दशहरा, श्रीराम और रावण के युद्ध के दिनों की स्मृति को जीवंत रखने वाला प्रमुख हिंदू त्योहार है। यह त्योहार भारत में विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है, जब असुरी शक्ति रावण की पराजय और भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाता है। दशहरा के इस पवित्र अवसर पर, आपके सामर्थ्य और भावनाओं को व्यक्त करने का एक अद्वितीय तरीका है कविता। इस लेख में, हम आपके साथ दशहरा पर आधारित कुछ सुंदर कविताओं को साझा करेंगे, जिन्हें पढ़कर आप इस उत्सव की ऊर्जा और महत्वाकांक्षा का अनुभव करेंगे। तो अपनी भावनाओं को साधारित करने और जीवित करने के लिए, आप इन कविताओं का आनंद लें!
दशहरा 2026 — कब है?
| दशहरा / विजयादशमी | 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार |
| शारदीय नवरात्रि | 11 – 19 अक्टूबर 2026 |
| दुर्गा अष्टमी / महानवमी | 18 / 19 अक्टूबर 2026 |
| दिवाली (दशहरा के 19 दिन बाद) | 8 नवंबर 2026, रविवार |
रावण दहन शाम को सूर्यास्त के बाद किया जाता है। विजय मुहूर्त के सटीक समय के लिए अपने शहर का पंचांग देखें।
दशहरा पर कविता
आज दशहरे की घड़ी आई
झूठ पर सच की जीत है भाई
रामचन्द्र ने रावण मारा
तोड़ दिया अभिमान भी सारा
एक बुराई रोज हटाओ
और दशहरा रोज मनाओ
हार के भी वो जीता रावण
मुक्ति पाई राम के चरणन्
दशहरा का तात्पर्य, सदा सत्य की जीत।
गढ़ टूटेगा झूठ का, करें सत्य से प्रीत॥
सच्चाई की राह पर, लाख बिछे हों शूल।
बिना रुके चलते रहें, शूल बनेंगे फूल॥
क्रोध, कपट, कटुता, कलह, चुगली अत्याचार
दगा, द्वेष, अन्याय, छल, रावण का परिवार॥
राम चिरंतन चेतना, राम सनातन सत्य।
रावण वैर-विकार है, रावण है दुष्कृत्य॥
वर्तमान का दशानन, यानी भ्रष्टाचार।
दशहरा पर करें, हम इसका संहार॥
विजय सत्य की हुई हमेशा,
हारी सदा बुराई है,
आया पर्व दशहरा कहता
करना सदा भलाई है.
रावण था दंभी अभिमानी,
उसने छल-बल दिखलाया,
बीस भुजा दस सीस कटाये,
अपना कुनबा मरवाया.
अपनी ही करनी से लंका
सोने की जलवाई है.
मन में कोई कहीं बुराई
रावण जैसी नहीं पले,
और अँधेरी वाली चादर
उजियारे को नहीं छले.
जिसने भी अभिमान किया है,
उसने मुँह की खायी है.
आज सभी की यही सोच है,
मेल -जोल खुशहाली हो,
अंधकार मिट जाए सारा,
घर घर में दिवाली हो.
मिली बड़ाई सदा उसी को
जिसने की अच्छाई है.
अधर्म पर धर्म की जीत, असत्य पर सत्य की जीत
बुराई पर अच्छाई की जीत, पाप पर पुण्य की विजय
अत्याचार पर सदाचार की जीत, क्रोध पर दया, क्षमा की जीत
अज्ञान पर ज्ञान की जीत, रावण पर श्रीराम की जीत
के प्रतीक पावन पर्व, विजयादशमी की हार्दीक शुभकामनायेँ।
दशहरा लेखन हिंदी में
त्योहारों का मौसम 2026 — और पढ़ें
नवरात्रि (11–19 अक्टूबर), दशहरा (20 अक्टूबर), दिवाली (8 नवंबर), भाई दूज (11 नवंबर) और छठ पूजा (13–16 नवंबर) से जुड़े निबंध, कविताएं और शुभकामनाएँ:
- नवरात्रि पर निबंध 2026
- दुर्गा पूजा का महत्व 2026
- दुर्गा पूजा पर निबंध 2026
- दशहरा पर निबंध 2026
- दशहरा पर 10 लाइनें 2026
- दशहरा की शुभकामनाएँ 2026
- दिवाली 2026 — लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 2026
- दिवाली पर निबंध 2026
- दिवाली की शुभकामनाएँ 2026
- दिवाली पर कविताएं 2026
- भाई दूज पर निबंध 2026
- भाई दूज की शुभकामनाएँ 2026
- छठ पूजा पर निबंध 2026
- करवा चौथ व्रत कथा 2026
- धनतेरस 2026: मुहूर्त, क्या खरीदें, कथा
- बाल दिवस पर भाषण 2026