राजस्थान  पुलिस में हैड कांस्टेबल के प्रमोशन के रुकने मामला हाई कोर्ट के दरवाजे पर पहुंच चुका है। हाल ही में राजस्थान सरकार ने राजस्थान पुलिस में होने वाले 6 हजार पदों के प्रमोशन पर रोक लगा दी है, जिसकी बहुत ही आलोचना हुई थी। क्योकि मामला 6 हजारों पुलिस वालो के प्रमोशन का था। तो अब पुलिस कर्मियों ने कोर्ट का दरवाजा खटका दिया है। राजस्थान पुलिस के कुछ अधिकारियों ने इसकी बहुत आलोचना भी की थी।

आपको बता दें कि हाई कोर्ट मामले की याचिका की सुनवाई 24 अगस्त को करेगी। उधर, सरकार ने साफ कर दिया है कि विभिन्न जिलों में रिक्त ढाई हजार से अधिक पदों पर भी प्रमोशन नए नियमों के तहत ही हो सकेंगे। इसमें 50 प्रतिशत पद वरिष्ठता के आधार पर भरे जाएंगे और 50 प्रतिशत पदों के प्रमोशन के लिए विभागीय पदोन्नति परीक्षा का आयोजन होगा।

बता दें ,की मुख्यमंत्री ने बजट में हैड कांस्टेबल के छह हजार नए पदों के प्रमोशन की घोषणा की थी। लेकिन घोषणा होने बाद भी पुलिस कर्मियों का कोई प्रमोशन नहीं किया गया। इसकी नाराजगी पुलिस वालों में साफ़ देखी जा सकती है। इसका फायदा उन पुलिस वालों को मिलने वाला था जिनको लंबे समय से पदोन्नति का फायदा नहीं मिल पा रहा था।

जानकारी के मुताबित राजस्थान पुलिस बोर्ड 18 साल अनुभव मांग रही है। वहीं दूसरी ओर 7 साल सर्विस रिकॉर्ड क्यों रख रहे है? अगर सरकार को पुलिस को सिर्फ आश्वासन ही देना था तो घोषणा ही क्यों की थी? यह सबसे बड़ा सवाल है। मुख्यमंत्री ने बजट में प्रमोशन की घोषणा कर दी लेकिन प्रमोशन अभी तक नहीं हुआ। अब यह मामला हाई कोर्ट की चौखट पर है  और इसकी सुनवाई 24 अगस्त को होनी है। इसके बाद ही कोई फैसला आ सकता है।

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