सुप्रीम कोर्ट ने आज एक बहुत बड़े फैसले पर रोक लगा दी हैं। फैसला एसएससी सीजीएल और सीएचएसएल 2017 के परिणाम को लेकर था जो आने वाला था लेकिन नहीं आया।इस फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस ए बॉबडे और एल नागेश्वर राव की पीठ ने कई बड़ी बातें कहीं हैं।पीठ ने कहां की “एसएससी सीजीएल और सीएचएसएल 2017 की परिक्षाएं शुरु से ही दागी लग रही हैं। और इस बात पर यकिन नहीं होता की परीक्षा के संरक्षक ने ही परीक्षा के पेपर लीक किए हैं।” और सुप्रीम कोर्ट इस बात से भी हैरान है की अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी एसएससी के अधिकारियों के पक्ष में खड़े हैं। पीठ ने जनरल विक्रमजीत बनर्जी से कहा की “आपका बयान बहुत लोगों तक जाएगा, जहां आपको परीक्षा रद् करवा देनी चाहिए थी वहीं आपका बयान बहुत ही अलग दिशा में हैं।”

सुप्रीम कोर्ट ने सीजीएल और सीएचएसएल 2017 परिणाम पर लगाई रोक

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के सामने अपनी बात रखने के लिए कहा था।जहां याचिकाकर्ता ने एसएससी के अधिकारियों पर पेपर लीक करने के साथ साथ धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया।जिसके बाद उम्मीदवारों ने धरना प्रर्दशन शुरु कर दिया। इस मामले पर फैसला न देनी की एक यह वजह भी सामने आई हैं की कहीं जल्द बाजी में लिए गए फैसले से उम्मीदवारों का नुकसान न हो जाए। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा की एक या दो दिन में इस पर फैसला लेने की पूरी कोशिश करेंगे।

एसएससी सीजीएल और सीएचएसएल 2017 की परीक्षा कई लाखों उम्मीदवारों ने दी थी, जिसके बाद से ही उम्मीदवारों को इसके परिणाम का इंतजार था। लेकिन परिणाम आने से पहले ही यह परीक्षा विवादों में ऐसी फसी की मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुच गया।एसएससी सीजीएल की परीक्षा 4 चरणों में होती हैं, पहले दो चरण में कंप्यूटर आधारित परीक्षा होती हैं, तीसरे चरण में लिखित परीक्षा और आखिरी कंप्यूटर दक्षता परीक्षण या कौशल परीक्षण की परीक्षा होती हैं। इतनी बड़ी परीक्षा का पेपर लीक होना कोई मामूली बात नहीं हैं खासकर तब, जब परीक्षा कराने वाले आधिकारियों पर ही पेपर लीक का आरोप लगा हो।अब आगे यह देखना होगा की सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर क्या फैसला लेता हैं जो इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों से जुड़ा हैं।

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