रक्षाबंधन, भाई-बहन के प्रेम का त्यौहार। देश के प्रमुख त्यौहारों में से एक जिसमे बहन एक रेशम डोर को भाई की कलाई पर बांध के अपना प्रेम उस पर न्यौछावर करती है और भाई पूरी ज़िन्दगी उसकी रक्षा करने की रस्मे-कसमें  खाते हैं। भाई-बहन की हंसी-ठिठोली से सराबोर ये त्यौहार मन में बहुत उल्लास ले कर आता है। स्कूलों में, कॉलेजों में भी रक्षाबंधन निबंध पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। तो इस कारण अभ्यर्थी इंटरनेट पर रक्षाबंधन पर निबंध खोज रहे हैं। उनकी इस ज़रुरत को पूरा करने के लिए हम ले कर आये हैं रक्षाबंधन पर निबंध in hindi, इसके लिए उम्मीदवार हमारा पूरा आर्टिकल पढ़ें। क्योकि ये रक्षाबंधन पर निबंध का आर्टिकल स्कूल के बच्चों से लेकर कॉलेज तक के बच्चों के लिए उपयोगी साबित होगा। स्कूल के बच्चे रक्षाबंधन निबंध हिंदी में बहुत ज्यादा ढूंढते हैं ये रक्षा बंधन पर निबंध in hindi हम बच्चों के लिए हमारी ओर से समर्पित।

रक्षाबंधन निबंध

रक्षा बंधन हिन्दुओं के मुख्य त्यौहारों में से एक है। यह त्यौहार देश के विभिन्न हिस्सों में बहुत ही ज्यादा उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्यौहार भाई-बहन के प्रेम के बंधन को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। इस दिन सभी बहने अपने भाई की लम्बी उम्र की कामना करती हैं और भाई भी ता-उम्र उनकी हर प्रकार से रक्षा करने का वचन देते हैं। रक्षाबंधन पर्व सभी उम्र के भाई-बहनों के द्वारा मनाया जाता है।

रक्षाबंधन कब मनाया जाता है?

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन श्रवण मास में मनाया जाता है जिसे हम सावन का महीना भी कहते हैं। रक्षाबंधन सावन महीने के अंतिम दिन मनाया जाता है जो की अधिकतर अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार अगस्त माह में पड़ता है। हिंदू धर्म के अनुसार सावन का पूरा महीना ही शुभ माना जाता है।

कैसे मनाया जाता है रक्षाबंधन?

रक्षाबंधन का त्यौहार अमूमन तौर पर दिन के समय ही मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के लिए भाई-बहन खूबसूरत पोशाक पहनती हैं। बहनें भाईयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और राखी को अपने भाई की कलाई पर बांधती हैं और मिठाई खिलाते हैं। इसके पश्चात् भाई बहन को उपहार देते हैं और पूरी ज़िन्दगी उनका किसी भी परिस्थिति में साथ देने का वचन देते हैं कि वे उनके साथ खड़े रहेंगे और हर स्थिति में उनका ख्याल रखेंगे। भारत में भी इस पर्व को मनाने के अलग-अलग नियम हैं कहीं-कहीं राखी बांधने से पहले दोनों भाई-बहन उपवास करते हैं। और राखी बांधने के बाद ही कुछ खाते हैं।

रक्षाबंधन : ऐतिहासिक महत्त्व

रक्षाबंधन के शुरू होने के सम्बन्ध में बहुत से मत प्रचिलित हैं। रक्षाबंधन त्यौहार के कुछ ऐतिहासिक संदर्भ यहां दिए गए हैं :

  • सिकंदर महान

ऐसा कहा जाता है कि जब सिकंदर ने भारत पर हमला किया, तो उनकी पत्नी उसके बारे में बेहद चिंतित थीं। उसने पोरस को एक धागा भेजा और अलेक्जेंडर को नुकसान न पहुंचाने का अनुरोध किया। उस धागे का मान रखते हुए, पोरस ने युद्ध के दौरान अलेक्जेंडर पर हमला नहीं किया। उन्होंने रोक्साना द्वारा भेजे गए राखी का सम्मान किया। यह घटना आज से 326 ईसा पूर्व की है।

  • रानी कर्णवती

रानी कर्णवती और सम्राट हुमायूं की किंवदंती भी इस पवित्र अनुष्ठान के महत्व पर जोर देती है। ऐसा कहा जाता है कि चित्तौड़ की रानी कर्णवती, जो एक विधवा रानी थीं, ने राखी को भेजकर सम्राट हुमायूं की मदद मांगी। उसने ऐसा इसलिए किया जब उसे एहसास हुआ कि वह अपने राज्य को बहादुर शाह से खुद ही बचा नहीं सकती। हुमायूं ने राखी का सम्मान किया और सभी सैनिकों के खिलाफ लड़ने और चित्तौड़ को बचाने के लिए अपनी सेना भेजी।

निष्कर्ष

रक्षा बंधन भाइयों और बहनों के लिए एक विशेष महत्व रखता है। यह आम आदमी द्वारा मनाया जाता है लेकिन भाइयों और बहनों के बीच पवित्र बंधन को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए देवताओं और देवियों द्वारा भी मनाया जाता था।

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