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सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्य की बेंच ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लिया है।फैसले के आधार पर UGC-NEET और CBSE की परीक्षा देने के लिए के लिए अब आधार कार्ड की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।साथ ही कोर्ट के इस फैसले के बाद छात्रों को इन परीक्षाओं के लिए आवेदन करते समय अपनी आधार डीटेल्स साझा करने की भी कोई जरुरत नहीं है।इसके अलावा कोर्ट ने एक फैसला और सुनाया, जो शायद स्कूल जाने वाले बच्चों के  माता-पिता के चेहरे पर ख़ुशी ला सकता है। अब स्कूलों में भी बच्चों की आधार डीटेल्स देना अनिवार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश बुधवार को हुई सुनवाई में दिया गया।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अब 12 अंको के आधार नंबर की कोई जरुरत नहीं है।अगर किसी छात्र  के पास आधार कार्ड नहीं है तब भी वह किसी भी विद्यालय में एडमिशन लेने के योग्य है।हाल  ही में भारतीय विशिष्ट पहचान प्रदिकरण (UIDAI )ने भी अपने दिए बयान में यह साफ़ कर दिया था कि स्कूलों में प्रवेश पाने के लिए आधार कार्ड कोई मापदंड नहीं है। अगर किसी छात्र का बायोमेट्रिक्स  आधार में अपडेट नहीं हुआ है तो इसका जिम्मेदारी स्कूल की होगी।

कोर्ट ने अपने आदेश में आगे यह भी कहा कि स्कूल के एडमिशन का मामला सेक्शन 7 के तहत नहीं आता है,इसलिए आधार को इसके लिए अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता है। अगर कोई छत्र आधार जमा नहीं कर पाता है तब भी उसे स्कूल में एडमिशन दिया जाना चाहिए। आधार कार्ड बनवाना बच्चों के माता-पिता की जिम्मेदारी है।

NTA ने भी कहा UGC-NEET-CBSE की परीक्षाओं के लिए अब नहीं पड़ेगी आधार की जरूरत 

NTA यानि कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पहले ही साफ कर दिया था कि नेशनल एलिजबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट(NEET), विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC),केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के रजिस्ट्रेशन फॉर्म को भरने के अब आधार कार्ड की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इससे पहले उम्मीदवारों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य था। अब छात्र आईडी प्रूफ के तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड भी लगा सकते हैं।

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