बीएड कर के टीचर बनने की आश रखने वाले कुछ अभ्यर्थियों के लिए ये खबर बहुत बुरी है क्योकि लखनऊ विश्वविद्यालय ने करीब 15 हज़ार आवेदकों की काउंसलिंग में रूकावट डाल दी है। क्योकि कुछ अभ्यर्थियों ने अपने आवेदन ने आवश्यकता से अधिक जानकारी दे दी थी।

पोस्ट ग्रेजुएशन के अंक भरने की वजह से फंसी 15 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग

उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश के लिए काउंसलिंग 1 जून 2018 से शुरू हो गयी है। लखनऊ यूनिवर्सिटी की देख-रेख में ये बीएड काउंसलिंग आयोजित की जा रही है। यूपी बीएड काउंसलिंग शुरू होते ही पहले दिन ही करीब 15 हज़ार अभ्यर्थियों की काउंसलिंग फंस गयी। ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत से अधिक अंक होने के बावजूद खुद को परा-स्नातक अंतिम वर्ष का उम्मीदवार बता कर फॉर्म भर दिया था। जबकि यूपी बीएड की गाइड लाइन के अनुसार अगर किसी उम्मीदवार के ग्रेजुएशन में 50% या इससे अधिक हैं तो उसे अपने पोस्ट ग्रेजुएशन के अंक नहीं भरने थे। ये जानकारी उन उम्मीदवारों को भरनी थी जिनके ग्रेजुएशन में 50% से कम अंक हैं। तो पोस्ट ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष की मार्क शीट न होने के कारण कई सारे अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन करने में नाकाम रहे।

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा के समन्वयक प्रोफेसर एन.के. खरे के अनुसार रजिस्ट्रेशन के पहले दिन ही कई सारेरथियों की जानकारी देखी गयी तो करीब 2 लाख 10 हज़ार अभ्यर्थियों में से 15 हज़ार अभ्यर्थी ऐसे निकले हैं जिन्होंने अपने फॉर्म में ग्रेजुएशन में 50% होने के बावजूद भी पोस्ट ग्रेजुएशन के नंबर भी भरे हैं। परन्तु अब ऐसे अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन 2 जून से शुरू हो पायेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय ऐसे उम्मीदवारों का ब्यौरा अब दुरुस्त कर रहा है।

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आपको बता दें कि पहले दिन करीब साढ़े 6 हज़ार अभ्यर्थिओं ने काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। पहले चरण के लिए अभ्यर्थी 1 जून से 3 जून तक दस्तावेज़ सत्यापन और शुल्क जमा कर सकते हैं।

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