शिक्षक दिवस 2024: निबंध, शायरी, महत्व, भाषण आदि
“माता-पिता की मूरत है गुरू, इस कलयुग में भगवान की सूरत है गुरू” गुरु को समर्पित यह पंक्ति बहुत ही खूबसूरत है। वास्तव में गुरु का स्थान माता-पिता, भगवान सबसे ऊपर है। हमे जन्म माता-पिता से मिलता है लेकिन हमे जीवन में जीने की शिक्षा, कामयाब बनने की शिक्षा सिर्फ गुरु देता है। सही मायने…