अगले दो महीने भारत के बहुत सारे विद्यार्थियों के लिए कीमती साबित होने वाले हैं , हर रोज उनके लिए अब एक ही सबसे जरुरी चीज रहेगी कि वे जल्दि से जल्दि सारे कॉन्सेप्ट्स सीख लें रीजनिंग के क्वेश्चन करने में जहाँ वह दिमाग हटाना नहीं चाहते वहीं गणित के लिए वो कोई कैलकुलेशन मिस नहीं करना चाहते  या सामन्य ज्ञान के प्रश्नो को एक बार में याद कर जाना चाहते। ये अब भारत के हर घर का माहौल होने वाला है जहाँ विद्यार्थी बस उनका समय होते ही अपना कॉपी पेन और फ़ोन लेकर शुरु हो जाते हैं पहले जहाँ ये फ़ोन पढाई करते वक़्त विद्यार्थी खुद से दूर रखते थे लेकिन वही अब बढ़ती ऑनलाइन पढाई के चलते ऐसा नहीं हो रहा है।

25 मिलियन से ज्यादा आवेदन सिर्फ 90 हज़ार पदों के लिए।

और हो भी क्यों न इस समय विद्यार्थी जिस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं वो है ‘ रेलवे भर्ती परीक्षा ‘ भारत में सबसे बड़े लेवल पर होने वाली यह भर्ती परीक्षा इस बार 90,000 पद के लिए लिए भर्ती लेकर आयी है वही इस 90,000 भर्ती के लिए करोड़ो लोगो ने आवेदन किया है। इतनी भर्तियों के आस पास अगर कोई परीक्षा आती है तो वह भी यही रेलवे की परीक्षा ही है जो कि 2014 में हुई थी जिसमे पूरी 18,252 पद के लिए भर्तियाँ निकली थी। इसमें 1100 परीक्षा केंद्र , 350 शहर , 74 शिफ्ट और पुरे 25 दिन लगे थे इस परीक्षा को पूरा करने में  इतने बड़े पैमाने पर कोई भी परीक्षा कराना अपने आप में एक बहुत बड़ा अचीवमेंट है क्योकि इस बात का भी खास ख्याल रखना होता है कि परीक्षा में किसी भी तरह की कोई नक़ल या गलत गतिविधि न हो जिससे अभ्यर्थियों को किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

क्यों किये इतने लोगो ने आवेदन

जैसा कि आपको पता चला है कि 90,000  पद के लिए लगभग 3 करोड़ लोगो ने आवेदन किये गए हैं , आखिर इतनी ज्यादा संख्या में क्यों हुए आवेदन तो हम आपको बता दें कि रेलवे भर्ती बोर्ड की तरफ से निकली भारतीयों का हर साल भारत के नौजवान बेसब्री से इंतज़ार करते हैं सबसे पहली बात तो यह है कि वे लोग जो आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हैं उस घर के अगर किसी सदस्य को सरकारी नौकरी मिल जाती है तो वह इसके लिए कुछ भी करता है और उन लोगो के लिए पैसो का एक जरिया बन जाता है क्योकि उनमे से बहुत लोग ऐसे हैं कि जिनके पास सिर्फ  डिग्री है मतलब डिग्री तो है लेकिन जानकारी नहीं। आजकल बेरोजगार छात्रों की संख्या भी बहुत बढ़ चुकी है ऐसे में जाहिर है कि सबको बस एक नौकरी चाहिए बस कैसी भी।

लेकिन हाँ ये भी जान लेना उतना ही जरुरी है कि भले ही 3 करोड़ के आस पास लोगो ने आवेदन किये है पर इसमें से बहुत लोगो के आवेदन रद्द भी हो सकते हैं ,कारण है सीरियस और नॉन – सीरियस उम्मीदवारो का जरुरी नहीं हर उम्मीदवार नौकरी पाने की छह से ही फॉर्म भर रहा हो कुछ असमाजिक तत्व भी इसमें शामिल होते हैं और कई बार लोगो ने अपने आवेदन पत्र में कुछ न कुछ गलतियाँ की होती हैं

प्रश्न पत्र

“चुने गए उम्मीदवारों के लिए जो रेलवे भरोसा कर सकते हैं, उन्होंने भरोसा किया है। प्रश्न प्रवेश स्तर की नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए अध्ययन के सामान्य क्षेत्र में फैले-अंग्रेजी, तर्क, गणित, विज्ञान, वर्तमान मामलों- लेकिन कोई प्रश्नपत्र दूसरे जैसा दिख सकता है। प्रश्न अंग्रेजी में तैयार किए गए हैं, 15 भारतीय भाषाओं में अनुवादित हैं, और सीधे आवेदकों की कंप्यूटर स्क्रीन पर भेजे गए हैं। विषय वस्तु विशेषज्ञ के बीच बनाए गए एन्क्रिप्शन के स्तर के बावजूद जो एक प्रश्नपत्र तैयार करता है और जिस छात्र को इसका जवाब देना पड़ता है, भर्ती विभाग धोखेबाज़ों से पहले रहने में अपनी अधिकांश ऊर्जा निवेश करता है। प्रयासों में उन विज्ञापनों को जारी करना शामिल है जो आवेदकों से परीक्षा के लिए नहीं आते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि कक्षा में प्रत्येक छात्र को प्रश्नों का एक अलग सेट प्राप्त होता है।

चयन प्रक्रिया

300 करोड़ रुपये के बजट के साथ निष्पादित, परीक्षा तीन चरणों में विभाजित हैं। दूसरे चरण के लिए चुने गए छात्रों की संख्या आमतौर पर ओपनिंग की संख्या पंद्रह गुना है। जो लोग दूसरे चरण को पास करते हैं उन्हें “मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन” के माध्यम से रखा जाता है जो “सतर्कता” या “गहराई की धारणा” की आवश्यकता वाले ट्रेनों के आस-पास विशिष्ट नौकरियों के लिए उनकी तैयारी का परीक्षण करती है।

ऐसा करने के बाद, सूचियां चयनित उम्मीदवारों की बनाई जाती हैं, जो स्वयं में एक लंबी प्रक्रिया होती है। “हमें विभिन्न श्रेणियों के तहत कोटा दर्ज करना होगा: एससी, एसटी, ओबीसी क्रीमी लेयर , ओबीसी नॉन – क्रीमी लेयर , पूर्व सैनिक, शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण। प्रत्येक श्रेणी में आंतरिक अंशांकन किए जाने हैं। खरे जी ने कहा, “ऑर्थोपेडिकली विकलांग उम्मीदवारों के लिए खुले पद हैं जहां से अंधे उम्मीदवारों को बाहर रखा जाना चाहिए और इसके विपरीत।”

यह श्रृंखला में अंतिम चरण की तरह प्रतीत हो सकता है, लेकिन नहीं है। परिणाम घोषित किए जाने के बाद, परीक्षा लेने वाले हर किसी को प्रक्रिया की निष्पक्षता पर ऑब्जेक्ट करने का मौका दिया जाता है। “आपत्ति ट्रैकर” पर क्षेत्रीय रेल भर्ती बोर्ड अपनी वेबसाइटों पर रखे जाते हैं, उम्मीदवार प्रश्न पत्र, अपने स्वयं के उत्तरों और सही उत्तरों को देख सकते हैं। उम्मीदवारों की बड़ी संख्या यह इंगित करने का अवसर देती है कि उनसे पूछे जाने वाले प्रश्न गलत थे या उन सवालों के उनके जवाब सही थे। “नब्बे प्रतिशत समय हम सही हैं। हालांकि, 7,200 प्रश्न तैयार किए गए हैं। उनमें से एक गलत तरीके से तैयार किया जा सकता है। या अनुवाद सटीक नहीं हो सकता है। इसलिए इन आपत्तियों में से प्रत्येक को जवाब दिया जाता है, “लोहानी ने कहा।

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