भारतीय सेना

जो उम्मीदवार नीट एमडीएस परीक्षा 2019 का इंतजार कर रहें थे उनका इंतजार खत्म हो गया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (एनबीई) ने अपनी वेबसाइट पर परीक्षा के दिनों की सूची जारी कर दी है। वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार परीक्षा इसी साल 14 दिसंबर को होने जा रही है। जानकारी के मुताबित उम्मीदवार को बता दें की यह परीक्षा कंप्यूटर और एमसीक्यू आधारित होगी।

नीट-पीजी 2019 और नीट-एमडीएस 2019 का आयोजन एक ही दिन और एक ही सत्र में होगा। परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी। आवेदन की प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू हो सकती है और कैंडिडेट्स ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां 

  •  नीट-एमडीएस 2019 परीक्षा 14 दिसंबर 2018 को होगी।
  • फॉरन मेडिकल ग्रैजुएट एग्जामिनेशन (एफएमजीई)-स्क्रीनिंग टेस्ट-14 दिसंबर 2018 को होगा।
  • डीएनबी पोस्ट डिप्लोमा सीईटी (डीएनबी-पीडीसेट)-14 दिसंबर 2018 को होगा।
  • उम्मीदवारों के लिए नीट 2019 के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया 1 नवंबर 2018 से शुरू होगी और परीक्षा 5 मई को होगी।
  • पंजीकरण: 1 से 30 नवंबर 2018 तक होगा।
  • परीक्षा 5 मई 2019 को होगी।
  • उम्मीदवार ऐडमिट कार्ड डाउनलोड 15 अप्रैल 2019 से कर सकते है।
  • परीक्षा का रिजल्ट 5 जून 2019 को घोषित कर दिया जायेगा।

इन परीक्षाओं से जुड़ी अन्य कोई भी जानकारी आप एनबीई की ऑफिशियल साइट www.nbe.edu.in पर मिल जाएंगी। इसके अलावा ऐपलिकेशन फॉर्म, फी, और इससे जुड़ी जानकारियां इसी साइट पर अक्टूबर महीने के बाद मिलेंगी. फिलहाल तो बस ये कहा जा सकता है कि अगले महीने तक ऐपलिकेशन फॉर्म जारी कर दिए जाएंगी।

भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पूर्व अनुमोदन से भारतीय दंत परिषद द्वारा स्नातक दंत शिक्षा नियमन अधिसूचना के अनुसार देश के डेंटल कॉलेजों में पढ़ाये जा रहे बीडीएस पाठ्यक्रम से 240 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। इसमें कहा गया है कि डेंटल केयर के पीजी में प्रवेश के लिए केवल नीट-एमडीएस ही प्रवेश परीक्षा है। डेंटल चिकित्सा अधिनियम, 1948 के अनुसार 2017 से डेंटल कॉलेजों, संस्थानों द्वारा आयोजित राज्य स्तर या संस्थागत स्तर की कोई अन्य प्रवेश परीक्षा मान्य नहीं होगी।

एमडीएस पाठ्यक्रम के लिए आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना को छोड़कर पूरे देश में अन्य सभी राज्यों में 50 प्रतिशत आरक्षित सीटें होंगी। यह परीक्षा देश भर के सभी निजी डेंटल कॉलेजों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों में एमडीएस डिप्लोमा पाठ्यक्रम तथा सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा संस्थानों में एमडीएस पाठ्यक्रम के लिए होंगी।

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