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गाँधी जयंती पर 10 पंक्तियाँ 2026 | 10 Lines On Gandhi Jayanti In Hindi

अपडेटेड: 19 August 2026

गाँधी जयंती प्रतिवर्ष 02 अक्टूबर को पूरे देश एवं विदेश में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था। महात्मा गाँधी की जयंती को देश भर में राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। गाँधी जयंती के साथ-साथ इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों, कॉलेज, सरकारी संस्थानों, बैंकों में गाँधी जी की जयंती के उपलक्ष्य में बहुत से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, इसके अलावा इस दिन देश में राष्ट्रीय छुट्टी रहती है। महात्मा गाँधी ने देश की आजादी में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनके आंदोलनों के चलते आज हम सब एक आजाद देश में साँस ले रहे हैं।

गाँधी जयंती पर 10 पंक्तियाँ

महात्मा गाँधी ने इस देश को आजादी बिना खून खराबे के दिलाने में अहम योगदान दिया था। अंग्रेजों ने उनके ऊपर बहुत अत्याचार किया लेकिन उन्होनें कभी भी अहिंसा का रास्ता नहीं छोड़ा और अहिंसा के राह पर चलते-चलते इस देश को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिला दी। महात्मा गाँधी को राष्ट्रपिता का दर्जा भी दिया गया है। गाँधी जी को केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत ही मान-सम्मान दिया जाता है।

गाँधी जयंती पर 10 पंक्तियाँ

1. महात्मा गाँधी जी का जन्म 02 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था।
2. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून 2007 को गाँधी जी के जन्मदिवस वाले दिन 02 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।
3. महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था, उनकी माँ का नाम पुतलीबाई और पिता का नाम करमचंद था।
४. महात्मा गाँधी जी की पत्नी का नाम कस्तूरबा गाँधी था एवं उनके तीन बच्चों के नाम हरिलाल गाँधी, मणिलाल गाँधी एवं देवदास गाँधी था।
5. गाँधी जी का निधन 30 जनवरी 1948 को हुआ था। उनको नाथूराम गोडसे नामक व्यक्ति ने गोली मारी थी।
6. गाँधी जी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में बहुत से आंदोलनों में भाग लिया जिनमें कुछ प्रमुख – चम्पारण आंदोलन, खेड़ा आंदोलन, खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, दलित आंदोलन थे।
7. महात्मा गाँधी ने केवल भारत के लोगों को ही स्वतंत्रता का पाठ नहीं पढ़ाया बल्कि पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों एवं स्वतंत्रता के प्रति लोगों को प्रेरित किया।
8. गाँधी जी ने लोगों को सत्य, अहिंसा, शाकाहारी जीवन, ब्रह्मचर्य, सादगी, विश्वास, सन्दर्भ पर चलने का सिद्धांत दिया।
9. गाँधी जी एक बहुत ही अच्छे लेखक थे। उन्होंने हरिजन, इंडियन ओपिनियन यंग इंडिया आदि समाचार पत्रों का संपादन किया। इसके अलावा गाँधी जी ने मासिक पत्रिका नवजीवन भी निकाली।
10. गाँधी जी की मौलिक रूप से लिखित ४ पुस्तकें भी हैं जिनका नाम हिन्द स्वराज, दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह का इतिहास, सत्य के प्रयोग (आत्मकथा) एवं गीता पदार्थ कोश सहित सम्पूर्ण गीता का टीका है।

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