महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय बीएड के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया में है। राजस्थान बीएड में प्रवेश उच्च शिक्षा विभाग ने पीटीईटी 2018 यानि कि पूर्व शिक्षक शिक्षा परीक्षा से संबंधित दिशानिर्देश तैयार किए हैं और जल्द ही उन्हें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में भेजा जाएगा। 2018 सत्र के लिए पीटीईटी को विश्वविद्यालय द्वारा 2 वर्ष बीएड के लिए और 4 साल बीए-बी.एससी.बी एड के लिए आयोजित किया गया था। एक मौका है कि राज्य सरकार एमएसडी यूनिवर्सिटी को बीएसटीसी परीक्षा की जिम्मेदारी भी दे सकती है।

गोविंदगुरु आदिवासी विश्वविद्यालय ने परीक्षा आयोजित करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की।

इससे पहले सरकार ने पीटीईटी 2018 को बंसवाडा में स्थित गोविंदगुरु आदिवासी विश्वविद्यालय में आयोजित करने की जिम्मेदारी दी थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने परीक्षा आयोजित करने में अपनी असमर्थता व्यक्त की। इसका कारण विश्वविद्यालय ने शिक्षकों, कर्मचारियों और आवश्यक संसाधनों की कमी बताया है। जिसके बाद महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय को फिर से ये जिम्मेदारी दी गई है।

उच्च और तकनीकी शिक्षा सचिव, राजहंस उपाध्याय के फाइल पर हस्ताक्षर करने के बाद निर्देश विश्वविद्यालय को भेज दिएं जाएंगे। बीएसटीसी परीक्षा 2017 में कोटा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की गई थी। बीएसटीसी परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सरकार एमडीएसयू में को दे सकती है। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि एक संस्था के लिए दोनों परीक्षाओं को कराना यह आसान हो जाएगा।

2016 में बी.एड. की प्रवेश प्रक्रिया में हुई थी देरी

जैसा कि राजस्थान पत्रिका द्वारा रिपोर्ट किया गया है कि पूर्व में जब पीईटीईटी परीक्षा अन्य विश्वविद्यालयों द्वारा आयोजित की गई थी।तब विवाद हो रहे थे। और हाल ही में परीक्षा कोटा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की गई थी और प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई थी।

महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय (MDS University), अजमेर ने 1995-96, 1998-99, 2004, 2007, 2015 और 2017 में पीईटीटी परीक्षा आयोजित की है। विश्वविद्यालय ने 2007 और 2015-16 में बीएसटीसी परीक्षा भी आयोजित की है। विश्वविद्यालय ने 2006-07 में राजस्थान में प्री-मेडिकल टेस्ट भी आयोजित किया था।

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