हरियाणा सरकार की मुहिम प्राइमेरी टीचर को अंग्रेजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक प्राइमरी स्तर पर सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को जिला शिक्षा विभाग इंग्लिश मीडियम प्रॉजेक्ट के तहत अंग्रेजी की ट्रेनिंग देगा।ट्रेनिंग का मकसद है। छात्रों के साथ -साथ टीचर का दिमाग तेज करना। वही दूसरी और विभाग का कहना है। छात्रों को अंग्रेजी सिखाने के लिए शिक्षक को खुद अंग्रेजी की अच्छी समझ होना जरूरी है। इसलिए उनको ट्रेनिंग दी जाएगी। अगर टीचर अच्छे से पढ़ेंगे तभी अच्छे से पढ़ा सकेंगे। वहीं जिले के प्राइमरी और सेकंडरी स्कूलों में इस प्रॉजेक्ट के तहत अभी तक किताबें नहीं आई हैं। उम्मीद है की यह मुहिम बहुत जल्दी शुरू हो जाएगी।

आपको बता दें कि भारत में सरकारी स्कूल में ज्यादा बच्चे अंग्रेजी नहीं बोल पाते है। क्योंकि उन बच्चों को शुरू से अंग्रेजी वाला माहौल नहीं मिल पता है। जिसके कारण सरकारी स्कूल के बच्चों की अंग्रेजी दिन प्रति दिन ख़राब होती जाती है। अगर हम वही प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की बात करें तो वह प्राइमरी स्तर से ही अंग्रेजी लिखना और बोलना शुरू कर देते हैं।  क्योंकि उन्हें शुरुआत से ही रोचक क्रियाकलापों के जरिये अंग्रेजी सिखाई जाती है।

गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी प्राइमरी स्तर से ही अंग्रेजी सिखाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान की मदद से प्रत्येक सरकारी स्कूल के एक शिक्षक को अंग्रेजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए एक मॉड्यूल भी तैयार किया जाएगा। विभाग शिक्षकों को नए तरीके से पढ़ाने की तकनीक भी सिखाएग

  भारत का हर छात्र बोलेगा अंग्रजी

नए सत्र से राज्य के सभी जिलों में एक-एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके बाद हर ब्लॉक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम का एक-एक स्कूल खोलने का विचार किया जा रहा है, ताकि सरकारी स्कूल के बच्चे अंग्रेजी की वजह से उच्च शिक्षा में न पिछड़े। इससे अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा पर निजी स्कूलों का एकाधिकार भी खत्म हो जाएगा।

अपने विचार बताएं।