हम इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि शिक्षक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है। टीचर डे नाम सुनते ही हर छात्र में एक उत्साह सा जाग जाता है। हर छत्र के लिए टीचर डे बहुत महत्वपूर्ण दिन होता है। महत्पूर्ण दिन होने का कारण भी है क्योंकि इस दिन हर छात्र को एक दिन के लिए छात्र से टीचर बनने का मौका मिलता है। टीचर डे के दिन छात्र टीचर के लिए तोहफे लाते हैं। टीचर डे का यह कार्यक्रम कॉलेज और स्कूल व अन्य शिक्षा संस्थान में बड़े धूम-धाम से बनाया जाता है। हर छात्र को इस दिन का बेताबी से इंतजार रहता है। आज हम छात्रों को टीचर डे के बारे में कुछ और महत्वपूर्ण बाते बताएंगे। आइये जानते हैं इसके बारे में कुछ महत्पूर्ण बातें।

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टीचर्स डे इन हिंदी (Teacher’s Day In Hindi)

अगर आप भी जानना चाहते हैं कि शिक्षक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है तो आपके लिए ये आर्टिकल पढ़ना बहुत जरूरी है। छात्रों के लिए हम टीचर डे स्पीच इन हिंदी भी ले कर आये हैं। हमारा यह आर्टिकल, छात्रों के लिए बहुत उपयोगी साबित हो सकता है क्योकि यहाँ हम टीचर डे यानी की शिक्षक दिवस की बहुत सी लाभदायक बातें आपको बताने वाले हैं।

भारत में टीचर डे की शुरुआत कब हुई 

पूरे भारत वर्ष में 5 सितम्बर को डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन टीचर डे के रूप में मनाया जाता है और उन्हें याद किया जाता है। डॉ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 को तमिलनाडु के एक छोटे से गांव तिरुतनी में हुआ था।उनके पिता का नाम सर्वपल्ली वीरा स्वामी और माता का नाम सीताम्मा था। तभी से राधाकृष्णन के जन्मदिन के मौके पर हर साल डे बनाया जाता है।

शिक्षक दिवस का महत्व

आज हम आपको बताएंगे की टीचर डे क्यों है इतना खास, हर छात्र को 5 सितम्बर की तारीख याद रहती है । छात्र को  इस दिन का बहुत बेताबी से इंतजार रहता है क्योंकि इस दिन हर छात्र को एक दिन के लिए टीचर बनने का मौका मिलता था। यह पल छात्र कभी नहीं भूल सकता  है क्योंकि यह जरुरी नहीं होता है की आप बढ़े होकर टीचर ही बने। लेकिन टीचर डे के कारण छात्र को एक दिन के लिए टीचर बनने का मौका तो मिला इसी बहाने। इसलिए हर छात्र के लिए यह दिन कुछ ज्यादा ही खास है।

टीचर डे की लोकप्रिया कभी भी नहीं होगी कम 

आज भी टीचर डे स्कूल और कॉलेज में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है और बच्चों को शिक्षा के जमीनी स्तर से जोड़ने की कोशिश की जाती है। इस दिन कई शिक्षा संस्थान शिक्षकों  के लिए अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस दिन छात्र बच्चों को कार्ड्स, फूल और अलग-अलग तोहफे देते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस मना कर उनके महत्व को समाज में और बढ़ाया जाता है। एक शिक्षक ही एक बच्चे को विद्यार्थी में बदलता है। वही विद्यार्थी आगे चलकर देश का भविष्य बनता है। डॉ. राधाकृष्णन ने समाज में शिक्षकों और शिक्षा दोनों कि महत्वता को समझा है इसलिए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में 1962 के बाद से मनाया जा रहा है। और आगे भी  भारत वर्ष में ऐसी बनाया जाता रहेगा।

आखिरकार हम कह सकते हैं कि टीचर डे छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है। छात्र शिक्षक दिवस का बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे। उम्मीद यही है की कॉलेज और स्कूल में इस भी टीचर डे बड़े धूम -धाम से बनाया जायेगा। इस दिन हमें पूरे दिल से ये प्रतिज्ञा करनी चाहिये कि हम अपने शिक्षक का सम्मान करेंगे क्योंकि बिना शिक्षक के इस दुनिया में हम सभी अधूरे हैं।

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