वकील ने अपराधियों पर मुकदमा चलाया और निर्दोष लोगों को बचाया। वकीलों को बहुत आत्मविश्वास होना चाहिए और एक न्यायाधीश के साथ अच्छी तरह से बहस करना चाहिए यह वही है जो लोग सोचते हैं कि एक वकील को परिभाषित करता है, लेकिन क्या यह वास्तव में सच है ??? एक वकीलों की नौकरी लोगों की तुलना में कम रोमांचक है। एक वकील कॉन्ट्रैक्ट बनाने, दस्तावेजों की पुष्टि करने के लिए काफी समय व्यतीत करता है। वकीलों को अच्छी अंग्रेजी की आवश्यकता होती है क्योंकि उन्हें बहुत सारे दस्तावेज़ बनाना और सत्यापित करना होता है। एक ग्राहक को वकील की सेवाओं की जरूरत होती है जब वह मुकदमा / दायित्व के साथ सेवा करता है या जब वह किसी के साथ अनुबंध में प्रवेश करता है यह एक वकील का काम है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ग्राहक के हितों की रक्षा की जा रही है या नहीं।

वकील बनने के लिए क्या करना चाहिए

LL.B. कानून में स्नातक की डिग्री है एलएलबी का फुल फार्म बैचलर ऑफ लॉ है। आजकल छात्र चाहते हैं कि वे अपना करियर कानून के क्षेत्र में बनाएं। क्योंकि इस क्षेत्र में आपको अनेकों नौकरी के काफी अच्छे अवसर मिल जाते हैं। कानून से सम्बंधित सभी विषयों के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लॉ के कोर्स बैचलर ऑफ लॉ (LLB) (कानून की स्नातक) में दी जाती है। हमारे समाज में शांति व्यवस्था बनाये रखने का काम कानून का होता है। और साथ ही समाज में होने वाले अपराधों को रोकना भी कानून का काम है।

अगर आप 12 वीं के बाद लॉ करना चाहते हैं तो आप पांच वर्षीय एल.एल.बी कोर्स कर सकते हैं। जबकि तीन वर्षीय एल.एल.बी कोर्स करने के लिए आपको स्नातक (graduation) पूरा करना होगा। अगर आप इस कोर्स को करना चाहते हैं तो आपको एंट्रेंस टेस्ट उत्तीर्ण (pass) होगा। आपको बता दें कि लीगल सेक्टर की सर्वोच्च प्रोफेशनल उपाधियां में एलएलबी यानी कि बैचलर ऑफ लॉ और एलएलएम यानी कि मास्टर ऑफ लॉ हैं। अगर आप एलएलबी उत्तीर्ण करने के बाद स्नातकोत्तर करना चहाते हैं तो आप दो वर्षीय एलएलएम पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। इसके बाद आप पीएचडी भी कर सकते हैं। जिससे आपको शिक्षक के क्षेत्र में भी अवसर मिलेंगे। जब आप एलएलबी पूरा कर लेते हैं उसके बाद आप युवा बार काउंसिल में पंजीकरण कराने के बाद देश की किसी भी अदालत में मुकदमों की पैरवी कर सकते हैं। आप क्रिमिनल, रेवेन्यू या सिविल में से कोई भी क्षेत्र चुन सकते हैं।

लॉ की पढाई के लिए उपरोक्त भारत देश के 18 संस्थान में कॉमन ला एडमिशन टेस्ट (क्लैट) परीक्षा आयोजित की जाती है। परीक्षा के संपन्न हो जाने के बाद cut off निकाल कर बच्चो की एक लिस्ट तैयार हो जाती है और उसके बाद जो बच्चे चयनित होते हैं उनका प्रवेश लिया जाता है। कई यूनिवर्सिटी और राज्य इसके अलावा अपने स्तर पर अपने तरीके से परीक्षा आयोजित करते है। लॉ के निम्न पाठय़क्रम ये हैं –

उपलब्ध पाठय़क्रम

  • एलएलबी, अवधि : तीन वर्ष
  • बीए एलएलबी (ऑनर्स), अवधि : पांच वर्ष
  • बीएससी एलएलबी (ऑनर्स), अवधि : पांच वर्ष
  • बीकॉम एलएलबी (ऑनर्स), अवधि : पांच वर्ष
  • एलएलएम
  • पीएचडी

वकालत के तरीके

आप आरंभ में किसी वरिष्ठ वकील के जूनियर के रूप में अदालतों का व्यावहारिक काम सीख सकते हैं। और जब आपको कुछ वर्षो का अनुभव हो जाए उसके बाद स्वतंत्र रूप से प्रैक्टिस कर सकते हैं। इस क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता एलएलएम करने से और भी बढ़ सकती है। आपके पास अदालतों में एडवोकेट के रूप में प्रैक्टिस करने का पारंपरिक विकल्प तो होता ही है साथ ही स्टेट काउंसलर, गवर्नमेंट प्रॉजीक्यूटर बनने का विकल्प भी होता है। अगर आप जज बनना चाहते हैं तो राज्य स्तर पर आयोजित होने वाली न्यायाधीश या मुंसिफ परीक्षा को उत्तीर्ण करना होगा। कॉरपोरेट सेक्टर काफी विकसित हो गया है जिस कारण अब इस क्षेत्र में भी विधि विशेषज्ञों की मांग पहले से बढ़ गई है।

एलएलबी के बाद करियर

स्टूडेंट्स को एल.एल.बी कोर्स करने के बाद आसानी से जॉब मिल जाती है क्योंकि आजकल कानून के क्षेत्र में काफी अच्छे स्कोप होते हैं।

  • लॉ फर्म (एसोसिएट)
  • ऍमएनसी (लीगल अफसर)
  • गोवेरमेंट एजेंसी
  • जुडिशल एसएमस
  • बैंक
  • लिटिगेशन

उपरोक्त भारत देश के 18 संस्थान में ला की पढाई के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट परीक्षा आयोजित की जाती है। जिसमे उपरोक्त योग्यता होने पर आप बैठ सकते है। परीक्षा के संपन्न होने के बाद cut off निकाल कर बच्चो की एक लिस्ट तैयार की जाती है और उसके बाद चयनित बच्चो का प्रवेश लिया जाता है जहाँ आप अपनी लॉ की पढाई पूरी कर सकते है। इसके अलावा कई यूनिवर्सिटी और राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं। जहाँ योग्यता होने पर  परीक्षा देकर आप प्रवेश ले सकते हैं।

लॉ के अंतर्गत कोर्स

जो उम्मीदवार लॉ करना चाहते हैं उनको बता दें कि लॉ के अंतर्गत कई कोर्स आते हैं।

क्रिमिनल लॉ

आपको बता दें कि क्रिमिनल लॉ सबसे प्रचलित कानून वाला कोर्स है। हर छात्र को इस कानून का अध्ययन करना पड़ता है। क्राइम्स और उसके प्रति कानून प्रावधान की जानकारी इसके अध्ययन से ही होती है। शुरुआत में थोड़ा मुश्किल लगता है लेकिन ज्यादा कठिन नहीं है।

कॉरपोरेट लॉ

कॉरपोरेट लॉ के अंतर्गत कॉरपोरेट संसार में होने वाले अपराधों के लिए नियम और कानून का अध्ययन किया जाता हैं। कॉरपोरेट कानूनों से कॉरपोरेट सेक्टर में होने वाले अपराधों को रोकने के लिए तथा फाइनेंस प्रोजेक्ट, टैक्स लाइसेंस और ज्वॉइंट स्टॉक से संबंधित काम किए जाते हैं।

पेटेंट अटॉर्नी

पेटेंट अटॉर्नी के अंतर्गत कोई व्यक्ति किसी वस्तु पर अपना पूर्ण आधिपत्य रखता है। कोई अन्य व्यक्ति उसकी मर्जी या सहमति के बिना उस अधिकार का प्रयोग नहीं कर सकता।

साइबर लॉ

साइबर क्राइम से जुड़े मुद्दों पर कानून जानकारी इस कानून के तहत देता है कि उनसे कैसे निपटा जाये और उनके लिए सजा क्या है।

फैमिली लॉ

यह क्षेत्र महिलाओं उपयुक्त और महिलाओं का सबसे पसंदीदा क्षेत्र है। इसके तहत तलाक, गोद लेने, पर्सनल लॉ, शादी, गाजिर्यनशिप एवं अन्य सभी पारिवारिक मामले आते हैं।  हर राज्य के सभी जिलों में पारिवारिक मामलों को उसी स्तर पर सुलझाने  के लिए फैमिली कोर्ट की स्थापना की गयी है।

बैंकिंग लॉ

बैंकिंग  तहत लोन, लोन रिकवरी, बैंकिंग एक्सपर्ट आदि से संबंधित कार्यो का निपटारा होता है।बैंकिंग और उससे सम्बन्धित नियम और कानून का अध्ययन इस विषय में करवाया जाता है।

टैक्स लॉ

इसके तहत सभी प्रकार के टैक्स जैसे सर्विस टैक्स, सेल टैक्स, इनकम टैक्स आदि से सम्बन्धित समस्यायों का निपटारा होता है।

लॉ करने के लिए कुछ प्रवेश परीक्षा

  • एनएलएसआइयू – बैंगलोर
  • नालसर – हैदराबाद
  • डब्ल्यूबीएनयूजेएस – कोलकाता
  • एनएलयू – जोधपुर
  • एचएनएलयू – रायपुर
  • जीएनएलयू – गांधीनगर
  • आरएमएलएनएलयू – लखनऊ
  • आरजीएनयूएल – पटियाला
  • सीएनएलयू – पटना
  • एनएलयूओ – कटक
  • एनएलयूजेएए – गुवाहाटी
  • डीएसएनएलयू – विशाखापत्तनम
  • टीएनएनएलएस-तिरुचिरापल्ली
  • एमएनएलयू – मुंबई

लॉ के कुछ प्रसिद्ध कॉलेज

  • नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलोर
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
  • पश्चिम बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुरियाडिकल साइंसेस, कोलकाता
  • एमिटी लॉ स्कूल, दिल्ली, नोएडा
  • स्कूल ऑफ लॉ मसीह विश्वविद्यालय (एसएलसीयू, बैंगलोर)
  • न्यू लॉ कॉलेज, भारती विद्यापीठ डीम्ड विश्वविद्यालय, पुणे
  • सिंबायोसिस लॉ स्कूल, पुणे
  • गुजरात नेशनल लॉ युनिवर्सिटी, गांधीनगर
  • आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, मोहाली
  • K.L.E. सोसाइटी लॉ लॉ कॉलेज, बैंगलोर

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