उत्तर प्रदेश अधिनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने ट्यूबवेल ऑपरेटर की भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है। यूपीएसएससी ने शनिवार रात्रि को इसकी घोषणा की। सोशल मीडिया पर परीक्षा से संबंधित हिंदी का पेपर लीक़ होने की ख़बर आने के बाद यूपीएसएसएससी ने तुरंत यह क़दम उठाया। आपको बता दें कि प्रदेश के कुल 364 केन्द्रों पर रविवार को यह परीक्षा आयोजित की जानी थी। आयोग के चेयरमेन सीबी पालिवाल ने उस एजेंसी के ख़िलाफ़ त्वरित एक्शन लेने का निर्णय किया है जिसे पेपर को छापने का ठेका दिया गया था। सीबी पालिवाल ने कहा, “हमने पेपर को छापने वाली एजेंसी के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अलवा हम परीक्षा से जुड़े बाक़ी सदस्यों से भी इस मामले की जानकारी लेंगे। इस मामले की जांच स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ़) को सौंप दी गई है। रिपोर्ट आने के बात अपराधियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्यवाई की जाएगी।”

इस मामले की जांच कर रही स्पेशल टार्स फोर्स(एसटीएफ़) ने कहा है कि उन्होंने हिंदी पेपर के साथ मेरठ से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। जब इस पेपर को आयोग की टीम के साथ शेयर किया गया तो उन्होंने बताया कि यह हूबहू वही पेपर है जो पिछली रात को सोशल मीडिया पर लीक़ हुआ था।

आयोग के चेयरमेन सीबी पालिवाल ने कहा है कि परीक्षा फिलहाल रद्द कर दी गई है, परीक्षा से संबंधित नई तरीख का जल्द ही ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, “मैंने इस परीक्षा को उस वक़्त रद्द करने का फैसला किया जब मैंने अपने व्हाट्सऐप पर इस पेपर को देखा। मेरे व्हाट्सऐप पर आया पेपर वही था जो ट्यूबवेल ऑपरेटर की परीक्षा के लिए तैयार किया गया था। पेपर लीक़ होने के मात्र 1 घंटे के अंदर हमने स्टेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ़) की टीम को इस बाबत जानकारी दी।”

आपको बता दें कि ट्यूबवेल ऑपरेटर की परीक्षा 3210 पदों पर भर्ती के लिये प्रदेश भर के 364 परीक्षा केन्द्रों पर रविवार को सुबह 10 बजकर 20 मिनट से होनी थी। इस परीक्षा को देने के लिए लगभग 2.5 लाख परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था।

अपने विचार बताएं।