संघ लोक सेवा आयोग यानि कि UPSC वर्ष 2019 का परीक्षा कैलेंडर पहले ही जारी कर चुका है। और अब इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (IES) के रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गए हैं। आवेदन प्रक्रिया 26 सितम्बर 2018 से शुरू हो चुकी है। योग्य छात्र UPSC की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। साथ ही UPSC की वेबसाइट पर आपको आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली अन्य सभी परीक्षाओं का पूरा विवरण भी मिल जाएगा। अगले साल UPSC इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (IES) की परीक्षा 6 जनवरी को आयोजित की जाएगी।आपका यह भी जान लेना जरूरी है कि परीक्षाओं के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 22 अक्टूबर 2018  होगी।

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आईएएस (IAS) की परीक्षा के लिए तारीखों की घोषणा पहले ही हो चुकी है। UPSC द्वारा 3 जून 2018 को प्रीलिम्पस परीक्षा का आयोजन किया जाएगा । आपको बता दें कि तारीखों के अनुसार आयोग 30 सितम्बर 2019 को सिविल सर्विसेज़ की मुख्य परीक्षा का आयोजन कराएगा। UPSC की ओर से सिविल सर्विसेस की परीक्षाओं के लिए अगला नोटिफिकेशन 19 फरवरी 2019 को जारी किया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तारीख 18 मार्च 2019 होगी।

कैसे संम्पन्न होती है IES की परीक्षा ?

IES की परीक्षा में छात्रों को चार पेपर देने होते हैं। पहला पेपर होता है अंग्रेजी भाषा का जो कि 200 अंकों का होता है, जिसे हल करने के लिए छात्रों को 2 घंटे का समय मिलता है।दूसरा,तीसरा और चौथा पेपर सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग इन विषयों पर आधारित होता है। यह तीनों ही पेपर 300-300 अंकों के होते हैं जिसे हल करने के छात्रों के पास 3 घंटों का समय होता है। इसके उपरांत छात्रों को इंटरव्यू या कह लें कि साक्षात्कार भी देना होता है जी कि 200 अंको का होता है।यह इंटरव्यू लिखित परीक्षा से पहले किया जाता है। संघ लोक सेवा आयोग IES की परीक्षा को 3 दिनों में पूर्ण कराता है।

इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा यानि कि IES को भारत में सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। इस परीक्षा में भाग लेने वाले छात्र बेहद जी-जान लगाकर मेहनत करते हैं। IES की परीक्षा पास करने वाले छात्रों की नियुक्ति भारतीय रेलवे,भारतीय रक्षा, इंजीनियरिंग सेवा, सेंट्रल वाटर इंजीनियरिंग, सेंट्रल इंजीनियरिंग सेवा और बोर्डर रोड इंजीनियरिंग सेवा आदि जैसी जगहों पर की जाती है।

कौन दे सकता है IES की परीक्षा ?

अगर आप IES की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो आपका यह भी जान लेना जरूरी है कि क्या आप इस परीक्षा को देने के लिए योग्य भी हैं या नहीं ? इस परीक्षा को देने के लिए 21 से 30 वर्ष की आयु सीमा निर्धारित की गई है।इस परीक्षा में भाग लेने वाले छात्रों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में बैचलर की डिग्री होना अनिवार्य है या फिर किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीई या बीटेक में मास्टर्स की डिग्री होना अनिवार्य है।परीक्षा में भाग लेने वालों छात्रों को ऑनलाइन आवेदन देना पड़ता है।

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