उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने पेपर लीक की समस्या से निपटने का एक नया तरीका सरकार ने निकाल लिया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) अधिकारियों ने कहा कि वह पेपर लीक होने से बचाने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के कम से कम दो प्रश्न पत्र तैयार करेंगे।आपको बता दें कुछ दिन पहले ट्यूबवेल ऑपरेटर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इस मामले में संलिप्तता पाए जाने के आधार पर अभी तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया उसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अहम ऐलान किया ।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के चेयरमैन सी.बी. पालीवाल ने कहा, “हम प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों के कम से कम दो सेट तैयार की योजना बना रहे हैं ताकि किसी पेपर के लीक होने पर दूसरे सेट को परीक्षकों को दिया जा सके। इससे परीक्षार्थियों का नुकसान नहीं होगा और उसी दिन परीक्षा संभव हो सकेगी। इसी के साथ आयोग भविष्य की परीक्षाओं के लिए दो सेट- स्क्रीनिंग और मेन्स की भी शुरूआत करने की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा।

उम्मीदवार की जानकारी के लिए आपको बता दें कि नलकूप चालक भर्ती परीक्षा का विज्ञापन साल 2016 में जारी हुआ था। पहले इसमें स्क्रीनिंग परीक्षा के बाद साक्षात्कार के जरिये चयन होना था।लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद इसकी प्रक्रिया रोक दी गई थी। बाद में आयोग ने सिर्फ लिखित परीक्षा के आधार पर ही चयन का फैसला किया है।

अब उत्तर प्रदेश सरकार की यह मुहिम किस हद तक काम करती है। उसका पता तो बाद में ही चलेगा। मगर देखा जाए तो सरकार की एक अच्छी मुहिम है और आने वालो दिनों में इसका फायदा मिलेगा और वही दूसरी और पेपर के दो सेट बन जाने से पेपर लीक की समस्या जरूर कम होगी।

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