात्रों को जानकारी के लिए बता दें की रटी हुई चीजें ज्यादा समय तक याद नहीं रहती और कभी कभी तो परीक्षा देते समय रटी हुई चीजें दिमाग से बिलकुल ही गायब हो जाती हैं। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है की वे हर विषय के टॉपिक को सही से समझ के पढ़े, जिससे कि टॉपिक लम्बे समय तक याद रहें। छात्र जितना समय टॉपिक को रटने में लगाते हैं अगर उतना समय उसको समझने में देंगे तो निश्चित ही उनको वो टॉपिक याद हो जायेगा।

क्या पढ़े और क्या न पढ़े

परीक्षा पास आते ही छात्र के मन में सवाल आता है की क्या पढ़ें और क्या छोड़ें तो छात्रों को बता दें कि वे परीक्षा के समय छोटे – छोटे नोट्स तैयार करें। किसी बड़े टॉपिक को याद करके उसकी एक संक्षिप्त समरी एक दो लाइन में लिख लें जिससे कि छात्रों को वो टॉपिक याद रहे। परीक्षा के समय पूरी टेक्स्ट बुक को न पढ़कर सैंपल पेपर, अनसॉल्वड पेपर और इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन आंसर बुक और पुराने पेपर की सहायता लें। क्योंकि टेक्स्ट बुक को कम समय में पूरा पढ़ना मुश्किल है। छात्र सैंपल पेपर सॉल्व करते समय ये याद रखें कि वो पेपर समय के अंदर ख़तम हो और ऐसी प्रैक्टिस छात्र बार – बार  कर सकते हैं  जिससे कि उन्हें बोर्ड परीक्षा में टाइम का अंदाजा भी रहेगा और वे समय से पूरा पेपर ख़त्म कर सकेंगे।

सिलेबस की पूरी जानकारी रखें

कम समय में अगर छात्र को अच्छी तरह पढ़ाई करनी है तो छात्र सिलेबस की पूरी तरह से जानकारी कर लें। छात्र को अगर सिलेबस की पूरी जानकारी होगी तो छात्र परीक्षा के समय बिना काम के टॉपिक और विषय नहीं पढ़ने पड़ेंगे जिससे वे उतना समय अपने दूसरे टॉपिक के ऊपर लगा सकते हैं और बेहतर तैयारी कर सकते हैं। अगर छात्र को सिलेबस की जानकारी नहीं होगी तो उसे पता नहीं रहेगा की उसे क्या पढ़ना चाहिए और क्या छोड़ना चाहिए। इसलिए कम समय में अच्छे अंक पाने के लिए छात्र सिलेबस की पूरी जानकारी रख लें और सिलेबस के अनुसार ही अपनी तैयारी करें। छात्र एक बात ध्यान रखें की कॉलेज या स्कूल में टीचर्स द्वारा बताए गए इम्पोर्टेन्ट क्वेश्चन और उनके द्वारा बनवाये गए नोट्स को अच्छी तरह से पढ़ लें।

पढ़ाई के साथ मनोरंजन का रखें ध्यान

छात्र परीक्षा की तैयारियों में ऐसे लग जाते हैं की वे खाना – पीना और डेली की रूटीन प्रक्रिया बंद कर देते हैं। जिसके कारण छात्र पढ़ाई करने के दौरान जल्दी थक जाते हैं। थकान होने के कारण उनका मन पढ़ाई करने से ऊब जाता है लेकिन वे जबरदस्ती पढ़ते रहते हैं। छात्रों को बता दें कि ऐसा करने से पढ़ी हुई चीज ज्यादा समय तक याद नहीं रहती। ऐसा करने से छात्रों का तनाव और बड़ जाता है।छात्र पढ़ाई के बीच में  फ्रेश होने के लिए बाहर घूमें, दोस्तों के साथ चिल करें और थोड़ा टाइम बचा के संगीत और टीवी भी देख सकते हैं। इस प्रक्रिया से छात्र को शरीर और दिमाग पर भारीपन और थकान महसूस नहीं होगी और वे अच्छे से पढ़ाई कर सकते हैं और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं।

बोर्ड परीक्षा का तनाव छात्रों को कम हो और वे किस तरह से अपनी परीक्षाओं की तैयारी करें इसके लिए हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी लगातार दूसरे वर्ष छात्रों और उनके अभिभावकों से मन की बात में परीक्षा पर चर्चा की। इस चर्चा में प्रधानमंत्री जी ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

  • प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्र परीक्षा को एक उत्सव की तरह लें, जिससे वे तनाव मुक्त रह सकें।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों को ऐसा लक्ष्य बनाना चाहिए जो पहुँच में हो लेकिन पकड़ में न हो।
  • विद्यार्थी हमेशा अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने के सोचे।
  • इसके साथ प्रधानमंत्री ने अभिभावकों से कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की तुलना अन्य बच्चों से न करें और उन पर अपेक्षाओं का बोझ न बढ़ाएं।
  • अभिभावक अपने बच्चों के प्रति सकारात्मक रवैया रखें जिससे छात्रों का तनाव कम रहे।

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