प्रत्येक साल युवा भारतीय सशस्त्र बलों में नौकारी पाने के लिए आवेदन करते हैं और अपने लक्ष्य को पूरा करते हैं । भारतीय सशस्त्र बल में तीन सेनाओं को शामिल किया गया है जिसमें भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक। रक्षा बलों के अधिकारी न केवल समाज में सर्वोच्च सम्मान का आनंद लेते हैं, बल्कि कार्यस्थल पर साहसिक और चुनौतीपूर्ण कार्य भी करते हैं। जिन उम्मीदवारों को सफेद वर्दी से काफी प्यार होता है और सागर से भी प्यार होता है तो उनके लिए नौसेना से बेहतरीन और कोई पद नहीं हो सकता।

जब कोई बच्चा पैदा होता है और समझ्ने लग जाता है तो वह अपने भविष्य के बारे में सोचने लग जाता है। बचपन से ही चाहे लड़का हो या लड़की, सभी अपने देश की सेवा करने के सपना लेकर बड़े होते हैं और भारतीय सशस्त्र बल में शामिल होने से बेहतर कोई और अवसर कोई शायद ही अच्छा हो सकता है।

जब भी कभी कोई भारतीय सेना, नौसेना या वायु सेना के बारे में सोचते हैं तो सिर्फ एक वर्दीधारी पुरुष की छवि सबसे पहले सामने ऊभर कर आती है। महिलाओं की तस्वीर बहुत ही कम लोगों के दिमाग में आती है लेकिन अब देखा जाये तो महिलाएँ भी भारतीय नौसेना में नौकारी कर सकती हैं और अपने देश की रक्षा करके देश का सर गर्व से ऊंचा कर देती है। भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंग होते हैं जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल होते हैं। जो भी महिला उम्मीदवार भारतीय रक्षा संगठनों बल में नौकारी करना चाहती हैं और अपने लक्ष्य को पूरा करना  चाहती हैं वह हमारे पेज पर दी गई जानकारी को सही से पढ़कर नौसेना में अपना करियर बना सकते हैं और अपने लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं, क्योंकि रक्षा संगठनों ने भी महिलाओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए है।

भारतीय नौसेना में महिलाओं के लिए रिक्तियां

भारतीय नौसेना महिला उम्मीदवारों को इस पद के लिए कोई विशेष दर्जा नहीं देती है जिसके चलते महिलाओँ को भी पुरुषों के मुकाबले डट कर सामना करना पड़ता है। जी हां क्योंकि महिलाओं को शॉर्ट सर्विस में ओपन मेरिट सिस्टम पर पुरुष उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा( कंपटीशन) होता है।

भारत सरकार ने लॉ, एजुकेशन और नेवल आर्किटेक्चर कैडर में महिलाओं के लिए स्थायी आयोग को भी मंजूरी दी गई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महिला उम्मीदवारों को याद रखना चाहिए कि सेवा की स्थिति पुरुषों और महिला अधिकारियों दोनों के लिए समान रहेगी ।

नॉवेल आर्किटेक्चर

  • जो उम्मीदवार भारतीय नौसेना में नॉवेल आर्किटेक्चर पद में नौकारी प्राप्त करना चाहती हैं उनकी जानकारी के लिए बता दें कि मैकेनिकल, / सिविल / एरोनॉटिकल / धातुकर्म / नौसेना वास्तुकला में बीई / बीटेक में उम्मीदवारों के पास कम से कम 60% अंक होने चाहिए ।
  • 12 वीं कक्षा में उम्मीदवारों के पास भौतिकी और गणित में किसी भी विषय में बीई / बीटेक की डिग्री होनी चाहिए ।

ऑबजर्वर

  1. जो उम्मीदवार ऑबजर्वर में नौकारी प्राप्त करना चाहते हैं वह और अपने करियर को पूरा करने चाहते हैं । न्यूनतम आयु 19 वर्ष है और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए ।

एजुकेशन

  • भौतिक विज्ञान या गणित में किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से द्वितीय श्रेणी के मास्टर की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए ।
  • फिजिक्स में मास्टर की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए ।
  • सहायक स्तर पर कम से कम गणित रखने वालों के पास गणित होना चाहिए ।
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी एक विषय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग / इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग / कंप्यूटर साइंस / टेक्नोलॉजी में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए ।

लॉजिस्टिक्स और वर्क

  • लॉजिस्टिक्स कैडर के लिए: उम्मीदवारों को किसी भी विषय में बीई / बी टेक / एमबीए / बी एससी / बी कॉम / बी एससी (आईटी) प्रथम श्रेणी में होना चाहिए। प्रथम श्रेणी के साथ पीजी डिप्लोमा में फाइनेंस / लॉजिस्टिक्स / सप्लाई चेन मैनेजमेंट / मटेरियल मैनेजमेंट या एमसीए / एम एससी (आईटी) की ड्रिगी प्राप्त होनी चाहिए।
  • वर्क्स के लिए: बीई / बी टेक (सिविल) / बी आर्किटेक्ट की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए।
  • खानपान के लिए: एम एससी (एचएम) / एमबीए (एचएम) / बी एससी या बीए प्रथम श्रेणी के साथ और एचएम में पीजी डिप्लोमा प्राप्त होना चाहिए ।

लॉ

जो उम्मीदवार नौसेना में लॉ के पद में अपना करियर बनाना चाहते हैं उनकी जानकारी के लिए बता दें कि लॉ के उम्मीदवारों की कम से कम 22 वर्ष आयु होनी चाहिए तो वहीं अधिकत्तम आयु 27 वर्ष होनी चाहिए। लॉ की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए ।

एटीसी

जो उम्मीदवार एटीसी में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो उनकी जानकारी के लिए बता दें कि इस पद के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु 19 वर्ष है और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए । साथ ही कक्षा 12 वीं में भौतिक और गणित के साथ किसी भी एक विषय में बीई, बीटेक की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए ।

सीपीएल( होल्डर)

जो उम्मीदवार सीपीएल( होल्डर) में नौकारी प्राप्त करना चाहते हैं वह और अपने करियर को पूरा करने चाहते हैं । वे उम्मीदवार जो  DGCA (भारत) द्वारा जारी वैध और वर्तमान सीपीएल रखते हैं। न्यूनतम आयु 19 वर्ष है और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए ।

पायलट जनरल

जो उम्मीदवार पायलट जनरल के पद में नौकारी करना चाहते हैं और अपना करियर बनाना चाहते हैं तो उनकी जानकारी के लिए बता दें कि इस पद के लिए महिलाओं की न्यूनतम आयु सीमा 19 से 24 वर्ष है। उम्मीदवारों को 12 वीं कक्षा में भौतिकी और गणित के साथ किसी भी विषय में बीई / बीटेक की डिग्री होनी चाहिए ।

नौसेना आयुध निरीक्षक (एनआईए)

जो उम्मीदवार नौसेना आयुध निरीक्षक (एनआईए) में नौकारी प्राप्त करना चाहते हैं वह और अपने करियर को पूरा करने चाहते हैं । महिलाओं की न्यूनतम आयु 19 वर्ष है और अधिकतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए । महिला उम्मीदवारों के पास इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, प्रोडक्शन, इंस्ट्रूमेंटेशन, आईटी, केमिकल, धातुकर्म, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीई में बीटेक की डिग्री प्राप्त होनी चाहिए ।

संगीतकार

जो भी महिला उम्मीदवार संगीतकार के लिए नौसेना में नौकारी करना चाहती हैं तो उनके पास कक्षा10 वीं और संगीतकारी में डिप्लोमा होना चाहिए |

नौसेना में महिलाओं के लिए शारीरिक परीक्षण

भारतीय नौसेना में भर्ती होने के लिए उम्मीदवार का शारीरिक रूप से फिट होना काफी जरुरी होता है। जो भी उम्मीदवार नौसेना भर्ती पद के लिए लिखित परीक्षा में पास हो जाते हैं तो उनको निधारित समय में दौड़ को पूरा करना होता। साथ ही उठक बैठक करनी होती है । जो महिला उम्मीदवार शारीरिक परीक्षण में पास हो जाती हैं उनको भारतीय नौसेना में नौकरी प्राप्त कर सकती हैं।

नौसेना में महिलाओं के लिए चिकित्सा मानक

  • उम्मीदवारों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा होना बेदद जरुरी है।
  • कोई भी उम्मीदवार विकलांगता नहीं होना चाहिए।
  • मनोचिकित्सक रोग और कान में किसी प्रकार का संक्रमण नही होना चाहिए |
  • आखों से उम्मीदवार को अच्छा दिखाई देना चाहिए |

भारतीय नौसेना ( इंडियन नेवी )

भारतीय नौसेना भारतीय सशस्त्र बलों की नौसेना शाखा है । भारत का राष्ट्रपति भारतीय नौसेना का सर्वोच्च कमांडर है । नौसेना स्टाफ के चीफ, एक चार सितारा एडमिरल, नौसेना की कमान संभालते हैं । भारतीय नौसेना ने अपनी उत्पत्ति ईस्ट इंडिया कंपनी की मरीन तक बताई है जो 1612 में इस क्षेत्र में ब्रिटिश मर्चेंट शिपिंग की सुरक्षा के लिए स्थापित की गई थी। 1793 में, ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारतीय उपमहाद्वीप यानी बंगाल के पूर्वी भाग पर अपना शासन स्थापित किया, लेकिन यह 1830 तक नहीं था कि औपनिवेशिक नौसेना को महामहिम भारतीय नौसेना के रूप में नामित किया गया था। जब 1950 में भारत एक गणतंत्र बना, तो रॉयल इंडियन नेवी का नाम 1934 से भारतीय नौसेना में बदल दिया गया था।

नौसेना का सबसे बड़ा और अहम काम राष्ट्र की समुद्री सीमाओं की रक्षा करना होता है, और संघ के अन्य सशस्त्र बलों के साथ मिलकर, युद्ध, शांति और युद्ध दोनों में भारत के क्षेत्र, लोगों या समुद्री हितों के खिलाफ किसी भी खतरे या आक्रामकता को रोकने या हराने के लिए कार्य करता है । संयुक्त अभ्यास के माध्यम से, सद्भावना यात्रा और मानवीय मिशन, आपदा राहत सहित, भारतीय नौसेना राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देती है।

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