आजकल सब बच्चे पहले से ही सोच लेते है की उन्हें बड़े होकर क्या बनना है।जिसके चलते ज्यादातर बच्चों का जवाब होता है कि उन्हें “इंजीनियर” बनना है। और भला इंजीनियरिंग करने का सपना क्यों न देखे क्योंकि आजकल इंजीनियरिंग ही सबसे प्रचलित कोर्स हो गया है। इसको करने का हर एक छात्र ख्वाब देखता है और इसको करने का तैयारी स्कूल में ही शुरु कर देता है। इंजीनियरिंग की शुरुआत वैसे तो स्कूल से ही हो जाती है। और अब आप यह सोच रहे होगें की वो भला कैसे ? इंजीनियरिंग करने का सपना देखने वाले छात्र स्कूल में 11वीं कक्षा में साईंस स्ट्रीम को चुनते है। साईंस में भी गणित और भौतिक विज्ञान पढ़ना जरुरी होता है। और 12वीं में भी इन्हीं विषयों को पढ़ना जरुरी होता है तभी किसी इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला मिलेगा। यह तो हुई स्कूल की बात अब आगे इस आर्टिकल में आप जान पाएंगे की इंजीनियरिंग क्या होती है, इंजीनियर कैसे बने, इंजीनियरिंग कब और कौन कर सकता है, इंजीनियर कितने प्रकार के होते हैं, इंजीनियर की परिभाषा, इंजीनियर का मतलब क्या होता है आदि।

इंजीनियरिंग क्या है ?

इंजीनियरिंग को गहराई से समझने के लिए हम सबसे पहले जानते है की इंजीनियरिंग और इंजीनियर का मतलब क्या होता है। इंजीनियरिंग कोर्स का नाम है जो छात्र 12वीं के बाद करते है। 12वीं के बाद छात्र बी.टेक में स्नातक स्तर की पढ़ाई मान्यता प्राप्त कॉलेज से कर सकते है जो इंजीनियर बनने की शुरुआत मानी जाती है। किसी भी छात्र के पास कम से कम 3 साल की डिग्री या फिर डिपलोमा होना चाहिए। 3 साल की पढ़ाई के बाद छात्र कों जिस विषय में सबसे ज्यादा रुचि है उसमें छात्र स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रजुएशन) कर सकता है। स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रेजुएट) होने के बाद आप “इंजीनियर” कहलाए जाएंगे। और अगर किसी की रुचि खोज यानि की रिसर्च और डिजाईनिंग करने में है उसको अपनी फिल्ड में पी.एच.डी करनी होगी। अब हम आपको बताएंगे की इंजीनियरिंग के प्रकार कितने होते है।

इंजीनियरिंग के प्रकार

छात्र इंजीनियरिंग करने की सोच तो लेते है मगर कुछ छात्रों को यह पता नहीं होता की इंजीनियरिंग के प्रकार कितने होते है ? और आपको यह भी बता दें की इंजीनियरिंग के अंदर भी इतने प्रकार होते है कुछ के तो छात्रों को नाम तक नहीं पता होते है। सबसे ज्यादा दिक्कत तो तब आती है जब छात्र यह समझ नहीं पाता की स्नातकोत्तर (पोस्ट ग्रजुएशन) किससे करें। तो आज हम सबसे ज्यादा इंजीनियरिंग करने वाले क्षेत्र के बारे में बात करेंगे साथ ही उन क्षेत्र के बारे में भी बात करेंगे जिनके बारे में आपको लोगों बहुत कम या कुछ भी नहीं पता है।

  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सबसे ज्यादा लोग करते है। आइए जानते है इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग क्या है। इसको करने का सबसे बड़ी वजह यह है की इस फिल्ड में सबसे ज्यादा स्कोप है। जैसे जैसे नई टेक्नोलोजी आती जा रही है उसी तरह  इलेक्ट्रिकल  इंजीनियरिंग की अहमियत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।हर एक छोटी जगह से लेकर बड़ी जगह तक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के लोग जरुर मिलते है। घर से लेकर कोई भी बड़ी कम्पनी तक, नासा से लेकर चांद तक हर जगह इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग काम आती है। तो हम यह कह सकते है की अगर किसी ने इलेक्ट्रिकल  इंजीनियरिंग की है तो उसके पास बहुत से अॉपशन मौजूद होंगे।

  • मैकेनिकल इंजीनियरिंग

आपको नाम से ही अंदाजा हो जाना चाहिए की मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है ? जिन लोगों को मशीनों से प्यार है उनके लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग एकदम सही करियर अॉपशन है। इस फिल्ड में आपको मशीनों के बारे में हर एक चीज़ के सिखाई जाएगी और आप हर समय मशीनों से घिरे रहेगें। और आजकल सबसे ज्यादा मैकेनिकल इंजीनियरिंग बहुत चर्चे में है। तो मशीनों से प्यार करने वाले शख्स के लिए यह अॉपशन बेस्ट है।

  •  सिविल इंजीनियरिंग

अब आपको बताते हैं कि सिविल इंजीनियरिंग क्या है। जो भी शख्स इंजीनियरिंग करता है उसका पहला अॉपशन ज्यादातर सिविल इंजीनियर बनने का होता है। सिविल इंजीनियर सरकार के अंर्तगत काम करता है। जब भी सरकार को कोई भी निर्माण करना होता है जैसे की रोड़ का निर्माण, स्कूल, अस्पताल आदि तो इसकी जिम्मेदारी सरकार सिविल इंजीनियर को देती है। सिविल इंजीनियर का काम पूरे काम की नीती बनाने से लेकर उस काम को खत्म करने तक की जिम्मेदारी होती है। इसके लिए उम्मीदवार को गणित और फिजिक्स विषय में 4 साल का कोर्स करना होता है।

  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग

21वीं सदी में कंप्यूटर शब्द सबकी जिंदगी में बहुत जरुरी हो गया है।अब आपको बताते हैं कि कंप्यूटर इंजीनियरिंग क्या है। कंप्यूटर अब हर रोज़ किसी न किसी तरह से काम आता है। स्कूल, कॉलेज, अॉफिस, अस्पताल, स्पेस सेंटर आदि हर जगह में काम आता है। इसको पढ़कर अगर आपने कंप्यूटर इंजीनियर बनने का मन बना लिया है तो आपका यह फैसला बिल्कुल सही है। साथ ही कंप्यूटर के इतने ज्यादा इस्तेमास को देखते हुए हम यह कह सकते है की कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बहुत स्कोप है।

नोट: यहां हमने उन्हीं इंजीनियरिंग कोर्स के बारे में बताया है जो सबसे ज्यादा प्रचलित रहते है। इसके अलावा और बहुत से इंजीनियरिंग कोर्स है।

इन ब्रांच से भी कर सकते है इंजीनियरिंग

  • पेट्रोलियम इंजीनियरिंग

पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एक ऐसा कोर्स है जिसके बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है। इसलिए आज हम यहां आपको इस कोर्स के बारे में भी बताएंगे। जो लोग यह कोर्स करते है उनको ड्रिलिंग और भूवैज्ञानिक डेटा विश्लेषण (जियोलोजिकल डाटा एनालिसिस) में ट्रेन किया जाता है। पेट्रोलियम इंजीनियर का सबसे महत्तवपूर्ण काम जमीन में से पेट्रोल निकाल कर उसको टेंक में सुरक्षित डालने का होता है। इसी तरह के काम की ट्रेनिंग दी जाती है। अगर किसी को कुछ अलग करना है तो पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एक बेहतर अॉपशन है।

  • महासागर इंजीनियरिंग (ओशियन इंजीनियरिंग )

ओशियन इंजीनियरिंग जिसको हम महासागर इंजीनियरिंग भी कह सकते है। और यह भी एक इंजीनियरिंग का ऐसा कोर्स है जिसके बारे में कम ही लोग जानते है। जिन लोगों को समुद्र से प्यार है और इंजीनियरिंग की फिल्ड में कुछ रोचक करना चाहते है वो उन लोगों के लिए ओशियन इंजीनियरिंग एक अच्छा अॉपशन है।जिन लोगों को नेवी में जाने का सपना था लेकिन किसी कारण से नेवी में दाखिल नहीं हो पाए उन लोगों के लिए ओशियन इंजीनियरिंग एक अच्छा अॉपशन है। इसके जरिए वो लोग समुद्र से जुड़े रह सकते है।

  • एथिकल हैकिंग (नैतिक हैकिंग)

इस तरह की इंजीनियरिंग के बारे में शायद ही किसी ने सुना होगा जिस में हैकिंग करना सिखाते है। जी हां, आपको बता दें की एथिकल हैकिंग इंजीनियरिंग के कोर्स में से एक कोर्स है। इसमें लोगों को कंप्यूटर हैंक करना सिखाते है जो पूरी तरह से नैतिक होता है। जो लोग एथिकल इंजीनियरिंग करते है वो लोग अपनी ही कंपनी का डाटा हैक करते है और उसमें सुधार करते है ताकि कोई और उनकी कंपनी का डाटा हैक न कर पाए। तो जिन लोगों को हैंकिग कानूनी तौर पर करनी है वो लोग एथिकल हैकिंग में इंजीनियरिंग कर सकते है।

  • खेल टेक्नोलोजी इंजीनियरिंग

खेल में तो हर किसी की रुचि होती है मगर हर कोई क्रिकेटर या फुटबॉलर नहीं बन सकता। लेकिन ऐसा भी नहीं है की खेल से हमेशा हमेश के लिए नाता तोड़ लें। इसलिए अगर आपने किसा दबाव में इंजीनियरिंग कर भी ली तो उसके बाद भी आपको अपने पेशन से दूर होने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि आप खेल टेक्नोलोजी में इंजीनियरिंग कर सकते है। इसमें आप लोगों को हर खेल में इस्तेमाल होने वाले खेल के उपकरणों का डिजाइन तथा उनको बनाने को तरीका भी सिखाया जाएगा।

इसके अलावा भी इंजीनियरिंग के बहुत से कोर्स है

  • कृषि इंजीनियरिंग
  • ध्वनि अभियन्ता इंजीनियरिंग
  • ऊर्जा इंजीनियरिंग
  • फोटोनिक्स इंजीनियरिंग
  • हाइड्रोलिक इंजीनियरिंग
  • जनन विज्ञानं अभियांत्रिकी इंजीनियरिंग

इंजीनियरिंग के लिए टॉप 10 कॉलेज

  1. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, दिल्ली
  2. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, खरगपुर
  3. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, बाम्बे
  4. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, कानपुर
  5. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, रुड़की
  6. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, गुवाहाटी
  7. बिरला इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, पिलानी
  8. दिल्ली टेक्नोलोजी यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  9. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, धनबाद
  10. इंडियन इंस्टीट्यूट अॉफ टेक्नोलोजी, इंदौर

बी.टेक (इंजीनियरिंग) के बाद क्या करें ?

सबसे ज्यादा छात्र को दिक्कत तब आती है जब वो यह तय नहीं कर पाता की बी.टेक के बाद क्या करें। यह सवाल पेजीदा भी है क्योंकि इस फैसले से ही छात्र की पूरी जिंदगी जुड़ी होती है। लेकिन आजकल छात्र को लगता है की बी.टेक तो हर कोई कर रहा है और इसमें जॉब की बहुत कमी हो रही है। मगर ऐसा नहीं है, बी.टेक करने के बाद भी करियर के बहुत से अॉपशन होते है। अब इस आर्टिकल में हम आपको यहीं बताएंगे की बी.टेक के बाद आप क्या क्या कर सकते है।

  • एम.टेक की डिग्री प्राप्त करें

अगर आपने इंजीनियरिंग अपने पसंद से की है तो आप लोग एम.टेक कर सकते है। एम.टेक आप अपने पसंदीदा विषय में कर सकते है। इससे आप अपने पसंद वाले विषय को और भी अच्छे से जान पाएंगे। डिग्री होने के बाद किसी भी एम.टेक छात्र को नौकरी आराम से मिल जाएगी।

  • एमबीए करें

अगर बी.टेक करने के बाद आपको लगता है की आप टेक्नोलोजी के लिए नहीं बने और कुछ और करना चाहते है तो एमबीए एक अच्छा अॉपशन है। कई लोगों को लगता है की बी.टेक करने के बाद र्सिफ एम.टेक कर सकते है तो यह गलत है। अभी भी करियर बदलने में कोई देरी नहीं हुई है और इससे आगे कोई दिक्कत नहीं होगी।

  • सिविल सर्विसिस के लिए तैयारी

कुछ लोगों का मन शुरु ले ही सरकारी जॉब में होता है और ज्यादातर इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सर्विसिस के बारे में सोचते है।तो बी.टेक के बाद सिविल सर्विसिस की तैयारी करना भी एक बहुत अच्छा अॉपशन है। आईएएस का पद बहुत ही बड़ा और जिम्मेदारियों से भरा होता है। तो जो देश की इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार है वो इस परीक्षा की तैयारी में लग सकते है।

  • खुद का स्टाटप बिजनेस

ज्यादातर लोग खुद का मालिक बनना चाहते है, इसका मतलब है की किसी के नीचे काम नहीं करना चाहते है। तो वो लोग खुद का स्टाटप बिजनेस शुरु कर सकते है। जिन लोगों के बिजनेस चलाने का दिमाग और नए नए आईडिया है वो लोग कभी भी स्टाटप में मात नहीं खा सकते है। बी.टेक की डीग्री के बाद स्टाटप करने का प्लान में अच्छा है।

इस आर्टिकल से उन लोगो को जरुर ही मदद मिली होगी जिनको यह समझ नहीं आ रहा था कि इंजीनियरिंग के बाद आखिर क्या करना चाहिए। अब कुछ हद तक इस सवाल का जवाब मिल गया होगा। बस अपनी पसंद को जानना जरुरी है बाकी रास्तें तो कई होते है। और ऐसा तो बिल्कुल नहीं है की एक चीज को अपना समय देने के बाद उसी में आगे कुछ करें, पसंद और रुचि तो हर इंसान की समय के साथ सेथ बदलती रहती हैं।

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