आरआरबी भर्ती 2018 की परीक्षा 62 हजार 907 पदों पर भर्ती के लिए देशभर के कई राज्यों में आयोजित की जा रही हैं। अभी परीक्षाओं को शुरू हुए मात्र तीन ही दिन हुए हैं और परीक्षाओं में एक बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। खबर है कि परीक्षा से संबंधित पेपर और आंसर की को परीक्षार्थियों से लाखों रुपये की वसूली कर लीक करवाया जा रहा है। मामला चंडीगढ़ शहर का है। चंडीगढ़ रोड पर स्थित ओम इंस्टीट्यूट को आरआरबी ग्रुप डी की परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। खबर है कि यहां परीक्षार्थियों को केंद्र के अंदर बाहर बैठे गिरोह के सदस्य माइक्रो ब्लूटूथ के जरिये पेपर लीक करवा रहे हैं। परीक्षा केन्द्र से मंगलवार को चार और अभ्यार्थी एक उपकरण के जरिए नकरल करते पकड़े ।

नकल करते पकड़े गए परीक्षार्थियों से पुलिस ने माइक्रो मोबाइल व ब्लूटूथ बरामद किये हैं। पुलिस ने बताया कि जब आरोपियों की चेकिंग की गई तो उन्होंने दो-दो अंडर वियर पहन रखे थे, जिसमें उन्होंने मोबाइल को छुपाकर रख रखा था। परीक्षार्थी बड़ी चतुराई के साथ नकल कर रहे थे, उन्होंने अंडर वियर में बिना बॉडी का मोबाइल रख रखा था, जिसमें केवल सिम लगी हुई थी। मोबाइल ब्लूटूथ नामक उपकरण से जुड़ा हुआ था।

परीक्षा आरंभ होने पर परीक्षा केन्द्र से बाहर बैठा एक व्यक्ति इन उपकरणों के जरिए प्रश्नों के हल परीक्षार्थी को बताता था। इन उपकरणों के जरिए परीक्षार्थी को पूरा पेपर हल करवाया जा रहा था। चंडीगढ़ पुलिस ने मामला सामने आने पर त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया और बारदात में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में संस्थान के लैब टेक्नीशियन रोहित को  गिरफ्तार कर लिया है और एक दिन की  रिमांड पर लिया है।

पुलिस ने अपनी जांच पड़ताल में पाया कि आरआरबी ग्रुप डी भर्ती 2018 के प्रश्न पत्र को लाखों रुपये लेकर हल करवाया जा रहा है। इस पूरी वारदात में एक गिरोह शामिल है जिसने परीक्षार्थियों से पेपर हल करवाने के बदले 20 हजार से लेकर 6 लाख रुपए तक लेने की सेटिंग की है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में विकास, संदीप, सोमबीर, और बिक्रम को पकड़ा है। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए आरोपी अलग-अगल जिलों से हैं।

पुसिल का इस पूरे मामले पर कहना है कि इस वारदात में सबसे अहम भूमिका लैब टेक्नीशियन की रही है। लैब टेक्नीशियन की परीक्षा केन्द्र में अच्छी सेटिंग थी और वह परीक्षा केंद्र में सेटिंग वाले परीक्षार्थियों को बिना चेकिंग के प्रवेश दिलाता था। पुलिस ने बताया कि परीक्षा में मुख्य परीक्षार्थी के स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को बैठाने का खेल भी धड़ल्ले से चल रहा था। इस मामले में पुलिस द्वारा की गई दो दिन की कार्रवाई में अभी तक कुल मिलाकर 7 आरोपी पकडे़ जा चुके हैं।

एसएचओ सदर थाना बिजेंद्र सिंह ने बताया कि पेपर लीक करवाने वाले पूरे गिरोह व इस गिरोह के पीछे जिस मास्टर माइंड का हाथ है अभी उनकी तलाश की जा रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

आपको बता दें कि देश भर में आरआरबी ग्रुप डी की परीक्षाएं 17-9-2018 से शुरू हुई थीं। इस परीक्षा के जरिए कुल मिलाकर 62 हजार 907 पदों पर भर्ती की जानी है।

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