यूपी बोर्ड कक्षा 10 वीं और कक्षा 12 वीं की परीक्षाएं हो गई हैं। और कॉपिओं का मूल्यांकन चल रहा है। कॉपियों के मूल्यांकन के समय एक ऐसी बात सामने आई जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। कॉपियां जांचते समय अध्यापक भी कॉपियों को देखकर चौंक गए। आइए आपको बताते है कि कॉपियों में छात्रों ने ऐसा क्या लिखा था। यूपी बोर्ड की इस बार की परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं ने बडी़ संख्या में कॉपियों को खाली छोडा़ है। सभी अध्यापक जिलों के नौं केंद्रों पर चल रहे कॉपी मूल्यांकन के समय कॉपियों को देखकर हैरान रह गए।

यूपी बोर्ड में छात्रों ने 60 से 70 फीसदी कॉपियां को खाली छोडा़

कई बार ऐसा होता है कि किसी विषय का पेपर कठिन आ जाता है तो बच्चे कम लिख पाते हैं और कॉपियां खाली होती हैं। या फिर विज्ञान, गणित के पेपर में ऐसा हो जाता है पर इस बार छात्रों ने हिन्दी के पेपर में भी काफी कम लिखा है। कॉपियां खाली छोड़ दी हैं। अध्यापकों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया है कि छात्रों ने करीब 60 से 70 फीसदी कॉपियां खाली छोडी हैं। कक्षा 12 की भौतिक विज्ञान की कॉपियां राजकीय इंटर कॉलेज में जांची जा रही हैं। और शुक्रवार को 216 कॉपियों के दो बंडल जांचे गए। जिससे पता चला कि 35 नंबर के पेपर में ज्यादातर छात्रों ने 8 से 10 नंबर का ही किया है।

कुल 216 छात्रों में से केवल 12 फीसदी ही ऐसे छात्र निकले जिन्हे पास होने लायक नंबर मिल सके। और सीएवी इंटर कॉलेज में हिन्दी की कॉपी जांची जा रही हैं जिसमें पता लगा है कि बच्चे हिन्दी के भी कम जबाव लिख सके हैं। इससे ये आशंका जताई जा रही है कि इस साल यानि कि साल 2018 में यूपी बोर्ड का रिजल्ट पिछली साल से खराब आएगा।

1129786 छात्रों ने छोडी़ परीक्षा

ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इस साल नकल नहीं हुई है। इस साल नकल पर बहुत लगान कसी गई थी। स्कूलों नें सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए गए थे।  पुलिस भी तैनात थी। और पुलिस के साथ साथ एसटीएफ भी थे। इसका ही ये नतीजा है कि 1129786 छात्रो ने परीक्षाएं छोड़ दी। और जिन्होंने दी भी वो भी अच्छे से नहीं लिख पाए। बच्चों ने दो साल पढ़ाई नहीं की और उसका असर इस बार रिजल्ट पर देखने को मिलेगा।

अपने विचार बताएं।